शराब से पीड़ित जनमानस की आवाज बनकर उभरा है गायत्री परिवार का प्रादेशिक युवा संगठन

Published on 2017-09-03
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शराबमुक्त स्वर्णिम मध्य प्रदेश

अखिल विश्व गायत्री परिवार की मध्य प्रदेश इकाई ने सितम्बर माह से अपने राज्य को शराबमुक्त करने के लिए एक संगठित, सुनियोजित अभियान चलाया है। इस महाभियान में केवल गायत्री परिवार ही नहीं, तमाम सामाजिक, स्वयंसेवी संगठनों को भी शामिल किया गया है। सितम्बर माह में प्रत्येक रविवार को इसके अलग- अलग चरण निर्धारित किये गये। प्रदेश के सभी 51 जिलों में एकसाथ किया गया इन अभियानों का क्रियान्वयन बहुत उत्साहजनक रहा। संक्षिप्त समाचार प्रस्तुत हैं।

अभियान के पाँच चरण
3 सितम्बर : हस्ताक्षर अभियान का शुभारंभ (एक माह के लिए)
10 सितम्बर: मानव शृंखलाएँ बनाकर जनजागरूकता
17 सितम्बर : सभी संगठनों की बहिनों द्वारा मिलकर सत्याग्रह
24 सितम्बर: सामूहिक सत्याग्रह रैली एवं ज्ञापन
1 अक्टूबर : संपूर्ण प्रदेश की इकाई द्वारा मुख्यमंत्री जी को ज्ञापन

शराब छोड़ो, सुख- शांति से जियो
इन अभियानों के माध्यम से जगह- जगह जनसंवाद के कार्यक्रम चलाये गये। लोगों को शराब के नुकसान बताये गये और शराबबंदी लागू कराने के लिए संगठित होने का आग्रह किया गया। उन्हें बताया गया-
शराब का सेवन समाज को खोखला कर रहा है, वह स्वास्थ्य और धन तो बर्बाद करती है, परिवार की सुख- शांति छीन लेती है। शराबियों के बच्चे अशिक्षा और अभाव, कुपोषण का शिकार हो जाते हैं। शराब मनुष्यता की सबसे बड़ी दुश्मन है। शराबी आत्मग्लानि में जीता हुआ आपराधिक और अवांछनीय गतिविधियों की ओर अनायास ही खिंचा चला जाता है।

मध्य प्रदेश के सभी 51 जिलों में चला हस्ताक्षर अभियान, मानव शृंखाएँ बनायी गयीं, सत्याग्रह हुए
शराब के दुष्प्रभावों को कौन नहीं जानता? समाज के अधिकांश लोग, विशेषकर सभी महिलाएँ इस दैत्य से मुक्ति चाहती हैं, लेकिन ‘अकेला चना क्या भाड़ फोड़ेगा’ यह सोचकर रह जाती हैं। गायत्री परिवार ने प्रत्येक जिले में 3 सितम्बर को नगर- गाँवों के विभिन्न चौराहों, मंदिरों, सार्वजनिक स्थलों पर हस्ताक्षर अभियान चलाकर लोगों को शराबरूपी दैत्य से जूझने के लिए संगठित होने का संदेश दिया, उनसे हस्ताक्षर कराये।
हस्ताक्षर अभियान के अंतर्गत केवल आम जनता ही नहीं, सांसद, विधायक से लेकर तमाम जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, नगरपालिका एवं पंचायत के सदस्यों, प्रतिष्ठित गणमान्यों से इस अभियान के समर्थन के पत्र प्राप्त किये जा रहे हैं। 1 अक्टूबर को भोपाल में एक विशाल रैली आयोजित कर माननीय मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह जी को ज्ञापन के साथ सौंपे जाने का निर्णय लिया गया था।

भोपाल में 3 सितम्बर को सांसद माननीय श्री आलोक संजार सहित अनेक गणमान्यों ने मुख्यमंत्री जी के नाम शराबबंदी अभियान को अपना लिखित समर्थन दिया। हजारों नगरवासियों ने हस्ताक्षर किये।

बुरहानपुर में 3 सितम्बर को कमल तिराहे पर चलाये गये हस्ताक्षर अभियान में लगभग 1000 लोगों ने शराबबंदी की माँग का समर्थन करते हुए हस्ताक्षर किये। गायत्री परिवार के साथ प्रजापिता ब्रह्माकुमारी, जनजागृति संस्था, लॉयंस क्लब, लॉयनेस क्लब, मजदूर यूनियन ने भी अभियान में भागीदारी की। सभी धर्म, सम्प्रदाय, जाति के लोगों ने बढ़चढ़ कर समर्थन किया। 15 सरपंच एवं 5 पार्षदों ने अपना लिखित समर्थन दिया।

