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अंतरराष्ट्रीय योग चैम्पियनशिप में देसंविवि ने जीते कई पदक

[पाण्डिचेरी ], Jan 13, 2017
हरिद्वार १३ जनवरी।

पाण्डिचेरी में हुए २३वें अंतरराष्ट्रीय योग चैम्पियनशिप में हरिद्वार स्थित देवसंस्कृति विश्वविद्यालय ने कई पदक जीतकर उत्तराखण्ड का नाम एक बार फिर रोशन किया है। प्रतियोगिता में देसंविवि ने तीन स्वर्ण, दो रजत, तीन कांस्य तथा दो सांत्वना (चौथा) कुल नौ पुरस्कार जीतकर योग के क्षेत्र में देवभूमि का लोहा मनवाया है। विवि लौटने पर प्रतिभागियों का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया।

लौटने पर कुलाधिपति डॉ. प्रणव पण्ड्याजी ने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए अपने अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा कि विवि का वातावरण, आहार प्रबंधन एवं शारीरिक संतुलन विद्यार्थियों को सतत आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने गीता के विभिन्न सूत्रों के माध्यम से  जीवन में योग की उपयोगिता एवं महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्याजी ने कहा कि विवि के विद्यार्थी योग प्रदर्शन ही नहीं, योग के सूत्रों को जीवन में अपना रहे हैं, जिससे शारीरिक एवं मानसिक संतुलन सहज हो रहा है। उन्होंने कहा कि भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच योग संजीवनी बूटी की तरह है।

देसंविवि के योग कोच डॉ. सुनील यादव व ज्योति मालवी ने बताया कि योग की जागरूकता एवं उसके प्रचार-प्रसार के उद्देश्य पाण्डिचेरी सरकार व पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्त्वावधान में प्रत्येक वर्ष जनवरी के प्रत्येक सप्ताह में योग के अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन होता है। इसमें भारत सहित कई देशों के योग प्रशिक्षु एवं योग विज्ञान के विद्यार्थी भागीदारी करते हैं। प्रतियोगिता कई आयु वर्ग में आयोजित होती हैं। इस वर्ष देसंविवि से १७ छात्र-छात्राएँ भागीदारी करने पहुँचे थे, जिसमें २१ से २५ आयु की महिला वर्ग में दिलराजप्रीत कौर और नीलम रतूड़ी ने तथा २६ से ३५ आयु की महिला वर्ग में गरिमा जायसवाल ने स्वर्ण पदक जीतकर एक बार पुनः देवभूमि का नाम रोशन किया। २१ से २५ आयु के पुरुष वर्ग में ही नवकांत जुयाल और सुरेन्द्र ने रजत पदक तथा कुलदीप जंघेला व राजेश चौधरी ने कांस्य पदक जीते। १६ से २० आयु के पुरुष वर्ग में शोयब ने कांस्य पदक जीता। २१ से २५ आयु की महिला वर्ग में कु. अमृता और २६ से ३५ आयु के पुुरुष वर्ग में सुनील वर्मा को सांत्वना (चौथा) पुरस्कार मिला। डॉ. यादव ने बताया कि इस प्रतियोगिता में भारत, चीन, थाइलैण्ड सहित कुल ५ देशों के ग्यारह सौ से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।






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