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युवा पीढ़ी को बचायें दुर्व्यसनों से: डॉ प्रणव पण्ड्याजी

[Shantikunj,Pracharatmak],
महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ एवं बिहार के युवाओं ने लिये आदर्श भारत बनाने के संकल्प! 

शराब व अन्य नशीली चीजों के व्यवसाय से जितनी आय होती है, उससे कहीं ज्यादा समाज का नुकसान होता है। शराब कई सामाजिक बुराइयों की जड़ है। इसके दूरीकरण के लिए समाज के प्रबुद्ध वर्ग को विशेष पहल करने की जरूरत है, तभी देश की युवा पीढ़ी की दशा व दिशा सुधर सकती है। यह बात गायत्री परिवार के प्रमुख डॉ प्रणव पण्ड्या ने मीडिया से बात करते हुए कही। डॉ. पण्ड्याजी पटना के ऐतिहासिक गाँधी मैदान में युवाओं को शराब आदि दुर्व्यसनों से मुक्त कराने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय यूथ एक्पो का नेतृत्व कर लौटे थे। उन्होंने सम्मेलन में नशों की हानियों से अवगत कराते एवं अध्यात्म के अवलम्बन पर जोर देते हुए कहा अध्यात्म समाज को विकास की सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। अध्यात्म से भटका व्यक्ति या समाज विकास नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय  में युवाओं को सही मार्गदर्शक की आवश्यकता है। आज के युवा महाभारत के अर्जुन की तरह आशंकित हैं, जो परीक्षा से डर जाता है। युवाओं को मार्गदर्शन करने के लिए श्री योगेश्वर की भाँति समाज के समझदारों को उनके साथ खड़ा होकर उनका मार्गदर्शन करना चाहिए। देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ पण्ड्या ने कहा कि गुरुकुल की तर्ज पर संचालित देसंविवि समाजनिष्ठ व ईमानदार युवाओं को गढ़ने और नये युग के निर्माण में उनका नियोजन करने के युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी के स्वर्णिम सपने को साकार करने में जुटा है। यहाँ अध्ययनरत युवा समाज के विकास में अपनी भूमिका- सहयोग को सर्वाेपरि मानते हैं। 

समाज में हो रही दुर्घटनाओं पर दुःख व्यक्त करते हुए डॉ. पण्ड्याजी ने कहा कि शराब व अन्य  दुर्व्यसनों में जकड़े युवाओं के कारण ही कई प्रकार की दुर्घटनाएं हो रही हैं। इससे युवा पीढ़ी खुद  भी भयभीत है। डॉ. पण्ड्याजी ने कहा कि तीन दिवसीय इस प्रांतीय युवा चेतना शिविर (युथ एक्सपो- २०१४) के माध्यम से कई हजार युवा स्वयं दुर्व्यसन छोड़ने व अपने साथियों को इससे दूर रखने के लिए संकल्पित हुए हैं। एक बड़ी संख्यक युवाओं ने दहेजरहित शादी करने के  संकल्प लिए। इससे पूर्व छत्तीसगढ़ के कोरबा, एवं महाराष्ट्र के चन्द्रपुर में भी हजारों युवा इस ओर संकल्पित हुए हैं। इन तीनों स्थानों में एक लाख से ज्यादा युवाओं ने सुनहरा भविष्य के प्रति आशान्वित हुए हैं। इन युवाओं ने आश्वस्त किया है कि वे अपने राज्य के विकास के लिए  भरपूर सहयोग देंगे। इन युवाओं ने इस आशय को लेकर जगमगाते दीपकों की साक्षी में संकल्पित हुए। इस अवसर पर कार्यक्रम को संपन्न कराने पहुँचे देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के  प्रतिकुलपति डॉ चिन्मय पण्ड्या, युवा प्रकोष्ठ के केदार प्रसाद दुबे, सूरज प्रसाद शुक्ल सहित स्थानीय वरिष्ठ प्रतिनिधि गण भी मौजूद थे।






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