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देहरादून में आयोजित हुआ गंगा संवाद - गंगा की कथा व्यथा

भारत की आस्था की केन्द्र, माँ गंगा की निर्मलता को पुनस्र्थापित करने हेतु अखिल विश्व गायत्री परिवार शान्तिकुन्ज हरिद्वार द्वारा निर्मल गंगा जन अभियान चलाया जा रहा है। गंगा की स्वच्छता हेतु जन जागरण उत्पन्न करने हेतु विभिन्न नगरों में गंगा संवाद के विशेष आयोजन किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में दि 13 दिसं 2014 को देहरादून में ऐसा ही आयोजन किया गया। नगर निगम के टाउन हाॅल में सम्पन्न इस संवाद में उ0ख0 विधान सभा के उपाध्यक्ष श्री अनुसुईया प्रसाद मैखुरी, दे सं वि वि के प्रति कुलपति श्री डाॅ चिन्मय पण्ड्या, प्रदेश के मौसम विभाग के निदेशक श्री डाॅ आनंद शर्मा, गढ़वाल रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक श्री संजय गुंजियाल, नगर के मेयर श्री विनोद चमोली, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त प्राचार्य श्री पी एस कालरा एवं अन्य प्रमुख गणमान्य नागरिक एवं उद्योगपति विशेष रूप से उपस्थित रहे।
प्रदेश के मुख्यमंत्री जी ने परंपरागत ढंग से दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया एवं आवश्यक कार्य से दिल्ली प्रस्थान किया। उनके प्रतिनिधि के रूप मेंश्री मैखुरी ने कहा कि गंगा की स्वच्छता का उत्तरदायित्व सरकार के साथ साथ सामान्य नागरिक का भी है। उन्होंने बांधों को विकास हेतु आवश्यक बताया किंतु जल की निर्मलता हेतु विशेष प्रयासों का आश्वासन दिया। उन्होंने विशेष उल्लेख किया कि गायत्री परिवार से जुड़ने का अनेक बार प्रयास एवं विचार किया किंतु आज इस कार्यक्रम में पवित्र उद्देश्य से गायत्री परिवार से मैं जुड़ गया हूँ एवं आगे शान्तिकुन्ज अवश्य आऊंगा।
चर्चा को दिशा देते हुये शान्तिकुन्ज के वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं निर्मल गंगा अभियान कार्यालय के श्री केदार प्रसाद दुबे ने पी पी टी के माध्यम से गंगा की कथा-व्यथा बताई। उन्होंने कहा कि इसकी सफलता के लिये हमारे विचारों की शुद्धि आवश्यक है। इसके लिये चलाये जा रहे निर्मल गंगा जन अभियान पर उन्होंने विशेष प्रकाश डाला एवं सभी से सहयोग का आह्वान किया। 
मौसम विज्ञान के निदेशक डाॅ आनंद शर्मा ने गंगा की स्वच्छता  के लिये ठोस कचरा निपटान के अनूठे उपाय सुझाये जैसे-खाद्य पदार्थों के रैपर वापिस करने पर कंपनी कुछ राशि वापिस करे, गंगा के जल की ही प्रत्यक्ष पैकेजिंग कर विक्रय किया जाये, गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं जैसे सब लोग थैला लेकर चलने का अभ्यास डालें आदि।
राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त प्राचार्य श्री पी एस कालरा ने अपनी भावनायें व्यक्त करते हुये बताया कि मैं इस अभियान से प्रभावित हूँ एवं विश्वास दिलाता हूँ कि देहरादून के सभी 54 विद्यालयों में गंगा मे प्रति चेतना जागरण हेतु विविध आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों को इससे जोडूंगा। ज्ञातव्य है कि वे स्वयं प्राईवेट स्कूल संघ के पदाधिकारी भी हैं।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डाॅ चिन्मय पण्ड्या  ने कहा कि वर्तमान में हम अपनी जिम्मेदारियों से बचने का प्रयास कर रहे हैं। गायत्री परिवार के सभी कार्यकर्ता सच्चे लोकसेवी हैं जिन्होंने देश के लिये अपना सर्वस्व अर्पण किया है। गंगा हमारे लिये हमारी संस्कृति की प्रतीक है। गंगा दिलों की दूरियों को धोती है। गंगा को मैला करना वैसा ही जैसे उसी डाल को काटना जिस पर हम बैठे हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह हमारी कैसी विचारधारा है कि हम जिसे माँ कहते हैं उसका ही  निरादर करते हैं, गंगा को माँ कहते हैं उसे प्रदूषित करते हैं, देश को माँ कहते हैं उसमें भ्रष्टाचार करते हैं, नारी को माँ कहते हैं उसके साथ दुराचार करते हैं, हमारी यह सोच हमें बदलनी होगी। आज हम जब यहाँ से जायें तो यह सोच लेकर जायें कि गंगा के लिये सरकार के अलावा हम क्या कर सकते हैं ?
डी आई जी श्री गुंजियाल  ने कहा कि गायत्री परिवार की निष्ठा अतुलनीय है। उनके इस निर्मल गंगा अभियान के परिणाम दूरगामी हैं और हम अपने पूरे दल बल के साथ इससे अवश्य जुडेंगे।
मुख्य अतिथी श्री चमोली, देहरादून मेयर ने कहा कि शान्तिकुन्ज एक महान अभियान लेकर चला है। सभी सरकारें व अन्य संस्थायें इस दिशा में कार्य कर रही हैं। आज गंगा को हमने बांध दिया है उस पर अतिक्रमण कर लिया है। हम अपनी भूमिका को नहीं पहचान पाये हैं। हम इसलिये कुछ ऐसा बेहतर करें कि हमारी आने वाली पीढ़ी हम पर गर्व कर सकें। गंगा विषय पर हमारी कई पीढ़ियों को खपाना पड़ेगा तब गंगा का मान वापिस आयेगा।
उद्योगपतियों की ओर से बोलते हुये हिमालयन ड्रग कंपनी के मुख्य प्रबंध निदेशक डाॅ फारूख ने कहा कि गंदगी के कारण एवं स्रोत सबको पता है पर इस स्थिति को बदलने के लिये केवल हमारे दृढ़ निश्चय एवं संकल्प की आवश्यकता है। हम गंगा के मार्ग को रोकने का प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि - ’’ पेड़ पौधे मिट्टी दरिया और गंगा दोस्तों, ये धरती का लिबास और गहने दोस्तों ’’, निर्मल गंगा जन अभियान की विशेषता यही है कि इससे जन जन को जोड़ा जा रहा है।
कार्यक्रम का सफल संचालन श्री डाॅ वी एन जोशी ने किया एवं अंत में देहरादून के जिला संयोजक श्री डंगवाल ने आभार प्रदर्शन कर कार्यक्रम के समापन की घोषणा की।






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