आदरणीय डॉ. प्रणव जी ने बदलाव के लिए लिए बढ़ते युवा कदमों का किया स्वागत 
महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के तृतीय प्रांतीय युवा चेतना शिविर क्रमशः दिनाँक 6 से 8 नवम्बर 2014 चंद्रपुर में तथा 9 से 11 नवम्बर 2014 की तारीखों में कोरबा में आयोजित हुए । अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रमुख आदरणीय डॉ. प्रणव पंड्या जी ने इनमें उपस्थित होकर राष्ट्र निर्माण की दिशा में बढ़ते युवा कदमों को क्रांतिकारी उत्साह जगाने वाली दिशा-प्रेरणा दी । उन्होंने 'उत्तिष्ठ भारत', 'अप्प दीपो भव', 'मशाल क्या चाहती है?' जैसे ओजस्वी विषयों पर उद्बोधन दिए । उन्होंने भारत के निर्माण के लिए बढ़ते युवा कदमों की बानगी दी , वही स्थानीय आवश्यकताओं और संभावनाओं की चर्चा करते हुए भावी सक्रियता का लक्ष्य  भी दिया । 
दोनों शिविरों में आगामी वर्ष की कार्ययोजनाओं पर चर्चा और निर्धारणों के लिए शांतिकुंज के दो प्रमुख प्रतिनिधि उपस्थित रहे । श्री कालीचरण शर्मा जी,जोनल समन्वयक ने सैद्धांतिक पक्षों की चर्चा की । श्री के. पी. दुबे , युवा एवं आंदोलन प्रकोष्ठ प्रभारी ने भावी सक्रियता की व्यवहारिक योजनाएं प्रस्तुत की । जोनल समन्वयक प्रतिनिधि श्री अरुण खंडागळे (महाराष्ट्र ) एवं श्री गंगाधर चौधरी (छत्तीसगढ़) की उपस्थिति में इन योजनाओं पर समूह चर्चा हुई, संकल्प लिए गए । बढ़ते युवा उत्साह ने अगले दिनों दोनों प्रांतों में क्रांतिकारी प्रगति और परिवर्तन के संकेत दिए । 

आदरणीय डॉ. प्रणव जी ने 
  • 'युग चेतना विस्तार वर्ष-2015  में हर गाँव, कस्बे, मुहल्ले तक युगऋषि का साहित्य पहुँचा देने का आह्वान किया। 
  • छत्तीसगढ़ को तालाब प्रदेश बनाने का आह्वान किया गया। प्रदेश के तालाबों को स्वच्छ, गहरा बनाकर और उनके आसपास सघन वृक्षारोपण कर उन्हें रमणीक 'श्रीराम सरोवरÓ के रूप में विकसित करने की योजना पर विशेष रूप से चर्चा हुई। 
  • छत्तीसगढ़ में दुर्लभ जड़ी-बूटियों की पहचान, उत्पादन, एकत्रीकरण, संरक्षण एवं उनकी व्यापारिक महत्ता पर चर्चा हुई। 
  • कुटीर उद्योगों से स्वावलम्बन, गोसंवर्धन पर चर्चा हुई। 
  • नारी अस्मिता की रक्षा, नस्लवाद, जातिवाद, आतंक, अपराध से समाज को मुक्त कराने का आह्वान किया गया। 
भारत दुनिया का सबसे युवा देश
श्री कालीचरण शर्मा जी ने 'उदयमान भारत और युवाशक्ति' विषय से उद्बोधन देते हुए कहा, ''बूढ़े शेरों को अपनी माँदों में रहने दो, युवा शेर बाहर आओ।'' उन्होंने युवाओं को जीवन में समझदारी, ईमानदारी, जिम्मेदारी और बहादुरी का विकास करने और समाज के नवनिर्माण के लिए युवा वानप्रस्थी की तरह जीवन जीने की प्रेरणा दी। युवाओं की सामथ्र्य की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया- 
  • पैट्रियोटिक मिसाइल के जनक भारतीय युवा वैज्ञानिक थे।
