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आस्था संवर्धन गायत्री महायज्ञों से हर क्षेत्र में नवचेतना का संचार

[Muradabad], Nov 21, 2017
  • ५०० लोगों ने दीक्षा ली
  • क्षेत्र में कार्यक्रमों की माँग बढ़ीनया वर्ग प्रभावित हुआ
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश
मुरादाबाद के दीनदयाल नगर स्थित नेहरू युवा केन्द्र में २८ अक्टूबर से आरंभ हुए  देव संस्कृति पुष्टिकरण लोक आराधन १०८ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ की पूर्णाहुति देव प्रबोधनी एकादशी-१ नवम्बर को अपार आध्यात्मिक उल्लास के साथ सम्पन्न हुई। शांतिकुंज  से पहुँची श्री श्याम बिहारी दुबे की टोली ने इस अवसर पर ५०० से अधिक नये जुड़े भाई-बहनों को गायत्री मंत्र की दीक्षा दिलायी तथा लगभग २०० बहनों का एकादशी उद्यापन कराया। उन्होंने तुलसी के वैदिक-पौराणिक महत्त्व की विस्तार से व्याख्या करने के साथ उसे रोग निवारण एवं आध्यात्मिक उन्नति का महत्त्वपूर्ण आयाम बताया। गायत्री चेतना केन्द्र मुरादाबाद द्वारा तुलसी के १०८ पौधों का वितरण भी किया गया।

इस महायज्ञ में कर्मठ कार्यकर्त्ताओं के समर्पित प्रयासों की अत्यंत उत्साहवर्धक उपलब्धियों रहीं। वरिष्ठ कार्यकर्त्ताओं ने समर्पित स्वयंसेवक की तरह अपनी जिम्मेदारियाँ सँभालीं। मुरादाबाद के भाई-बहनों के अलावा पँवासा, बहजोई, छजलैट, संभल, अमरोहा के नैष्ठिक कार्यकर्त्ताओं ने अपनी भूख-प्यास की परवाह न करते हुए सारी व्यवस्थाओं को बखूबी सँभाला। उन्हीं के प्रयासों का परिणाम था कि कार्यक्रम में भाग लेने वाले ८० प्रतिशत श्रद्धालु नये थे।  शांतिकुंज प्रतिनिधियों की प्रस्तुति ने सभी को प्रभावित किया।

सार्इं भक्त प्रभावित हुए : पास के सार्इं मंदिर के श्रद्धालुओं ने बड़े उत्साह के साथ यज्ञ में भाग लिया। यह कार्यक्रम हर  वर्ष हो, ऐसा अनुरोध किया।

संत ने दीक्षा ली : एक सज्जन बालाजी का दरबार लगाते हैं। उन्होंने अभी तक किसी गुरु से दीक्षा नहीं ली थी, लेकिन इस कार्यक्रम में आये और परम पूज्य गुरुदेव को गुरुरूप में वरण किया।

नये कार्यक्रमों के आमंत्रण मिले : कार्यक्रम से अनेक प्रतिष्ठित महानुभाव प्रभावित हुए हैं और वे भी अपने यहाँ प्रज्ञा पुराण कथा जैसे सार्वजनिक कार्यक्रम कराने को उत्साहित हैं।






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