Published on 2018-09-23 HARDWAR
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विदेश प्रवास से लौटै गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. पण्ड्या
युवा जागरण शिविर सहित विभिन्न कार्यक्रमों का किया कुशल संचालन 

हरिद्वार 22 सितम्बर।

अपने अमेरिका प्रवास से गायत्री परिवार प्रमुख श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या आज स्वदेश लौट आये। अपने प्रवास के दौरान डॉ. पण्ड्या ने लॉस ऐन्जिल्स सहित विभिन्न शहरों के युवाओं का मार्गदर्शन किया। साथ ही उन्हें जीवन जीने की विविध कलाओं से अवगत कराया।
                डॉ. पण्ड्या ने कहा कि लॉस ऐन्जिल्स में 1993 हुए अश्वमेध महायज्ञ की रजत जयंती के वर्ष के अवसर पर यज्ञायोजन हुआ। इसमें अमेरिका सैकड़ों की संख्या में प्रवासी भारतीयों के अलावा अमेरिकी युवाओं ने भागीदारी की। इस दौरान युवा भारतीय संस्कृति एवं संस्कार परंपरा को बारिकी से समझा। अनेक युवाओं ने भारतीय वैदिक रीति को अपनाते हुए कई संस्कार भी सम्पन्न कराये। उन्होंने कहा कि युवाओं को सही दिशा मिल जाये, तो वह हवा का रूख मोड़ने में सक्षम होंगे। शांतिकुंज व देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्त्वावधान में संचालित हो रहे युग सृजेता अभियान के तहत देश-विदेश के युवाओं की दशा व दिशा देने के लिए विविध प्रशिक्षण का क्रम चलाया जा रहा है। प्रवासी भारतीय व अमेरिकी मूल के युवाओं ने इस दिशा में सार्थक पहल किया है। डॉ. पण्ड्या ने कहा कि युवा किसी भी देश का भविष्य होते हैं और देश के भविष्य को उज्ज्वल बनाना है, तो युवा पीढ़ी का निर्माण करना आवश्यक है। श्रेष्ठ और सच्चरित्र नागरिकों से ही देश आगे बढ़ता है।
                उन्होंने कहा कि सन् 1926 महर्षि श्री अरविन्द, वन्दनीया माता भगवती देवी शर्मा व गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्यश्री द्वारा प्रज्वलित अखण्ड दीपक का शताब्दी वर्ष है। गायत्री परिवार ने वसंत पंचमी 2018 से 2026 तक के 9 वर्षीय विशेष महापुरश्चरण साधना का क्रम प्रारंभ किया है। इससे अधिकाधिक साधकों को जोड़ा जा रहा है। प्रयास है कि देश-विदेश के शहर-शहर, स्थान-स्थान में सामूहिक साधना का क्रम चले। उन्होंने कहा कि इस निमित्त लाखों गायत्री साधक विगत वसंत पंचमी से जुट गये हैं। अब तक इसमें अच्छी सफलता मिली है। उनके साथ ही देव संस्कृति विश्वविद्यालय प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी स्वदेश लौट आये। 
640 एकड़ जमीन में बनेंगे गायत्री चेतना केन्द्र व गौशालाअमेरिका निवासी महेशभाई भट्ट व किरीटभाई के सहयोग से एसोमाइट पहाड़ियों के समीप करीब 640 एकड़ जमीन गायत्री परिवार के विभिन्न कार्यक्रमों के संचालन के लिए मिली है। यहाँ गायत्री चेतना केन्द्र की स्थापना की जायेगी। जिसका भूमिपूजन गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या जी एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर डॉ. प्रणव पण्ड्या ने कहा कि शांतिकुंज की तरह विभिन्न साधनात्मक, रचनात्मक कार्यक्रमों का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किये जायेंगे। यहाँ एक गौशाला भी बनाई जायेगी। इन सभी का निर्माण संबंधी रूपरेखा तैयार की जा रही है।


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