Published on 2019-06-26 HARDWAR
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हरिद्वार २५ जून।


पूर्व शंकराचार्य व पद्मभूषण स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज का अचानक स्वर्गलोक जाना कभी नहीं भरने वाला अपार क्षति है। वे आध्यात्मिक जगत में एक दैदीप्यमान सूर्य की तरह थे। स्वामी जी संत समुदाय के बीच एक आदर्श के रूप में जाने जाते थे। गायत्री परिवार से स्वामी जी का अनन्य प्रेम था। मैंने भी व्यक्तिगत रूप से कई बार पूज्य स्वामी जी मिलकर मार्गदर्शन लिया है।
    अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या पद्मभूषण पूज्य स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज के पंचभौतिक शरीर को छोड़ने पर अपनी भावनाएँ व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पूज्य स्वामी जी कई बार शांतिकुंज आये और हम सबका मार्गदर्शन किया। विगत दिनों उनसे मिला था। तब वे गायत्री के प्रचार को और अधिक गति देने की बात कही थी। पूज्य स्वामीजी ने कहा था कि ‘भारत को जगद्गुरु बनाना हो, तो गायत्री की साधना करनी होगी।’ उनके इस कथन को हम सब मिलकर पूरा करने के लिए अपना शत प्रतिशत देंगे। इस अवसर पर डॉ. पण्ड्या व संस्था की अधिष्ठात्री शैलदीदी सहित अखिल विश्व गायत्री परिवार ने पूरे मन से संत शिरोमणि पूज्य स्वामी जी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।


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