  • मार्स ऑर्बिट मिशन (MOM) की करिश्माई सफलता में युवा वैज्ञानिक प्रोजेक्ट डायरेक्टर एस. अरुणान और विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर के निदेशक एम. अन्नादुराई का महत्त्वपूर्ण योगदान था। 
  • भारत की प्रमुख सॉफ्टवेअर कम्पनियों में काम करने वाले लोगों की औसत आयु २८ वर्ष है। 
  • भारत में ४९.८ प्रतिशत लोग अविवाहित हैं।
  • सन् २०२० तक भारत की औसत आयु २९ वर्ष होने का अनुमान है, जबकि चीन की ३७, यूरोप की ४५ और जापान की ४८ वर्ष होगी। 
नवयुग के निर्माण में ऐसे दें अपना योगदान - युवा सक्रियता की पाँच प्रमुख योजनाएँ
श्री के.पी. दुबे ने अपनायी जाने वाली व्यावहारिक योजनाओं का विस्तृत वर्णन प्रस्तुत किया, जो इस प्रकार है।
  1. प्रवासी युवा : न्यूनतम एक वर्ष का समयदान देने वाले प्रवासी युवा तैयार किये जायेंगे। ऐसे दो प्रवासी युवाओं की टोली एक माह में एक जिले की प्रव्रज्या करेगी। उन्हें प्रथम पाँच दिन मुख्यालय पर रहकर संपर्क सूत्र तलाशना एवं कार्ययोजना बनाना, अगले २० दिनों में सतत प्रव्रज्या पर रहकर मिशन का विस्तार करना और अंतिम पाँच दिनों में रिपोर्टिंग-रिकॉर्डिंग करने की कार्ययोजना अपनानी होगी। ऐसे प्रवासी युवाओं के माध्यम से विकासमान क्षेत्रों में मिशन के विस्तार और मिशन के विविध आन्दोलनों के व्यवस्थित क्रियान्वयन की योजना बनायी जा रही है। ऐसे युवाओं के सतत प्रशिक्षण की योजना शांतिकुंज द्वारा बनायी गयी है। महाराष्ट्र में कुल ३८ जिले हैं, लेकिन वहाँ मिशन अभी केवल १६ जिलों में ही पहुँच सका है। प्रवासी युवाओं के माध्यम से शेष जिलों में मिशन को पहुँचाने की योजना बनायी जा रही है।
  2. राम-लखन की जोड़ी :  हर गाँव-मुहल्ले से मिशन को पूरी तरह से समर्पित दो युवा तलाशे जा रहे हैं, जिन्हें 'राम-लखन' की जोड़ी कहा जायेगा। ये अपने अपने गाँव-मुहल्ले के विकास की योजनाएँ बनायेंगे। जिले से लेकर केन्द्र तक की संगठनात्मक इकाइयाँ उनका मार्गदर्शन और सहयोग करेंगी। 
  3. युवा परिव्राजक : अपने-अपने क्षेत्र में एक सप्ताह से लेकर सालभर तक समयदान करने वाले युवाओं को चिन्हित कर उनके माध्यम से मिशन की विविध योजनाओं को क्रियान्वित किया जायेगा। 
  4. वनवासी स्वावलम्बी पुरोहित - क्षेत्रों में स्वावलम्बन, गोपालन जैसी योजनाओं का प्रशिक्षण देने के लिए वनवासी स्वावलम्बी पुरोहित तैयार किये जा रहे हैं। 
  5. दिया - डिवाइन इंडिया यूथ एसोसिएशन 'दिया' से प्रबुद्ध युवाओं को जोड़ा जाये। वे अर्थ व्यवस्था सँभालने, युग प्रवक्ता तैयार करने और मिशन की विविध योजनाओं के क्रियान्वयन में सहयोगी स्रोत पुरुषों का सहयोग, प्रेरणा, प्रोत्साहन दिलाने में सहयोग करें। 
युवा चेतना शिविर, चंद्रपुर के कुछ विशिष्ट कार्यक्रमों की झलकियाँ 
  • इरई नदी की सफाई - चंद्रपुर शहर से गुजरने वाली इरई नदी पर युवा चेतना शिविर के दरम्यान स्वच्छता अभियान चलाया गया। शिविर में भाग लेने आये २०००  से अधिक कार्यकत्र्ताओं ने भरपूर उत्साह के साथ इसमें भाग लिया। अपने क्षेत्रों में जाकर भी स्वच्छता अभियान चलाते रहने के लिए प्रेरित हुए।  
