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गंगा की पवित्रता को कायम रखने हेतु 27 अक्टूबर से निकलेंगे पर्यावरण प्रेमी

[ हरिद्वार], Aug 11, 2015
गंगा के दोनों तटों पर चलेंगी 500 साइकिलें, साथ ही होंगे पैदल यात्री भी

अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा निर्मल गंगा जन अभियान के चतुर्थ चरण एक नये आन्दोलन के रूप में प्रारभ हो गया। इस आन्दोलन के अन्तर्गत 2525 किमी लम्बी गंगा के तटों को 11 अंचलों में बाँटकर यह आन्दोलन चलाया जाएगा। 27 अक्टूबर से प्रारम्भ हो रहे चौथे चरण के अन्तर्गत मैदानी अंचलों में 500 साइकिल यात्री तथा पहाड़ी अंचलों में पैदल यात्री गाँववासियों को गंगा को निर्मल बनाये रखने, तटों को स्वच्छ रखने के साथ ज्यादा से ज्यादा पैदल या साइकिल का प्रयोग पर्यावरण संरक्षण के मद्देनजर करने हेतु प्रेरित करेंगे। गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्याजी ने चौथे चरण के शुभारम्भ पर यह जानकारी दी। डॉ. पण्ड्याजी ने कहा कि 2011 से ही गायत्री परिवार अपने जनक पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी को श्रद्धाञ्जलि के रूप में नदी शुद्धि का कार्यक्रम चला रहा है। इसके अन्तर्गत गंगा जलशुद्धि अभियान के प्रारंभिक तीन चरण सकुशल संपन्न हो चुके हैं, जिसमें 800 गंगा मण्डलों की स्थापना अब तक हो चुकी है। चौथे चरण में जन जागृति का यह आगाज गाँवों के प्रत्येक घरों तक पहुँचेगा, जिसका सबसे सरल माध्यम साइकिल है। अति आधुनिक इन साइकिलों से सृजन शिल्पी गाँवों में स्वावलम्बन, स्वच्छता, सेवा और वृक्षगंगा अभियान का कार्य करेंगे। डॉ. पण्ड्याजी ने कहा कि पूज्य गुरुदेव ने साइकिल को इक्कसवीं सदी का वाहन कहा है, क्योंकि साइकिल ही एक मात्र ऐसा साधन है, जिसके माध्यम से घर घर तक पहुँचा जा सकता है। इसमें किसी प्रकार के ईंधन की आवश्यकता नहीं है और न ही कोई प्रदूषण है, जिससे पर्यावरण प्रदूषण के पैदा होने की आशंका हो। यह आन्दोलन आने वाले दिनों में जन आन्दोलन का रूप लेकर आदर्श गाँवों की स्थापना में सहयोगी बनेगा। चतुर्थ चरण का प्रशिक्षण गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में आज सम्पन्न हुआ।

निर्मल गंगा जन अभियान के केदार प्रसाद दुबे ने कहा कि गंगा को पवित्र बनाने के लिए हरे भरे स्वच्छ तट, आदर्श ग्राम, तीर्थ गरिमा की रक्षा और दूषित जल स्रोत प्रबंधन की बहुत आवश्यकता है। इसको एक दिन या एक साल में पूरा नहीं किया जा सकता। यह एक लम्बा कार्य है। गंगा और पर्यावरण शुद्धि की महत्ता को समझकर इस आन्दोलन में सामूहिक रूप से कार्य करना होगा।







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