Published on 2015-07-27

उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित देव संस्कृति विश्वविद्यालय में रविवार को 27वें ज्ञान दीक्षा समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में उत्तराखंड सरकार के शहरी एवं विकास मंत्री प्रीतम सिंह पवार ने मुख्य अतिथि की भूमिका निभाई। मंत्री ने कहा, 'देवभूमि उत्तराखंड में देव संस्कृति विश्वविद्यालय का होना एक गौरव की बात है। जिस तरह राष्ट्र धर्म निभाने, संस्कृति के प्रचार के लिए सेवाभावी युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है, उससे विश्वविद्यालय का ही नहीं, अपितु देश का नाम भी ऊंचा हो रहा है।'

इस समारोह में विश्वविद्यालय में संचालित सभी 39 पाठ्यक्रमों में प्रवेश पाकर आए छात्र-छात्राएं एवं उनके अभिभावक, शांतिकुंज-देवसंस्कृति विश्वविद्यालय परिवार के सदस्य, पुलिस अधिकारी समेत कई लोग उपस्थित रहे। 

विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रणव पंड्या ने कहा, 'यदि विद्यार्थी अपने शिक्षक में और शिक्षक अपने विद्यार्थी में गुरु-शिष्य के पवित्र भाव से आगे बढ़े, तो वह महामानव बनने की दिशा में अग्रसर हो सकता है।'

उन्होंने कहा कि ऐसे ही पवित्र भाव को लेकर ऋषिसत्ता की परिकल्पना को साकार करने के लिए विश्वविद्यालय कटिबद्ध है। पंड्या ने प्राचीनतम से लेकर आधुनिकतम मार्मिक उदाहरणों के साथ युवाओं को जीवन लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरणा दी।

कुलाधिपति पंड्या ने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान में प्रवेश प्राप्त विद्यार्थी के लिए प्रथम दिन महत्वपूर्ण होता है। इसीलिए जिस तरह देव संस्कृति विश्वविद्यालय में प्रथम दिन को ज्ञान दीक्षा महापर्व के रूप में मनाया जाता है, उससे हर विद्यार्थी के अंदर में एक क्रांति का बीज अंकुरित होता है और यही बीज आगे चलकर महामानव, आदर्शवान और चरित्रवान नागरिक के रूप में समाज के सामने आता है। 

http://ianshindi.com/index.php?param=news/425884" title="" target="">इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।




Write Your Comments Here:


img

भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का रजत जयंती वर्ष

नई पीढ़ी को संस्कृतिनिष्ठ-व्यसनमुक्त बनाने हेतु ठोस प्रयास होंसोद्देश्य प्रारंभ और प्रगतिभारतीय संस्कृति को दुनियाँ भर के श्रेष्ठ विचारकों ने अति पुरातन और महान माना है। ऋषियों की दृष्टि हमेशा से विश्व बंधुत्व की रही है। इसी लिए इस संस्कृति.....

img

२०० लिथुआनियाई करते हैं नियमित यज्ञ

११ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ की संभावनाएँ बनीं, शाखा भी स्थापित होगी

लिथुआनिया आयुर्वेद अकादमी द्वारा प्रज्ञायोग, यज्ञ जैसे विषयों पर लिथुआनिया आयुर्वेद अकादमी द्वारा एक बृहद् वार्ता रखी गयी थी। लगभग १५० लोगों ने इसमें भाग लिया। डॉ. चिन्मय जी ने.....

img

इंडोनेशिया और देव संस्कृति विश्वविद्यालय के बीच शिक्षा एवं सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग के लिए हुआ अनुबंध

इंडोनेशिया के धार्मिक मंत्रालय के हिन्दू निदेशालय ने भारतीय संस्कृति एवं वैदिक परम्पराओं के अध्ययन-अध्यापन हेतु देव संस्कृति विश्वविद्यालय के साथ अनुबंध किया है। देसंविवि प्रवास पर आये इंडोनेशियाई मंत्रालय के निदेशक श्री कटुत विद्वन्य और देसंविवि के प्रतिकुलपति डॉ......