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शांतिकुंज पहुँचे कई राज्यों के संचार मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी

[Shantikunj], Mar 05, 2017
गायत्री तीर्थ की गतिविधियों से हुए अभिभूत
कहा कि देसंविवि व शांतिकुंज में समाज निर्माण का हो रहा अभिनव प्रयोग

हरिद्वार ५ मार्च।

राजस्थान की सुश्री प्रियंका गुप्ता (वरिष्ठ आईएएस) के नेतृत्व में संचार (पोस्टल) मंत्रालय के १० वरिष्ठ अधिकारी अपने दो दिवसीय प्रवास में गायत्री तीर्थ शांतिकुंज व देवसंस्कृति विश्वविद्यालय पहुँचे। यहाँ उन्होंने शांतिकुंज द्वारा संचालित हो रहे विभिन्न रचनात्मक एवं युवाओं के सुधारात्मक कार्यक्रमों से रुबरू हुए। सभी ने एक मत से स्वीकार किया कि देशभर में समाज कल्याण की दिशा में गायत्री परिवार ने अभिनव प्रयोग करते हुए जो गतिविधियाँ चला रहा है, वह अद्वितीय है। समाज के दूसरे वर्गों को भी इससे प्रेरणा लेनी चाहिए।

इन अधिकारियों ने गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्याजी एवं संस्था की अधिष्ठात्री शैलदीदी जी से मुलाकात की। श्रद्धेया शैलदीदीजी से मिले अपनत्व व ममत्व से वे गद्गद हो गये। इस अवसर पर डॉ. पण्ड्याजी ने कहा कि गायत्री परिवार समाज कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। पीड़ित मानवता की सेवा गायत्री परिवार का महत्त्वपूर्ण कार्यों में है। उन्होंने कहा कि युवा क्रांति वर्ष- २०१७ के अंतर्गत देश भर में युवाओं हेतु स्किल डेवलपमेंट, कुटीर उद्योग सहित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं। कहा कि देश के लाखों युवा पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण, जलस्रोतों की सफाई, कुरीति उन्मूलन आदि रचनात्मक गतिविधियों में जुटे हैं। उन्होंने गंगोत्री से गंगासागर तक २५२५ किमी की दूरी तय करने वाली पतित पावनी गंगा को निर्मल व अविरल बनाये रखने के लिए चलाई जा रही गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी। श्रद्धेया शैलदीदी जी ने कहा कि निःस्वार्थ भाव से समाज सेवा करने से ईश्वर भी प्रसन्न होते हैं और उनका संरक्षण प्राप्त होता है।

उधर देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्याजी ने इन अधिकारियों को पॉवर पाइंट प्रेजेटेंशन के माध्यम से युवाओं की वर्तमान स्थिति को सुधारने की दिशा में चलाये जा रहे कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी। साथ ही अधिकारियों ने देसंविवि के स्वावलंबन कार्यशाला, जड़ी बूटी निर्माणशाला सहित विभिन्न प्रकल्पों का अध्ययन किया।

दलनायक प्रियंका गुप्ता ने बताया कि टीम में राजस्थान के तीन, केरल- तीन, तेलंगाना, आसाम, पंजाब एवं तमिलनाडू के एक- एक वरिष्ठ अधिकारी (संचार मंत्रालय) शामिल हैं। सभी ने हवन आदि में भाग लिया एवं भारतीय संस्कृति के उन्नयन हेतु चलायी जा रही गतिविधियों में भी भागीदारी की।






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