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शांतिकुंज में पश्चिम उ.प्र. के १६ जिलों की विशेष संगोष्ठी आयोजित

[Shantikunj],
कर्मयोगी की तरह कार्य करें : डॉ. पण्ड्याजी

हरिद्वार १२ मई।
अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्याजी ने कहा कि ज्ञानयोगी की तरह सोंचे, कर्मयोगी की तरह कार्य करें और भक्तियोगी की तरह जन- जन की सद्भावनाओं को पोषित करने का कार्य करें, तो निश्चय मानें, हमारा परिवार, समाज व राष्ट्र उन्नति दर उन्नति करता जायेगा।

वे गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में आयोजित पश्चिम उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर, मेरठ, नजीबाबाद, मुरादाबाद, बरेली सहित सोलह जिलों के छः सौ से अधिक वरिष्ठ कार्यकर्त्ता भाई- बहिनों की विशेष संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज पूरा समाज गायत्री परिवार की ओर आशा भरी दृष्टि से देख रहा है। हम सभी को अपनी कर्मठता एवं सेवा भाव से ज्यादा से ज्यादा उनके विश्वास पर खरा उतरना है। उन्होंने कहा कि वृक्षगंगा अभियान, निर्मल गंगा जन अभियान, बाल संस्कारशालाएँ, कन्या कौशल शिविर, युवा जागरण शिविर सहित गायत्री परिवार द्वारा संचालित विभिन्न आंदोलनों में जन भागीदारी निरंतर बढ़ रही है।

डॉ. पण्ड्याजी ने कहा कि युवाक्रांति विस्तार वर्ष के अंतर्गत आगामी सितम्बर माह से कश्मीर, जैसलमेर, इटानगर एवं कन्याकुमारी से चार वीडियो रथ निकाले जायेंगे, जो देशभर में भ्रमण करते हुए युवा वर्ग में राष्ट्रीयता के प्रति प्रेम भाव जगाने एवं उन्हें कुरीति उन्मूलन की दिशा में सार्थक पहल करने के लिए प्रेरित करेंगे। रथ जनवरी के अंत में नागपुर पहुँचेंगे, जहाँ देश भर से पहुँचे युवाओं को रचनात्मक कार्य करने के लिए संकल्पित कराये जायेंगे। इस अवसर पर शांतिकुंज के अतीत के संस्मरणों की याद करते हुए डॉ. पण्ड्याजी ने कहा कि किसी भी संगठन व परिवार की महत्त्वपूर्ण इकाई उनके निकटवर्ती परिजन होते हैं। वरिष्ठ कार्यकर्त्ता डॉ. बृजमोहन गौड़ ने समयदान के युगधर्म पर विस्तार से प्रकाश डाला।

प्रज्ञा अभियान के संपादक श्री वीरेश्वर उपाध्यायजी ने कहा कि विचारवानों के लिए यह समय सौभाग्य के उदय का है। समापन सत्र को संबोधित करते हुए शांतिकुंज व्यवस्थापक श्री गौरीशंकर शर्माजी ने समय की माँग को देखते हुए रचनात्मक कार्यक्रमों को गति देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक युगऋषि के सद्विचारों को पहुंचाने के लिए अपना समय, श्रम, साधन तथा प्रतिभा को अवश्य लगाये।







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