  • शिविरार्थी - 2200 
  • 38 में से 16 जिलों की भागीदारी , अन्य 22 जिलों तक मिशन को पहुँचाने हेतु संकल्पित हुए युवा । 
  • शक्तिपीठ प्रांगण में श्रीराम स्मृति उपवन का शिलान्यास 
  • दिनाँक 8 नवंबर 2014 को दीप यज्ञ जिसमे लगभग 5000 लोगों ने भाग लिया । 
युवा चेतना शिविर, छत्तीसगढ़ के कुछ ध्यानाकर्षक बिंदु 
  • सबसे विशाल युवा चेतना शिविर - अब तक का यह सबसे बड़ा शिविर था, जिसमें छत्तीसगढ़ के सभी 27 जिलों से आये 6000 से भी अधिक युवाओं ने भाग लिया । 500 कि.मी. दूर बस्तर जैसे क्षेत्रों से भी लगभग 600 लोगों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही ।   
  • ऐतिहासिक स्वच्छता अभियान - शिविर से पूर्व व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। 3000 शिविरार्थियों ने ढाई घंटे के अथक परिश्रम से कार्यक्रम स्थल इंदिरा स्टेडियम से बस स्टेण्ड एवं गुरुद्वारा भोजनालय से शक्तिपीठ तक की सफाई की। इसका समाचार मीडिया की भी सुर्खी में था।   
  • सांस्कृतिक कार्यक्रम ने समां बांधा - ९ नवंबर को श्रीमती उषा किरण एवं श्रीमती नीलिमा टिल्लू के निदेशन में प्रस्तुत मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने प्रभावशाली संदेश दिया।  वृक्षारोपण पर आधारित छत्तीसगढ़ी नाटक, कोरबा के युवा इंजीनियरों के समूह द्वारा 'सप्तसूत्रीय आंदोलन' पर नाटक का मंचन किया। छत्तीसगढ़ी लोक परंपरा को प्रदर्शित करता 'सुआ गीत' आकर्षक था। 
  • योग प्रदर्शन ने बिखेरी अनुपम छटा - 10 नवम्बर को प्रात: देवसंस्कृति विद्यालय चिल्हाटी, बिलासपुर के 40 विद्यार्थियों के समूह की योगासन प्रस्तुति ने खूब तालियाँ बटोरीं। 
  • मार्गदर्शिकाओं का विमोचन हुआ - 10 नवम्बर को श्रद्धेय डॉ. साहब ने तृतीय युवा चेतना शिविर की स्मारिका 'धरोहर', पूज्य गुरुदेव के छत्तीसगढ़ आगमन की स्मृतियाँ सँजोने वाली पुस्तिका 'जहाँ-जहाँ चरण पड़े गुरुवर के' तथा दो मार्गदॢशका-किशोर संस्कार शाला एवं नारी जागरण कार्यकर्ता मार्गदर्शिका का विमोचन किया। 
  • ९० श्रीराम सरोवर बन रहे हैं - छत्तीसगढ़ ९० तालाबों को श्रीराम स्मृति उपवन बनाने की तैयारी मेंं जुट गया है। इनमें तालाबों की सफाई, गहरीकरण और उनके चारों ओर सघन वृक्षारोपण कर उन्हें रमणीक उद्यान के रूप में विकसित करने की योजना चल रही है। छुरी में ऐसा एक श्रीराम सरोवर बनकर तैयार है। 
  • श्रीराम स्मृति उपवन - कुसमुंडा और सीएसईबी में तैयार किये गये श्रीराम स्मृति उपवनों का लोकार्पण आदरणीय डॉ. प्रणव पण्ड्या जी ने किया। 
  • दीक्षा : छत्तीसगढ़ के प्रांतीय युवा संगठन के प्रशसंनीय प्रयासों से बड़ी संख्या में युवा मिशन से जुड़े हैं। लगभग ४० प्रतिशत नये युवा कोरबा में आये। आदरणीय डॉ. साहब ने ऐसे २५०० युवाओं को सामूहिक दीक्षा दिलायी। 
