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50 गाँवों में चल रहा है नशामुक्ति का सफल अभियान

[Shantikunj,Adarsh Gram Yojana], Dec 23, 2017
बदल रही हैं भावनाएँ, उभर रहा है साहस, निखर रहा है समाज १२ गाँव नशामुक्त हुए जिले में शराब से हर दिन होती थी एक मौतभिण्ड (मध्य प्रदेश)भिण्ड जिले में गायत्री परिवार की पहल ने नशामुक्ति की दिशा में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। वर्ष २०१२ में आरंभ कि किये गये अभियान के फलस्वरूप अब तक जिले के ५० गाँवों को शराब मुक्त कराया जा सका है। ग्राम पुर, भदाकुर सिमराव, कुरथरा, रजगढ़िया, बड़ेपुरा सहित १२ गाँव पूरी तरह से व्यसनमुक्त हो चुके हैं, जबकि शेष गाँवों में अधिकांश लोगों शराब पीना छोड़ दिया है। जब हुईं पाँच मौतगायत्री परिवार के समर्पित कार्यकर्त्ता श्री गंगादीन जादौन के अनुसार अटेर क्षेत्र के पुर गाँव से अभियान का आरंभ तब हुआ, जब शराब पीने के कारण पाँच लोगों की मौत हो गयी। श्री बच्चूलाल नरवरिया ने बताया कि एक एनजीओ के सर्वेक्षण के अनुसार भिण्ड जिले में शराब के कारण प्रतिदिन एक व्यक्ति की मौत होने की जानकारी सामने आयी।तब गायत्री परिवार ने पूरे क्षेत्र में नशामुक्ति का व्यापक अभियान आरंभ कर दिया। गाँव-गाँव कथा, यज्ञ, सत्संग, दीपयज्ञ आदि के कार्यक्रमों की शृंखला आरंभ की गयी। इनका सबसे बड़ा उद्देश्य होता था नशे की हानियों से गाँववासियों को अवगत कराना और उसे छोड़ने के लिए उन्हें संकल्पित कराना। दैवी सहयोग से लोगों के विचार और संस्कार बदलते गये। गाँव के गाँव व्यसनमुक्त होते गये। इस अभियान से क्षेत्र में लड़ाई-झगड़ों में भी बहुत हद तक कमी आयी है और खुशहाली बढ़ी है। श्री रूपसिंह भदौरिया के अनुसार जैसे-जैसे अभियान में शामिल किये गये गाँव शराब मुक्त होते जायेंगे, वैसे-वैसे उनका व्यसनमुक्ति अभियान अन्य गाँवों की ओर बढ़ता जायेगा। बहिनों का शराब बंदी अभियान- ७०० बहिनें देती हैं गाँव में पहराबिलासपुर (छत्तीसगढ़)शहर से ७ किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत लोखंडी की ७०० महिलाओं ने अपने गाँव से नशा और अपराध का कारोबार खत्म करने का बीड़ा उठाया है। ये बहिनें संकल्प और साहस के साथ आगे बढ़ीं तो कुछ ही महीने में गाँव की तस्वीर ही बदल गयी। लोखंडी ५००० की आबादी वाला गाँव है। इसमें आये परिवर्तन का आधार है, बहिनों का संगठन। वे चूल्हा-चौका निपटाकर रोज रात को घर से बाहर निकलती हैं और दो-तीन घंटे गाँव की चौकसी करती हैं। इस बीच कोई शराब पीकर हंगामा करते या संदिग्ध स्थिति में घूमते दिखाई दिया तो बड़ी विनम्रता के साथ हाथ जोड़कर अपनी हरकत बंद करने की गुजारिश करती हैं। उनके विनम्र व्यवहार ने कई अपराधी किस्म के लोगों को भी अपना व्यवहार बदलने पर मजबूर कर दिया है। जो नहीं बदल पाते, उनकी शिकायत थाने में की जाती है। गाँव-गाँव गो संवर्धन-ग्रामोत्थान के प्रयासगौ विज्ञान कथा एवं गौ पुष्टि महायज्ञखण्डवा (मध्य प्रदेश)श्री गंगा गौशाला, छोटी बैड़ीगाव के संस्थापक श्री सुखदेव बाबा एवं गायत्री परिजन पन्नालाल बिरला की टीम के सहयोग से गौ कथा एवं गौ पुष्टि महायज्ञ का आयोजन किया गया। बैड़ियाव, धनगाव, मलगाव, देलगाव, तलवाड़िया, लौहारी के दौ हजार से अधिक भाई-बहनों ने इसमें भाग लेकर गौमाता की विशेषताओं और पंचगव्य से मिलने वाले स्वास्थ्य लाभ आदि की जानकारी ली।  