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अमेरिकी विश्वविद्यालय की गोल्ड मेडलिस्ट बनी शांतिकुंज की बेटी श्रद्धा

  • अपने शोधकार्यों से पीड़ित मावनता की सेवा करना चाहती है कुमारी श्रद्धा ठक्कर

शांतिकुंज के समर्पित कार्यकर्त्ता श्री हरीश ठक्कर, लेखा विभाग प्रमुख और देवकन्या रहीं स्व. श्रीमती पुष्पलता ठक्कर की सुपुत्री कु. श्रद्धा इस वर्ष यूनिवर्सिटी ऑफ अर्कंसास एट लिटिल रॉक एवं यूनिवर्सिटी ऑफ अर्कंसास फॉर मेडिकल साइंस की Student of the Year रही। इसके उपलक्ष्य में दिनांक ५ मई २०१४ को विश्वविद्यालय में आयोजित समारोह में उसे कुलपति ज्वेल ई. एंडरसन ने स्वर्ण पदक से विभूषित किया। श्रद्धा को कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड इन्फॉर्मेशन टेक्रोलॉजी की ओर से वर्ष २०१४ के लिए ‘Outstanding Ph.D. Graduate of the Year’ और ‘Outstanding Student Leader’ के सम्मान भी प्रदान किये गये। 
कु.श्रद्धा बायो-इन्फॉर्मेटिक्स संकाय की मेधावी छात्रा है। उसके उत्कृष्ट कार्यों के लिए विवि. ने उसे पहले भी सम्मानित किया है। 


भावाभिव्यक्ति के भावुक पल

कु. श्रद्धा ने अपनी उपलब्धियों को उस पीड़ित मानवता की सेवा में समर्पित किया जो कैंसर जैसी भयानक बीमारी का दंश झेल रहे हैं। भावाभिव्यक्ति के इन क्षणों में वे अपनी स्नेहसहिला माँ को याद करना नहीं भूलीं, जो दुर्भाग्य से इसी बीमारी का शिकार हुई थीं। उन्होंने कहा कि  मेरे प्रयास से यदि लोगों को कैंसर से बचने में सहायता मिलती है तो यह अपनी माँ को मेरी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। 

कु. श्रद्धा ठक्कर ने सफलता के इस स्वणिम अवसर पर विश्व को वैज्ञानिक अध्यात्मवाद की नयी सोच देने वाले ऋषियुग्म परम पूज्य गुरुदेव-परम वंदनीया माताजी को पुलकित अंतकरण से याद किया। उन्होंने अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रमुख तथा बुआजी-फूफाजी के स्नेहासिक्त रिश्तों को निभाते हुए भरपूर प्यार देने वाले श्रद्धेया शैल जीजी एवं श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या जी की सतत प्रेरणा और प्रोत्साहन को अपनी उपलब्धि का प्रमुख आधार बताया। 

इस अवसर पर कु. श्रद्धा ने अपने विशेष सहयोगी गाइड डॉ. के.आई. वर्गीस एवं डॉ. सेसर एम. कम्पाद्रे के प्रति भी आभार व्यक्त किया। 


अभिभावकों का आशीर्वाद

आद. डॉ. प्रणव पण्ड्या जी एवं आद. शैल जीजी सहित समस्त शांतिकुंज परिवार ने श्रद्धा की इस शानदार सफलता पर उसे हार्दिक बधाई दी। उन्होंने अपने बधाई संदेश में कहा कि श्रद्धा समाज की विशिष्ट विभूति है। पीड़ित मानवता को दुःख-दर्द से मुक्ति दिलाने की उसकी आकांक्षा प्रबुद्ध समाज के लिए प्रेरणादायक है। पिता श्री हरीश ठक्कर ने अपनी बेटी की सफलता पर हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त की। ज्ञातव्य कि श्रद्धा की प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा गायत्री विद्यापीठ, शांतिकुंज में ही हुई थी। 


श्रद्धा के सम्मान में दो शब्द
डिपार्टमेण्ट ऑफ फर्मास्युटिकल साइंसेज़ फ्रॉम युनिवर्सिटी ऑफ अर्कंसास ऑफ मेडिकल साइंसेज़ के डॉ. फिलिप ब्रीन ने कु. श्रद्धा की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कु. श्रद्धा की अपने कार्य के प्रति लगन, उसकी विनम्रता, वरिष्ठों के प्रति सम्मान, पीड़ित मानवता के लिए कुछ करने की उमंग ऐसे गुण हैं जो उसकी आध्यात्मिक पृष्ठभूमि की सार्थकता सिद्ध करते हैं। उसकी सफलता स्वतः सिद्ध करती है कि अध्यात्म व्यक्ति की कार्यदक्षता को बढ़ाने वाला विज्ञान है। 

स्टुडेंट ऑफ द ईयर का सम्मान देने वाली डॉ. एजिलाबेथ, इन्फॉर्मेशन साइंसेज़ की अध्यक्ष तथा डॉ. एरिक सैण्डग्रेन, संकायाध्यक्ष कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड इन्फॉर्मेशन टेक्रोलॉजी ने भी श्रद्धा के विचार और व्यवहार की हार्दिक प्रशंसा की। इस पर अवसर युनिवर्सिटी के कई गणमान्य प्रोफेसर और स्टाफ के सदस्य उपस्थित थे। 








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vinay kumar chaturvedi
2014-07-27 13:50:08
Guru ke rup m aatm vishvas paya h..yog tap bhakti payi h.....sherstam sanskar paya h .....eesi gold medal shardha ko shat shat naman guru mata ki kripa inpr bane rahe .......ye ek kya hajaaro gold meddal paye ...................shardha ko bar bar dhanayavad