  • दीपयज्ञ : पूर्व संध्या पर दीपयज्ञ हुआ, जिसकी छटा देखते ही बनती थी। इस अवसर पर गूँजे महाकाल के जयकारों ने सभी को अनंत ऊर्जा से भर दिया। यह संकल्प पर्व के रूप में आयोजित हुआ।
एनटीपीसी में हुआ विशिष्ट व्याख्यान
एनटीपीसी कॉलोनी, जमनी पाली स्थित अम्बेडकर भवन, कोरबा में प्रबुद्ध जनमानस के लिए  'राष्ट्र निर्माण मे प्रतिभावानों की भूमिका' विषय पर आदरणीय डॉ. साहब का विशेष उद्ïबोधन रखा गया था। अपने संदेश में उन्होंने परम पूज्य गुरुदेव के युग निर्माण आन्दोलन का स्वरूप स्पष्टï करते हुए कहा कि सेवा-सहायता से दुनिया नहीं बदल सकती। बदलाव के लिए अपने विचारों में, अपने संस्कारों में, परम्पराओं में परिवर्तन लाने की आवश्यकता है। इसका शुभारंभ प्रतिभावानों को करना चाहिए, क्योंकि जमाना प्रतिभावानों का ही अनुसरण करता है। उन्होंने उपस्थित महानुभावों से राष्टï्रहित में गायत्री परिवार की रचनात्मक योजनाओं को सफलता तक पहुँचाने में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की। 

अन्य वक्ताओं की प्रस्तुतियाँ
  • श्री आशीष सिंह, शांतिकुंज प्रतिनिधि ने श्रीराम सरोवर और वृक्षगंगा अभियान की चर्चा की। 
  • डॉ. कुंती साहू ने बाल संस्कार शाला के व्यावहारिक पक्ष पर प्रकाश डाला। 
  • श्रीमती उषा किरन ने नारी जागरण के लिए हर जिला, ब्लॉक, पंचायत स्तर पर सम्मेलन आयोजित करने का आह्वान किया। 
  • श्री सुरेन्द्र गुप्ता ने प्रांतीय और श्री दानेश्वर शर्मा ने स्थानीय उपजोन का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। श्री ओमप्रकाश राठौड़, प्रांतीय युवा संयोजक ने समस्त युवाओं की ओर से इस शिविर में हुए निर्धारणों को पूरा करने का आश्वासन आदरणीय डॉ. साहब को दिया। 

विशिष्ट सहयोग
मध्य प्रदेश के प्रांतीय युवा संयोजक श्री आनंद विजयवर्गीय और श्री सूरज परमार का शिविर आयोजन में विशेष सहयोग मिला। जोनल समन्वयक श्री दिलीप पाणिग्रही, संरक्षक डॉ.अरूण मढ़रिया, श्री एस.डी. सिंह, कार्यक्रम संयोजक श्री नेमूराम साहू, श्री शिरीश टिल्लू, श्री शिवचरण कश्यप, श्री दानेश्वर शर्मा, श्री राजकुमार देवांगन, श्री आर.पी. राणा,श्री कहरा आदि के साथ ही बहनों की टीम की सक्रिय भागीदारी रही ।

भुसावल और दुर्ग को सौंपी मशाल
महाराष्ट्र का अगला प्रांतीय युवा चेतना शिविर जलगाँव जिले के भुसावल में और छत्तीसगढ़ का दुर्ग में आयोजित होगा। आदरणीय डॉ. साहब ने दोनों जिलों के युवा संगठनों को युग निर्माण आन्दोलन की प्रतीक लाल मशाल सौंपते हुए इस आशय की घोषणा की।



संकल्प
चंद्रपुर कोरबा
प्रवासी युवा 315 354
राम लक्ष्मण की जोड़ी 168 323
समयदानी 222 500
वृक्षारोपण 64801 45500
गाँव गोद देंगे 50 39
युवा जोड़ेंगे 3284 4847
युवा मण्डल बनायेंगे 305 687
नारी जागरण कार्यक्रम 142 145
समूह साधना कार्यक्रम 71 330




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