महायज्ञ संचालन के लिए गायत्री धाम सेंधवा से श्री मेवालाल पाटीदार के नेतृत्व में गोविज्ञान विशेषज्ञों की टोली आयी थी। उन्होंने धर्म-संस्कृति के संरक्षण में गौमाता का योगदान, गौ आधारित कृषि के लाभ आदि का सरस ढंग से प्रतिपादन करते हुए श्रोताओं में गौ आधारित जीवन जीने का उत्साह जगाया। इस कार्यक्रम में आदर्श ग्राम विकास और जीवन के उत्थान के लिये नशा-कुरीति उन्मूलन, गायत्री साधना, स्वास्थ्य जैसे अनेक सूत्र भी टोली द्वारा दिये गये। गौ कथा के अंतर्गत अशक्त, निराश्रित गौवंश के लिए दत्तक विधान कराया गया। सैकड़ो भाई-बहनों ने स्वप्रेरित होकर गो ग्रास हेतू अन्नदान, अशंदान, घास भूसा के संकल्प लिये। राधेश्याम खापरिया, दिनेश मोराण्या, आनंदराम करोड़ा, ताराचंदजी गुलिया, जगदीश बिरला, दुलीचंद भमोरिया, गेंदालाल पटल्या आदि की आयोजन की सफलता में प्रमुख भूमिका रही। दूर करेंगे गंगा का दर्द : उभर रहे हैं शानदार संकल्पश्री महेन्द्र सिंह, जिला समन्वयक फैजाबाद ने गौतम अंचल बाँया के छपरा (बिहार) जिले में गंगा की कथा-व्यथा के कई कार्यक्रमों का संचालन किया और कुछ उल्लेखनीय सफलताएँ पायीं। श्मशान रखेंगे स्वच्छ, ११०० पौधे भी लगायेंगे मलखाचक के पिपरा घाट पर आयोजित कार्यक्रम में मुखिया श्री कुनाल कुमार सिंह, स्कूल के अध्यापक और पत्रकार भी पहुँचे। पास में एक लाश जल रही थी, जिसके साथ २०० लोग आये थे। वे भी भावविभोर होकर आरती-चालीसा के कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम से प्रभावित होकर मुखिया ने घाट पर ११०० पौधे लगाने का संकल्प लिया। लाश जलाने के लिए घाट को पक्का करने और  वहाँ १०० रुपये का चंदा लगाकर घाट की सफाई की व्यवस्था करने का संकल्प लिया गया। मछुआरों ने बनाया गंगा सेवा मंडल बंगाली घाट पर कार्यक्रम हुआ, जिसमें वहाँ के नाविक और मछुआरों ने भाग लिया। उन्हें बताया गया कि उनका व्यवसाय गंगा की पवित्रता और प्रवाह पर आधारित है, इसलिए उस पवित्रता और प्रवाह को बनाये रखना आप सबकी नैतिक जिम्मेदारी है, यही आपकी सच्ची ईश्वर आराधना है। श्रोता भावविभोर हो उठे। नाविक और मछुआरे गंगा स्वच्छता अभियान में भी शामिल हुए। गंगा सेवा मंडल बनाने का संकल्प लिया गया। हाजीपुर में घाट पर स्थित एक पुराने मंदिर में निर्मल गंगा जन अभियान का कार्यालय आरंभ किया गया है, जिसके माध्यम से जप, आरती, पूजा, यज्ञ के साथ गंगा स्वच्छता के नियमित कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं।






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Shubham Kumar Chourasiya
2015-05-24 21:24:30
Try to force about close the intoxication.