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पर्व एवम त्योहार

मधुरता का प्रतीक रक्षाबंधन (पं० श्रीराम शर्मा आचार्य)

भारतीय देवसंस्कृति की परंपरा में धार्मिक त्यौहारों की भी एक समृद्ध शृंखला है, जिसमें रक्षाबंधन पर्व भी अनादि काल से वसुधैव कुटुम्बकम् की स्नेहमयी भावना का मंत्र फूँक रहा है। भाई- बहिन के पवित्र प्रेम का यह भावना प्रधान पर्व संस्कृति की विजय का भी ...

एकता, समता, शुचिता का प्रतीक : गणेश उत्सव - डॉ. प्रणव पण्ड्याजी

२९ अगस्त २०१४ गणेश चतुर्थी विशेष बडे- बड़े मण्डपों और आकर्षक सजावट के बीच पूरे वर्ष इन्तजार के बाद आता है गणेश उत्सव। पौराणिक मान्यता है कि भाद्रपक्ष मास की शुक्ल चतुर्थी से दस दिन तक भगवान शिव और पार्वती के पुत्र गणेश पृथ्वी पर रहते हैं। गणेश चतुर्थी ...

इस गणेश उत्सव को पर्यावरण पर्व बनाएँ - डॉ. प्रणव पण्ड्याजी

२९ अगस्त २०१४ गणेश चतुर्थी विशेषसन् १८९३, महाराष्ट्र में ब्राह्मणों और गैर ब्राह्मणों के बीच तनाव अपने चरम पर था। तभी समाज सुधारक लोकमान्य तिलक ने दोनों के बीच विग्रहों को समाप्त करने के उद्देश्य से गणेश उत्सव को सार्वजनिक आयोजन का स्वरूप दिय...

श्राद्ध में सूक्ष्म तरंगों की महत्ता (पं० श्रीराम शर्मा आचार्य)

संस्कारों के माध्यम से चेतना जगत के महान वैज्ञानिक ऋषियों ने मानव तत्त्व का गहन विश£ेषण एवं अध्ययन करने के पश्चात्ड्ढ इस तथ्य की घोषणा की कि मृत्यु के बाद शरीर के साथ-साथ आत्मा समाप्त नहीं हो जाती। उसका अपना अस्तित्व बना रहता है। आत्मा अमर, अजर, ...

स्व प्रकाश का प्रेरणा पर्व दीपावली शैल दीदी पण्ड्या

भारतीय संस्कृति में पर्वों त्योहारों का विशेष महत्त्व है। पर्वों के साथ उल्लासमय क्रिया- काण्ड एवं प्रेरक सूत्र दोनों समाए हैं। कर्मकाण्ड और उससे जुड़ी प्रेरणाएँ ये दोनों स्कूटर के दो चक्के के समान हैं। अँधे और पंगे की जोड़ी की तरह दोनों के सम्यक् ...

बंदऊँ गुरुपद पदुम परागा (डॉ. प्रणव पण्ड्या)

गुरुचरणों की भक्ति में तप-साधना की पूर्णता है। गोस्वामी तुलसीदास जी ने अपनी काव्य व्यंजना में इसे तात्त्विक अभिव्यक्ति दी है। उन्होंने रामचरित का गान करने से पहले सद्गुरु चरणों का चरित बखान किया है। इसका गुरुभक्ति में लीन साधकों के लिए विशेष ...

प्रेम- भाव के विस्तार का पर्व: श्रावणी (पं० श्रीराम शर्मा आचार्य)

‘‘एकोऽहं बहुस्याम्’’ की ब्रह्म-आकांक्षा जिस दिन पूरी हुई, कहते हैं उस दिन श्रावणी थी। एक से बहुत होना, सहयोग, सम्पर्क, स्नेह के आधार पर आत्मा में उल्लास विकसित होता है और एकाकीपन की नीरसता दूर होती है। यही ब्रह्म ने किया। सृष्टि का सृजन हुआ, उसमें दो तत्त...

व्रत धारण का त्यौहार : श्रावणी (पं०श्रीराम शर्मा आचार्य)

यजुर्वेद (१९.३०) में कहा गया है- व्रतेन दीक्षामाप्नोति दीक्षयाप्नोति दक्षिणाम्। दक्षिणा श्रद्धामाप्नोति श्रद्धया सत्यमाप्यते॥ अर्थात् व्रत से दीक्षा मिलती है, दीक्षा के समय दक्षिणा दी जाती है। दक्षिणा से श्रद्धा बढ़ती है, श्रद्धा से सत्य ...

हरीतिमा संवर्धन की प्रेरणा देता : श्रावणी पर्व (पं० श्रीराम शर्मा आचार्य)

श्रावणी धार्मिक स्वाध्याय के प्रचार का पर्व है। सद्ज्ञान, बुद्धि, विवेक और धर्म की वृद्धि के लिए इसे निर्मित किया गया, इसलिए इसे ब्रह्मपर्व भी कहते हैं। श्रावणी पर रक्षाबंधन बड़ा ही हृदयग्राही है। श्रावणी वैदिक पर्व है। प्राचीन काल में ऋषि- मुनि इसी ...

ऋषित्व के अभिवर्द्धन का पर्व : श्रावणी (पं० श्रीराम शर्मा आचार्य)

श्रावणी पर्व की अतीत कथाएँ जो भाव दरसाती हैं, उनसे यही स्पष्ट होता है कि पुरातनकाल में ब्रह्मबल संपन्न ब्राह्मण राष्ट्र के नेता होते थे। जन- जीवन को सन्मार्ग पर चलाना उनका कर्त्तव्य था। आसुरी विचारों एवं प्रवृत्तियों से रक्षा करने की जिम्मेदारी ...

सत्यम्, शिवम्, सुंदरम् (डॉ. प्रणव पण्ड्या)

महाशिवरात्रि का महापर्व महाकाल से उनके महारुद्र का शमन करने एवं सदाशिव के स्वरूप को प्रकट करने की भाव भरी आराधना का पर्व है। महाशिवरात्रि का यह पर्व प्रतिवर्ष फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को मनाया जाता है। भारतीय शास्त्रों में इस तिथि का विशेष महत्त्व ...

उमंग और उल्लास का प्रेरणादायी पावन वसन्त पर्व

भगवान् भास्कर के उत्तरायण होते ही सृष्टि का गतिचक्र बदल जाता है। मकर संक्रान्ति की शीतपरक अनुभूतियाँ माघ पंचमी के निकट ...

श्रावणी पर्व संकल्प पर्व के रूप में मनायें (शैल दीदी)

श्रावणी पूर्णिमा को मनाया जाने वाला रक्षाबन्धन का पावन पर्व पारिवारिक मंगल कामना का प्रतीक है, तो राष्ट्रीयता का प्रतीक भी। विजयी भव के शुभ आशीर्वचन के साथ हजारों देवियाँ अपने वीर भाइयों को विदाई देती हैं, तभी तो हर संकट की घड़ी में विजयी होते हम आगे बढ़ ...

माहात्म्य कुंभ पर्व

देवदानवसंवादे मथ्यमाने महोदधौ। उत्पन्नोऽसि तदा कुंभ विधृतो विष्णुना स्वयम्॥ गर्ग संहिता॥ देव दानवों ने जब क्षीरसागर को मथा तब कुंभ भी उत्पन्न हुआ और स्वयं धन्वन्तरि रूपधारी भगवान् विष्णु ने अपने से धारण किया। श्री विष्णु भगवान् के संकेत पर ...




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