राजस्थान की बहिनों का नारी जागरण शिविर का शुभारंभ

Published on 2017-12-14

प्रतिभा परिष्कार के साथ कुटीर उद्योग का भी लेंगी प्रशिक्षण

हरिद्वार १४ दिसंबर।
गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में पाँच दिवसीय नारी जागरण का शिविर का आज शुभारंभ हुआ। शिविर का शुभारंभ डॉ. गायत्री शर्मा, श्रीमती भारती नागर आदि बहिनों ने दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर शांतिकुंज की महिला मंडल व राजस्थान के उदयपुर, कोटा, जोधपुर, अजमेर सहित बारह जिलों से आयीं बहिनें उपस्थित रहीं।

शिविर के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए पूर्व महानिदेशक (स्वास्थ्य) डॉ. गायत्री शर्मा ने कहा कि अपनी परिवारिक स्थिति को संवारने के साथ-साथ छोटे-छोटे रचनात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज निर्माण की ओर बढ़ना चाहिए। बहिनों की दुनिया केवल चार-दीवारी तक ही सीमित न रहे, वरन् बड़े कार्यो की ओर भी कदम बढ़ायें। आगे चलकर उन्हें समाज का नेतृत्व करना है। गायत्री परिवार के जनक पूज्य आचार्यश्री ने २१वीं सदी को नारी सदी कहा है। आने वाले समय में नारी की भूमिका बहुत बड़ी होनी है, इसलिए अपनी प्रतिभाओं का परिमार्जन करने की दिशा में कदम बढ़ायें। डॉ. शर्मा ने युग निर्माण में नारी जागरण अभियान पर पॉवर पाइंट प्रेजेण्टेशन के माध्यम से विस्तार से प्रकाश डाला। इससे पूर्व संगीत विभाग की बहिनों ने 'सुनो नारियों-उठो नारियों....' गीत से प्रतिभागियों को उल्लसित किया।

महिला मंडल की श्रीमती भारती नागर एवं श्रीमती मंजू के अनुसार राजस्थान प्रांत के उदयपुर, जयपुर, कोटा, अजमेर, सीकर, जोधपुर सहित बारह जिलों की चयनित बहिनें शिविर में शामिल हैं। पाँच दिन चलने वाले इस शिविर में प्रतिभागियों को प्रतिभा परिष्कार से लेकर कुटीर उद्योग पर सैद्धांतिक व व्यावहारिक प्रशिक्षण दी जायेंगी।

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