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मध्यप्रदेश में गायत्री महामंत्र लेखन का विराट अभियान

[Madhya Pradesh], Aug 06, 2017
सवा पाँच करोड़ मंत्र लेखन का संकल्प आधे से ज्यादा पूरा हो चुका है 
खण्डवा। मध्य प्रदेश 

गायत्री शक्तिपीठ खंडवा ने मातृशक्ति श्रद्धांजलि महापुरश्चरण के अंतर्गत गायत्री महामंत्र लेखन अभियान के माध्यम से गायत्री के तत्त्वदर्शन को गाँव- गाँव, घर- घर तक पहुँचाने का बृहद् अभियान आरंभ किया है। इसके अंतर्गत पूरे खंडवा जिले में ५,२५,००,००० महामंत्र लिखवाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से आधे से अधिक मंत्रलेखन कार्य तो अब तक पूरा भी हो गया है। इस अभियान ने जिला संगठन में गज़ब के प्राण फूँके हैं। 

श्री बृजेश पटेल के अनुसार दैवयोग और समर्पित कार्यकत्ताओं के नैष्ठिक प्रयासों से यह अभियान जिले में खूब लोकप्रिय हुआ। कुल ६० हजार मंत्रलेखन पुस्तिकाएँ मँगायी गयीं। गायत्री जयंती से पूर्व उन्हें वितरित करने के लिए शक्तिपीठ खंडवा पर एक गोष्ठी की गयी। पूरे जिले के ७५० कार्यकर्त्ताओं ने उसी दिन संकल्प पूर्वक ३० हजार पुस्तिकाएँ ले लीं और अपने यहाँ घर- घर जाकर वितरित कर दीं। 

गायत्री जयंती ४ जून से मंत्रलेखन अभियान आरंभ हुआ और गुरुपूर्णिमा- ९ जुलाई तक ये सारी पुस्तकें लिखवाकर वापस एकत्रित भी कर ली  गयी थीं। शेष ३० हजार पुस्तिकाओं के लेखन का अभियान भी शीघ्र ही पूरा कर लिया जायेगा। शक्तिपीठ खंडवा, छैगाँवमाखन, मूँदी, पंधाना और चेतना केन्द्र टेमीखुर्द, पुनासा, खालवा, सिंगोर, बोराडीभाल, कोलगाँव, बोगरदा, नर्मदा नगर, गाँधवा, रोशनहार, आरूद, गोराडिया, सोमगाँव, बोरगाँव बुजुर्ग, भिगाँवाँ, चमाटी, अंबासेल, बरूड़, काकरिया, सिरसौद, भगाँवाँ, धनगाँव, डाभी, सुकवी, भोगाँवाँ, सुरगाँव, बेजारी, पनालीभाल, बड़गाँवमाली, सालई, हरसूद, आबूद के प्रज्ञा- महिला मण्डलों ने इस अभियान को गति देने में राम के रीछ- वानरों जैसा उत्साह दिखाया। २५ से अधिक मंत्रलेखन कराने वालों को पुरस्कार स्वरूप टेबल कैलेण्डर भेंट किये जा रहे हैं। 

जनमानस में छाई आस्था की झलकियाँ • एक मजदूर बहिन ने २५० पुस्तिकाएँ लीं और घर- घर जाकर लिखवायीं। • कई अनपढ़ भाई- बहिनों ने भी मंत्रलेखन किया, जो आश्चर्यजनक है। • बड़ी संख्या में परिवारी जनों ने २४००० मंत्र लेखन किये। • ६ वर्ष के बालक से लेकर ९० वर्ष तक के बुजुर्गों ने मंत्रलेखन साधना की। बड़ी श्रद्धा के साथ मंत्र लिखने में जुट गये हैं। • अनेक शक्तिपीठ- शाखाओं में सामूहिक मंत्रलेखन कराये जा रहे हैं। • विद्यालयों में विद्यार्थियों से २- २ पेज मंत्र लेखन कराये। 






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