Published on 2018-05-25

महाराष्ट्र के २६ स्थानों पर कन्या कौशल शिविर लगाने और ५०,००० कन्याओं के कौशल विकास के संकल्प उभरे

शेगाँव, बुलढाणा। महाराष्ट्र

दक्षिण पश्चिम जोन संगठन द्वारा संत गजानन महाराज ट्रस्ट, शेगाँव के आनन्द सागर विसावा मैदान में आयोजित कन्या कौशल शिविर नारी जागरण आन्दोलन को नई बुलंदी देने वाला था। १ से ६ मई की तारीखों में आयोजित इस विशाल शिविर ने वर्तमान युग में अपमान, अत्याचार, असुरक्षा, असमानता का दंश झेल रही नारीशक्ति को जीने की नई राह दिखाई। शिविर में भाग ले रही ४२५० कन्याओं में आत्मविश्वास जगाया कि वे चाहें तो पुरुषों की सोच और समाज की दिशा- धारा बदल सकती हैं। उनकी आध्यात्मिक आस्था को परिष्कृत किया, सामूहिक साधना के प्रभावों का बोध कराया।

१ मई को शिविरार्थी कन्याओं का आगमन हुआ। पंजीयन- आवास व्यवस्था के उपरांत आयोजन समिति के अध्यक्ष श्री राजेन्द्र बोहरा, उपाध्यक्ष श्री मनुभाई पटेल तथा शेगाँव के कार्यकर्त्ता श्री जगदीश खेतान ने अनुशासन गोष्ठी ली।

विशाल जनजागरण रैली
२ मई को समस्त प्रतिभागी कन्याओं और व्यवस्था में सहयोगी कार्यकर्त्ताओं ने मिलकर ६ किलोमीटर लम्बी अत्यंत आकर्षक रैली निकाली। पीले परिधान पहने ५००० सृजन सेनानी, सप्त आन्दोलन की झाँकियाँ, लझिम पथक, ढोल- ताशे से युक्त यह रैली जहाँ से भी गुजरी लोगों का मन मोहती रही। लोगों ने मार्गों पर रंगोलियाँ सजाकर, फूल बरसाकर नवसृजन के अभियान का हृदय से स्वागत किया। श्रीकृष्ण जोशी, शेगाँव, सौ.प्रतिभा ताई मुले, पुणे एवं सौ.नीता सक्करवार, नागपुर ने इसका नेतृत्व किया।
कार्यक्रम स्थल पर स्वागत करने के लिए शांतिकुंज से पहुँचे विशेष प्रतिनिधि डॉ. चिन्मय पण्ड्याजी एवं श्रीमती शेफाली पण्ड्याजी विशेष रूप से उपस्थित थे।
२ मई को सर्वप्रथम डॉ. चिन्मय जी एवं श्रीमती शेफाली पण्ड्याजी ने आयोजन स्थल पर धर्म ध्वजारोहण किया। तत्पश्चात् उन दोनों ने ग.म. के ट्रस्टी श्री राजेन्द्र बोहरा, घाटे गुरुजी अकोला, द.प. जोन प्रभारी शांतिकुंज प्रतिनिधि श्री कैलाश महाजन, श्रीमती शकुंतलादेवी बुच नगराध्यक्ष, डॉ. हरीश सर्राफ शेगाँव ने मंच पर गुरुदेव- माताजी एवं गायत्री माता की प्रतिमाओं के समक्ष दीप प्रज्वलन करते हुए कार्यक्रमों का औपचारिक शुभारंभ किया।

डॉ. चिन्मय पण्ड्याजी, श्रीमती शेफाली पण्ड्याजी, सुश्री शकुंतला बुच- नगर अध्यक्ष, श्री त्रिकाले गुरुजी (संत गजानन महाराज ट्रस्ट), डॉ. विलास राव डांगरे- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ कार्यकर्त्ता शिविर के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

पाँच दिवसीय शिविर में व्यक्तित्व परिष्कार और समाज निर्माण संबंधी अनेक विषयों पर विचार मंथन हुआ। दक्षिण पश्चिम जोन समन्वयक शांतिकुंज प्रतिनिधि श्री कैलाश महाजन ने कन्याओं के अभिभावक एवं समाज के अग्रजों को संदेश देते हुए कहा कि आज के युग में माता- पिता अपनी बेटियों का भविष्य बनाने के लिए केवल पढ़ाने- लिखाने पर ध्यान देते हैं। वे यह भूल जाते हैं कि आज की कन्या कल की गृहणी बनेगी। उसका व्यवहार कुशल एवं गृहकार्य में दक्ष होना भी आवश्यक है। कन्या कौशल शिविरों में इसी व्यवहार कुशलता का प्रशिक्षण दिया जाता है।

श्रीमती सुशीला अनघोरे ने कहा कि भाव संवेदना नारी को ईश्वर द्वारा दिया गया विशेष अनुदान है। संवेदनाओं का जागरण ही युग परिवर्तन का प्रमुख आधार है, अत: समाज को बदलने में नारी बहुत बड़ी भूमिका निभा सकती है।

श्रीमती नीलम मोटलानी ने बताया कि यही उम्र व्यक्तित्व को सँवारने की सही उम्र है। धन, पद या शिक्षा नहीं, इंसान का व्यक्तित्व ही दूसरों पर प्रभाव डालता है।