रतलाम में गायत्री परिवार और युवा प्रकोष्ठ ने मिलकर प्रात:काल राम मंदिर चौराहे पर और सायंकाल कालिका माता चौराहे पर हस्ताक्षर अभियान चलाया। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य एवं पूर्व जिलाध्यक्ष श्री बजरंग पुरोहित ने प्रथम हस्ताक्षर कर इसका शुभारंभ किया। रतलाम की जनता का इस अभियान को भरपूर समर्थन मिला।

देवास में गायत्री शक्तिपीठ से अभियान का शुभारंभ हुआ। वहाँ क्षेत्रीय पार्षद प्रतिनिधि परवेज़ शेख, केन्द्रीय प्रतिनिधि श्री योगेन्द्र गिरि, महेश आचार्य ने प्रथम हस्ताक्षर किये। कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।

पन्ना में कई स्कूल, कॉलेज के छात्र- छात्राओं ने रैली में भाग लेते हुए जनजागरूता अभियान को बल प्रदान किया। डॉ. रमेश बेहरे, चंद्रिका प्रसाद पटेल एवं सत्यम सोनी ने अभियान की जानकारी दी और लोगों से हस्ताक्षर कराये।

जतारा, टीकमगढ़ में युवा प्रकोष्ठ ने मंडी परिसर में हस्ताक्षर अभियान चलाया। विधायक श्री दिनेश अहिरवार, कलेक्टर श्री अभिजीत अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री पर्वतलाल अहिरवार, एसडीएम, तहसीलदार सहित अनेक गणमान्यों ने इस अभियान को अपना समर्थन दिया।

उज्जैन में 17 सितम्बर को नगर के अनेक संगठनों द्वारा किया गया सत्याग्रह बहुत सफल और प्रभावशाली रहा। शहर के टावर चौराहे पर सायं 4 से रात 8 बजे तक नगर की प्रमुख महिला मण्डलों- प्रजापिता ब्रह्मकुमारी, रा. करणी सभा, दुर्गावाहिनी की बहिनों ने सत्याग्रहपूर्वक जनकल्याण की अपनी भली चाह की आवाज जन- जन तक पहुँचायी। संयोजिका उर्मिला तोमर एवं रश्मि शर्मा ने बताया कि शराब के दुष्परिणों का दंश सबसे ज्यादा महिलाओं को ही झेलना पड़ता है, इसलिए सभी महिला मण्डलों ने इसका समर्थन किया और पूरे प्रदेश को शराबमुक्त करने तक समय- समय पर सत्याग्रह करते रहने की घोषणा की।

झाबुआ में बहनों ने राजवाड़ा चौक पर सत्याग्रह किया, तत्पश्चात रैली के साथ सैकड़ों परिजन ज्ञापन सौंपने के लिए कलेक्टर श्री एसपीएस चौहान के पास पहुँचे, अपनी भावनाओं से उन्हें अवगत कराया।

सनावद, बड़वानी में 200 से अधिक भाई- बहनों ने सत्याग्रह रैली निकाली। यह रेवा गुर्जर छात्रावास से आरंभ होकर मोरटक्का चौराहे से गुजरते हुए तहसील कार्यालय पहुँची और ज्ञापन सौंपा। श्री रविन्द्र दुबे, जगदीश शाह, भगवानदास बिर्ला आदि ने रैली का नेतृत्व किया।

गुना में गायत्री परिवार युवा प्रकोष्ठ के श्री सुनील सेन एवं सुरेन्द्र प्रजापति ने अभियान का नेतृत्व किया। 3 सितम्बर को सैकड़ों लोगों ने हस्ताक्षर किये और 17 सितम्बर को हनुमान चौराहे पर बहनों द्वारा सामूहिक सत्याग्रह करते हुए शराब के दुष्प्रभावों की ओर नगरवासियों का ध्यान आकर्षित किया गया।

बालाघाट में 24 सितम्बर को गायत्री शक्तिपीठ से जनजागरण रैली आरंभ हुई जो हजारों लोगों का ध्यान आकर्षित करते हुए महात्मा गाँधी प्रतिमा, हनुमान चौराहे पर पहुँची। वहाँ सबके लिए सद्बुद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ सामूहिक जप, भजन- कीर्तन और नशा से संबंधित गीत- नारों का कार्यक्रम हुआ। श्री महेश खजांची ने आन्दोलन के स्वरूप पर प्रकाश डाला, नशामुक्ति केन्द्र संचालक धनेन्द्र हनवत ने नशे के दुष्प्रभावों पर क्रांतिकारी उद्बोधन दिया।


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