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ट्रेन हादसा से प्रभावित लोगों की सेवा सुश्रुषा में जुटा शांतिकुंज

[Shantikunj, Haridwar], Aug 20, 2017
म.प्र., त्रिपुरा, गुजरात छ.ग सहित सात राज्यों के १०३ लोग पहुंचे घायलों का उपचार भी हो रहा है शांतिकुंज चिकित्सालय में 

हरिद्वार २० अगस्त। 
१९ अगस्त की सायं हुई कलिंग उत्कल एक्सप्रेस के भीषण हादसा के समाचार मिलने के तुरंत बाद गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्याजी एवं संस्था की अधिष्ठात्री शैलदीदीजी ने शांतिकुंज आपदा प्रबंधन दल को राहत कार्य में जुटने का निर्देश दिया। निर्देश पाकर आपदा प्रबंधन की टीम सायं ७ बजे घटना स्थल के लिए रवाना हो गयी। इसके साथ ही मेरठ व मुजफ्फरनगर के गायत्री परिजनों को भी पीड़ितों की तत्काल सेवा करने को कहा गया। देर रात तक शांतिकुंज आपदा प्रबंधन टीम सेवा सुुश्रुषा में जुटी रही। 

वहीं शांतिकुंज, जिला प्रशासन एवं रेलवे के सहयोग से देर रात तक म.प्र के ६०, उ.प्र के १४, त्रिपुरा के १०, छत्तीसगढ़ के १०, हरियाणा के ०२, गुजरात के ४ एवं ओडिशा के ०३, प्रभावित लोग गायत्री तीर्थ पहुँचे। व्यवस्थापक श्री गौरीशंकर शर्मा जी की देखरेख में उनकी चिकित्सा, भोजन आवास आदि की पूरी व्यवस्था की गयी। श्री शर्मा के अनुसार ५ घायलों की चिकित्सकीय उपचार शांतिकुंज चिकित्सालय में की जा रही है। इस यात्रा में बस्तर के परिजन श्री मनोज प्रधान भी यात्रा कर रहे थे, उनके पैर में गंभीर चोट आई है और मुजफ्फरनगर के  जिला चिकित्सालय में उपचार चल रहा है। राहत कार्य में छत्तीसगढ़ जोन के समन्वयक श्री गंगाधर चौधरी, राकेश जायसवाल, नेमूराम साहू  के नेतृत्व में तीन टीम जुटी है। 

पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए गायत्री परिवार प्रमुखद्वय श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्याजी एवं श्रद्धेया शैलदीदीजी ने कहा कि पीड़ित परिजनों की सेवा करना ईश्वर आराधना की तरह है। व्यवस्थापक श्री गौरीशंकर शर्माजी ने बताया कि कलिंग उत्कल हादसा में दिवंगत हुए लोगों की आत्मा की शांति एवं सद्गति के लिए प्रातःकाल हवन किया गया। साथ ही सामूहिक प्रार्थना एवं श्राद्ध तर्पण भी किये गये। 

शांतिकुंज आपदा प्रबंधन विभाग के प्रमुख श्री गौरीशंकर शर्माजी ने बताया कि हमारी टीम गायत्री तीर्थ में ठहरे प्रभावितों के अलावा हरिद्वार के जिला चिकित्सालय सहित विभिन्न राहत शिविरों में भी सेवा सुश्रुषा, नाश्ता व भोजन व्यवस्था में जुटी है। उन्होंने बताया कि शांतिकुंज पीड़ितों के सहयोग के लिए सदैव तत्पर है। यहाँ ठहरे प्रभावितों को उनके घर तक पहुँचाने की समुचित व्यवस्था भी की जायेगी।






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