राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत वातावरण में शहीदों को शांतिकुंज ने दी श्रद्धांजलि |
शांतिकुंज, देसंविवि. और गायत्री विद्यापीठ में हुआ ध्वजारोहण |


    आप युवा हैं। नये खून को, नयी जवानी को, नयी रवानी को मेरा आह्वान है। देश के सामने आ रही तमाम चुनौतियों-अन्याय, आक्रमण, अराजकता, भ्रष्टाचार के बीच उम्मीदों को मत खोना। निराशा पलायनवाद है। हम जनता को जगायेंगे, प्रजातंत्र बचायेंगे। हम उन महान स्वतंत्रता सेनानी पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी के अनुयायी हैं, जिन्होंने तिरंगे की रक्षा के लिए घोर यातनाएँ सहीं, झंडे को दातों में दबाकर बेहोश हो गये, लेकिन उसे झुकने नहीं दिया। क्या हम अपने समाज के नवनिर्माण का ऐसा उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं, जिससे सारा देश और विश्व प्रेरणा पा सके।
    देव संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. प्रणव पण्ड्या ने विवि. परिसर में ध्वजारोहण, राष्ट्रगान के बाद दिये संदेश में अपने विद्यार्थियों एवं स्टाफ से उपरोक्त आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने उत्तराखंड की त्रासदी, कश्मीर की सीमा पर जवानों के बलिदान, ईमानदार अफसरों के खिलाफ भ्रष्ट नेताओं और माफिया के षड़यंत्र जैसी तमाम घटनाओं को भरे हृदय से याद किया। उन्होंने कहा कि यह स्वतंत्रता दिवस हमारे लिए कुछ उदासी, कुछ निराशा लेकर आया है। इन क्षणों में हम साहसी, बलवान, सतेज बनें, सतर्क रहें और सुरक्षित हिमालय, सुविधाजनक चारधाम देने का संकल्प लें।
    कार्यक्रम में कुलपति डॉ. एस.डी. शर्मा, प्रति कुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या, कुलसचिव संदीप कुमार सहित हजारों विद्यार्थी, शिक्षक, अधिकारी व अतिथि उपस्थित थे। विद्यार्थियों के देशभक्ति भरे गीत और बैण्डधुन ने वातावरण को राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत बनाये रखा। गुलाम अस्करी जैदी और गोपाल शर्मा ने मंच संचालन किया।
    इससे पूर्व गायत्रीतीर्थ-शांतिकुंज के देवात्मा हिमालय क्षेत्र में राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत वातावरण में ध्वजारोहण का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। श्रद्धेय डॉ. प्रणव जी एवं श्रद्धेया शैल जीजी ने ध्वज पूजन के बाद ध्वजारोहण किया। इससे पूर्व गायत्री विद्यापीठ की स्काउट-गाइड कलर पार्टी की अगुवानी में वे कार्यक्रम स्थल तक पहुँचे, सुरक्षा दस्ते का निरीक्षण किया। मुख्य अतिथियों ने ध्वजारोहण के बाद स्काउट-गाइड के लगभग सौ बच्चों की परेड की सलामी ली।
    उत्तराखंड की प्राकृतिक आपदा से आहत शांतिकुंज के ध्वजारोहण कार्यक्रम में शौर्य, संकल्प और राष्ट्रभक्ति के विविध रंग दिखाई दिये। कुमारी प्रेरणा निर्मलकर द्वारा गाये गीत ‘ऐ मेरे वतन के लोगो ....’ एवं संगीत विभाग की प्रस्तुति ‘नौजवानो उठो ...’ ने पूरे वातावरण को देशभक्ति की भावनाओं से सराबोर कर दिया। गायत्री विद्यापीठ के विद्यार्थियों ने पिरामिड एवं ताइक्वांडो प्रदर्शन से उत्साह एवं जागरूकता का परिचय दिया। शांतिकुंज की कार्यकर्त्ता बहिनों ने कलात्मक बैण्ड वादन से दिखा दिया कि ‘हम किसी से कम नहीं।’ कार्यक्रम संचालन श्यामबिहारी दुबे ने किया।
    गायत्री विद्यापीठ प्रांगण में शांतिकुंज व्यवस्थापक गौरीशंकर शर्मा जी ने सपत्नीक ध्वजारोहण किया। उन्होंने कहा कि देश को राजनैतिक स्वतंत्रता तो मिल गयी, लेकिन सांस्कृतिक-बौद्धिक परावलम्बन को दूर करने के लिए प्रखर पुरुषार्थ करने की आवश्यकता है।







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