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नौ दिवसीय विशेष पुनर्बोधन प्रशिक्षण शिविर का समापन

[Shantikunj], Sep 28, 2017
नई पीढ़ी को आगे आने का यही है अवसर : डॉ. पण्ड्याजी
आत्मीयता लुटाने का नाम है गायत्री परिवार : शैलदीदीजी

हरिद्वार २८ सितम्बर।
अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्याजी ने कहा कि नई पीढ़ी को आगे आने का यही अवसर है। इन दिनों सम्पूर्ण समाज में नवसृजन की आवश्यकता है। युवा क्रांति वर्ष के उत्तरार्द्ध में चलाये जा रहे रचनात्मक कार्यक्रम युवाओं को तराशने की दिशा में एक सार्थक पहल है।

डॉ. पण्ड्याजी शांतिकुंज में चल रहे नौ दिवसीय विशेष पुनर्बोधन प्रशिक्षण शिविर के अंतिम सत्र को संबोधित कर रहे थे। इस प्रशिक्षण शिविर में देश भर के चयनित दलनायक उपस्थित रहे। उन्होंने युवा जागरण प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से युवाओं को संकीर्णता से उबारने, निर्मल गंगा जन अभियान के माध्यम से पतित पावनी माँ गंगा व इसकी सहायक नदियों व जलस्रोतों की सफाई सहित अनेक रचनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार अपनी प्रौढ़ावस्था की ओर है और समाज इन्हें आशा भरी निगाहों से देख रहा है। हम सब प्रामाणिकता के साथ आगे बढ़ें। अपने कार्यों में पारदर्शिता रखें। सामूहिकता का परिचय दें। अपने छोटे भाई- बहिनों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। सुदृढ़ एवं सशक्त राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने के लिए युवापीढ़ी को तैयार करें।

संस्था की अधिष्ठात्री शैलदीदीजी ने कहा कि जिस तरह परिवार में प्रौढ़ व्यक्ति की जिम्मेदारी बड़ी होती है, उसी तरह अब आपकी जिम्मेदारी समाज के प्रति है। समाज व राष्ट्र के विकास में युवापीढ़ी को तराशने के लिए अपना अनुभवों को बाँटें। शैल दीदी ने कहा कि भाषण से नहीं, अपने आचरण से सिखायें। राष्ट्र के नवसृजन के लिए नवसैनिकों की आवश्यकता है। युवापीढ़ी को तैयार करने का यही अवसर है।

शिविर समन्वयक श्री कालीचरण शर्मा के अनुसार नौ दिन चले इस शिविर में कुल ४९ सत्र हुए, जिसमें प्रज्ञा अभियान के संपादक श्री वीरेश्वर उपाध्याय, श्री केसरी कपिल, देसंविवि के कुलपति श्री शरद पारधी, डॉ. चिन्मय पण्ड्याजी, डॉ. ओ.पी. शर्मा, श्री केपी दुबे, श्री अशरण शरण श्रीवास्तव, श्री वीरेन्द्र तिवारी, श्री एच.पी. सिंह आदि विषय विशेषज्ञों ने विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त दलनायकों का कार्यक्षेत्र सम्पूर्ण भारत होगा, जहाँ वे यज्ञीय आयोजन, युवा व नारी प्रशिक्षण शिविर, निर्मल गंगा जन अभियान के तहत पतित पावनी गंगा व उसकी सहायक नदियों, जलस्रोतों के सफाई अभियान आदि को गति प्रदान करेंगे। इस अवसर पर शांतिकुंज के अंतेवासी कार्यकर्त्ता के साथ बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी मौजूद रहे।






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