Published on 2016-01-13

अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ प्रणव पण्ड्याजी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद युवावस्था से ही समाज के विकास हेतु समर्पित हो गये थे। यही कारण है कि वे युवाओं के आदर्श बने। यह समय अपने अंदर के युवा (उत्साह) को जगाने का है ताकि देश के हालात को सुधारने में अपना योगदान दे सकें।

डॉ पण्ड्याजी गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में राष्ट्रीय युवा दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ही हर युवा, हर भारतीय का आदर्श बन सकते हैं। उनने युवा संन्यासी के रूप में भारतीय संस्कृति का संदेश पूरे विश्व को तर्क सम्मत, विज्ञान सम्मत भाषा में दिया। इसी से पूरे विश्व पर भारतीय दर्शन और ज्ञान की धाक जमी। रामकृष्ण परमहंस के इस लाडले शिष्य का जन्म इसी कार्य के लिए हुआ था। बहुत अल्प अवधि (३९ वर्ष, माह और २२ दिन) का जीवन जीकर वे बहुत बड़ा काम करके ब्रह्मलीन हो गए। ऐसे महापुरुष के पावन १५३ वें जन्मदिन पर हर युवा क्रांति वर्ष के शुभारंभ के अवसर पर उन्हें याद करते हैं और उन्हीं के कार्य के निमित्त यह सारा वर्ष नियोजित करते हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष २०१६ के प्रमुख कार्यक्रमों में से एक युवाओं का नवनिर्माण के कार्यों में जोड़ना भी है। इसके अंतर्गत देश के करीब ७० करोड़ युवाओं को सकारात्मक दिशा देनी है। उन्होंने कहा कि युवा क्रांति के अंतर्गत वर्ष भर स्थान- स्थान पर युवा जोड़ो, युवाओं की शक्ति को जगाने एवं उसे सार्थक रूख देने जैसे अनेककार्यक्रम सम्पन्न कराये जायेंगे। उन्होंने बताया कि युवाओं को स्वावलंबी बनाये जाने पर भी विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसके अंतर्गत युवाओं को उनमें आत्मसमीक्षा, आत्मावलोकन के साथ स्वयं को ऊँचा उठाने के लिए विविध आयोजन कराये जायेंगे।

इससे पूर्व देसंविवि के प्रति कुलपति डॉ चिन्मय पण्ड्या ने क्रांति की इस बेला को आत्मसमीक्षा, आत्मावलोकन का समय बताया। उन्होंने कहा कि आज चहुं ओर परिवर्तन और क्रांति की गुंज सुनाई दे रही है। ऐसे समय में युवाओं को समीक्षा, स्मृति एवं जागृति की दिशा में आगे बढ़कर कार्य करना होगा। डॉ चिन्मय ने गीता, रामायण आदि का उदाहरण देते हुए कहा कि युवाओं में जबरदस्त शक्ति होती है, वह चाहे तो हवा का रुख भी मोड़ सकता है। वरिष्ठ कार्यकर्त्ता श्री कालीचरण शर्मा ने कहा कि चिंतन, चरित्र, व्यवहार एवं हृदय को निर्मल बनाने से ऊँचा उठा जा सकता है। श्री शर्मा ने युवाओं को जागृति के सात सूत्रों का संकल्प कराया। शांतिकुंज स्थित युवा प्रकोष्ठ के अनुसार देश के हजारों स्थानों पर स्थित प्रज्ञा संस्थान एवं विभिन्न स्कूल- कॉलेजों में गायत्री परिवार के कार्यकर्त्ताओं ने स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर युवा दिवस मनाया। उनके अनुसार एक साथ- एक ही समय में पूरे देश में इसी तरह के कार्यक्रम सम्पन्न हुए। इस अवसर पर देसंविवि के कुलपति शरद पारधी, डॉ ओपी शर्मा, श्याम बिहारी दुबे सहित देसंविविशांतिकुंज के युवाओं के अतिरिक्त निकटवर्ती कई शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थी भी उपस्थित थे। उद्घाटन सत्र का संचालन आशीष सिंह ने किया। 




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