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नेशनल मिशन फाॅर क्लीन गंगा द्वारा गंगा मंथन आयोजित

देश की संस्कृति वाहक एवं जीवन रेखा कहलाई जाने वाली राष्ट्रीय नदी गंगा के अस्वच्छ होने से पूरे देश में चिंता का वातावरण निर्मित होता दिखाई दे रहा है। गंगा इस देश में मात्र एक नदी नहीं वरन् माँ गंगा कहलाती है इसी कारण उसके पुत्रों ने इसका उद्धार करने का मानस बनाया एवं देश भर में इसके लिये बृहत् प्रयास किये जाने आरंभ हो गये।

भारत सरकार ने भी इस दिशा में गंभीरता से विचार किया एवं इसके लिये पृथक मंत्रालय का गठन किया। उसी दिशा में एक ठोस कार्ययोजना के निर्माण एवं नीति निर्धारण हेतु भारत सरकार के नेशनल मिशन फाॅर गंगा के द्वारा दि 7 जुलाई 2014 को नई दिल्ली में एक दिवसीय गंगा मंथन का आयोजन किया गया।

पूरे देश से पधारे विविध क्षेत्रों के प्रतिनिधियों में शन्तिकुन्ज से भी दो प्रतिनिधि ने श्री कालीचरण शर्मा के नेतृत्व में इसमेसहभाग किया। निर्धारित व्यवस्था में दो प्रतिनिधि धर्मगुरु समूह में एवं एक प्रतिनिधि ने एन जी वाले समूह में सहभाग किया।

शन्तिकुन्ज प्रतिनिधि श्री कालीचरण शर्मा, श्री सदानन्द अम्बेकर व श्री योगेन्द्र गिरी ने निर्मल गंगा जन अभियान की जानकारी देते हुये कहा कि पांच चरणों के माध्यम से गंगा की निर्मलता को पुनः स्थापित किया जा सकता है। जब तक गंगा को निर्मल बनाने के लिये जन सहभागिता नहीं होगी तब तक यह संभव नहीं है। उन्होंने निर्मल गंगा के लिये गायत्री परिवार के प्रयासों की विस्तृत चर्चा की।

इस अवसर पर श्री शर्मा ने अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख शैलबाला पण्डया एवं डाॅ प्रणव पण्डया जी की अध्यक्षता में अखिल विश्व गायत्री परिवार के इस आंदोलन में सहयोग का पूर्ण विश्वास दिलाया।

पेजावर मठ के स्वामी विश्वेष तीर्थ की अध्यक्षता में अनेक धर्मगुरुओं के साथ विभिन्न समूहों में इस पर विमर्श हुआ। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार की गंगा पुनर्जीवन मंत्रालय की केन्द्रीय मंत्री सुश्री उमा भारती ने शान्तिकुन्ज द्वारा चलाये जा रहे निर्मल गंगा जन अभियान के एक चरण की चर्चा करते हुये कहा कि मैेने स्वयं नई टिहरी के आयोजन में सहभागिता की थी। गायत्री परिवार का जन आंदोलन सराहनीय है।

इस अवसर पर भारत सरकार की ओर से वरिष्ठ मंत्री श्री नितिनगड़करी, जहाजरानी एवं भूतल परिवहन, सुश्री उमा भारती, मंत्री जल संसाधन एवं गंगा पुनर्जीवन, वन,पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रकाश जावडेकर के अतिरिक्त विविध संस्थाओं के अनेक गणमान्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।








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Pramod Sahu
2014-07-13 15:04:00
A Grand Initiative with the Blessings of Gurusatta.. Collective whole-hearted efforts with active community participation will be the key to success..
Sharadchandra Thakorlal Desai
2014-07-10 17:19:34
Yes Dr. is right.Proper watch at administrative level is necessray.
Dr.Jitender Kumar Jangra
2014-07-10 11:12:38
Congratulations to all for this national and social movement. .......There is one suggestion- Plz do not allow to put industrial pollutants and debris; and swage water in Ganga at any cost...
Dr.Jitender Kumar Jangra
2014-07-10 10:49:18
Congratulations to all for this national and social movement. .......There is one suggestion- Plz do not allow to put industrial pollutants and debris; and swage water in Ganga at any cost...