समापन दिवस के मुख्य अतिथि श्री शरद पारधी, कुलपति देव संस्कृति विश्वविद्यालय थे। उन्होंने अपने विश्वविद्यालय की विशेषताएँ बतार्इं और जीवन को सद्गुणी, संस्कारवान बनाने के लिए देव संस्कृति विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने का आह्वान किया। 
विशिष्ट ध्यानाकर्षण

  • शिविर में ३५०० कन्याओं को शामिल करने का लक्ष्य था, लेकिन प्रभावशाली प्रयाज के फलस्वरूप यह संख्या ४२५० तक पहुँच गई।
  • यह कार्यक्रम संत गजानन महाराष्ट्र के विशेष सहयोग से सम्पन्न हुआ। उन्होंने आनन्द सागर विसावा में ४२५० कन्याओं और उनकी संरक्षिकाओं के आवास व्यवस्था कराई थी। बिना लहसुन, प्याज और लाल मिर्च के भोजन की भी विशेष व्यवस्था कराई।
  • दैनिक सायंकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लोकनृत्य एवं नाटिकाओं के माध्यम से कन्या भ्रूणहत्या, पर्यावरण संकट, दहेज- पर्दाप्रथा, व्यसन जैसी कुरीतियों के साथ जल संरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि आन्दोलनों की ओर ध्यानाकर्षित किया गया।
  • विशाल प्रदर्शनी के माध्यम से कन्याओं को मिशन का परिचय कराया गया।
  • औरंगाबाद शाखा के सहयोग से बृहद् पुस्तक मेला लगाया गया। इसमें लगभग ३ लाख का साहित्य बिका।
  • कार्यक्रम संचालन के लिए शांतिकुंज से ब्रह्मवादिनी बहिनों- श्रीमती सुशीला अनघोरे, नीलम मोटलानी, ज्योत्सना मोदी, ललिता गढ़वाल, अनिता कावड़कर, रामेश्वरी साहू, द्रौपदी सोरी, ज्योति साहू के साथ दक्षिण पश्चिम जोन समन्वयक शांतिकुंज प्रतिनिधि श्री कैलाश महाजन, सर्वश्री दिनेश पटेल, श्री ओंकार पाटीदार, पुष्कर राज, संतोष सिंह, विवेकानन्द, उमाशंकर पहुँचे थे।
प्रखर प्रयाज की बुनियाद
  • शेगाँव के महिला मण्डल ने ५१ मोहल्लों में दीपयज्ञ कराते हुए नगर की कन्याओं को भागीदारी का आमंत्रण दिया। इसी तरह बुलढाणा और अकोला जिलों में अनेक स्थानों पर घर- घर दीपयज्ञ कराये गये।
  • २४ से २८ अप्रैल तक सवा लक्ष गायत्री महामंत्र जप का सामूहिक अनुष्ठान हुआ, जिसमें ३० परिजनों ने भाग लिया।
  • समापन दिवस की पूर्व संध्या पर दीपमहायज्ञ सम्पन्न हुआ।
अभिभावकों का प्रोत्साहन मिले
डॉ. प्रणव पण्ड्याजी :: (वीडियो संदेश)
आध्यात्मिक नगरी शेगाँव में संत गजानन महाराज ट्रस्ट का सहयोग मिलने से हमारी शक्ति दो गुनी हो गई है। इससे गायत्री परिवार के नारी जागरण अभियान को गति मिलेगी। इस अभियान से जुड़कर कन्याएँ प्राचीन काल की ऋषिकाओं की तरह सामाजिक बुराइयों को दूर करने में और राष्ट्र के नवनिर्माण में विशेष योगदान दे सकती हैं। माता- पिताओं को इसके लिए उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए।

डॉ. चिन्मय पण्ड्याजी :
नारी अपने दया, करुणा, विनम्रता, सहनशीलता, साहस जैसे गुणों द्वारा न केवल अपने परिवार, अपितु समाज और राष्ट्र को उन्नति के पथ पर अग्रसर कर सकती है।

श्रीमती शेफाली पण्ड्याजी :
समाज में दहेज, कन्या भ्रूणहत्या, बाल विवाह जैसी जो कुरीतियाँ व्याप्त हैं, उन्हें जाग्रत नारी ही दूर कर सकती है।

भावी संकल्प

  • पूरे महाराष्ट्र में १०० से २५० प्रशिक्षणार्थी बहिनों वाले मिनी कन्या कौशल शिविर २६ स्थानों पर आयोजित करेंगे।
  • पूरे महाराष्ट्र की ५०,००० कन्याओं को कौशल विकास के लिए प्रशिक्षित करेंगे। ये कन्याएँ मिशन की गतिविधियों के माध्यम से देव संस्कृति का विस्तार करेंगी।


Write Your Comments Here:


img

बालसंस्कारशाला

शक्तिपीठ युवामंडल द्वारा प्रत्येक रविवार को शाहजहांपुर नगर क्षेत्र में आठ बाल संस्कार शाला संचालित होती है जिसमें शक्तिपीठ बाल संस्कारशाला ,आनंद बाल संस्कार शाला भगवती बाल संस्कार शाला ,शिव बाल संस्कार शाला ,श्री राम बाल संस्कार शाला ,स्वामी विवेकानंद.....

img

सम्मान समारोह

13/10/19 को गायत्री प्रज्ञा पीठ कुँवाखेड़ा लक्सर हरिद्वार उत्तराखंड में वरिष्ठ कार्यकर्ता श्री बूलचंद जी को शारिरिक कार्य से विश्राम एवँ मार्गदर्शक नियुक्त होने पर उनका सम्मान एवं भोग प्रसाद का कार्यक्रम संम्पन हुआ।.....