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राज्यपाल ने देसंविवि के एनएसएस के समन्वयक व विद्यार्थियों को किया सम्मानित

[Shantikunj], Mar 07, 2017
हरिद्वार, ७ मार्च।

राज्यपाल डॉ. केके पॉल ने देवसंस्कृति विश्वविद्यालय, शांतिकुंज की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के समन्वयक डॉ. अरुणेश पाराशर एवं स्वयंसेवियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन, राष्ट्रीय परेड एवं सेवा कार्यों के लिए सम्मानित किया। एनएसएस के अंतर्गत राष्ट्रीय जागरूकता कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने एवं उत्तराखण्ड के ग्रामीण इलाकों में रचनात्मक सेवा कार्यों को चलाने में देसंविवि ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

डॉ० पाराशर एवं टीम ने राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रमों में बढ़- चढ़कर प्रतिभागिता की गयी है। राष्ट्रीय परेड से लौटे स्वयंसेवी कु० प्राची अग्रवाल, गौतम कुमार एवं मनोज कुमार को भी परेड मे विशिष्ट योगदान हेतु राज्यपाल डॉ. पॉल ने प्रशस्ति पत्र एवं मेडल भेंटकर सम्मानित किया। विशेष रूप से प्रधानमंत्री कार्यालय से उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पूरे दल को महामहिम द्वारा शुभकामनाएँ दी गयीं। इस अवसर पर राज्य रा.से.यो. अधिकारी डॉ. विनोद कुमार ने देसंविवि के विभिन्न जागरूकता कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड राज्य में रा.से.यो. के अंतर्गत देसंविवि राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान रखता है। कार्यक्रम में जिला समन्वयक श्री. एस.पी.सिंह, श्रेत्रीय केन्द्र लखनऊ से आए श्री जमुना प्रसाद एवं यूकॉस्ट से जुड़े डॉ. प्रशांत सिंह भी उपस्थित थे।

सम्मान समारोह से लौटने के बाद एनएसएस के कार्यकर्त्ताओं ने कुलाधिपति डॉ. प्रणव पण्ड्याजी से भेंटकर आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर डॉ. पण्ड्याजी ने कहा कि सेवा की कोई भी क्षेत्र हो, देसंविवि के शिक्षक एवं विद्यार्थी पूरे मनोयोग के साथ आगे बढ़ते हैं। यहाँ भारतीय संस्कृति एवं ऋषियों की सेवाभाव से प्रेरित होकर कार्य किये जाते हैं। प्रतिकुलपति डॉ० चिन्मय पण्ड्याजी ने कहा कि देसंविवि के कुलपिता युगऋषि पं.श्रीराम शर्मा आचार्य की कर्मभूमि से सबको प्रेरक कार्य करने की प्रेरणा मिलती रहती है। प्रतिकुलपति ने कहा कि मनुष्य जीवन के इस छोटे से जीवन में जितना हो सके शुभ कार्य करने एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के माध्यम से विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाना ही युवा क्रांति वर्ष- २०१७ का लक्ष्य है।








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