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निर्मल गंगा जन अभियान-“ सरगुजा (अंबिकापुर), छत्तीसगढ़ "

सरगुजा :  गंगा सप्तमी के पावन अवसर पर २ मई को पूरे भारतवर्ष में चलाये गए निर्मल गंगा जन अभियान के अंतर्गत अखिल विश्व गायत्री परिवार, सरगुजा (अंबिकापुर), छत्तीसगढ़ के परिजनों द्वारा प्रसिद्ध बांक नदी के तट एवं नदी में स्वच्छता कार्यक्रम चलाया गया जिसमें कूड़े करकट एवं टूटी फूटी मूर्तियों तथा पूजन के उपरांत नदी में डाले गए कचरे की सफाई की गयी तथा वहां पर कचरा न करने का संकल्प भी परिजनों को दिलाया गया।
इस कार्यक्रम में आम जन से भी निवेदन किया गया की वे नदी में कचरा न डालें एवं नदी स्वच्छ बनाये रखने में सहयोग प्रदान करें। स्वयं सेवी कार्यकर्ता भैया सिंह राठौर ने बताया कि कार्यक्रम को सफल बनाने में युवा प्रकोष्ठ तथा उपजोन एवं पुरे जिले के परिजनों का विशेष सहयोग रहा।

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गायत्री परिवार द्वारा हरिद्वार में विराट स्वच्छता अभियान

हरिद्वार २ मई।

गायत्री तीर्थ शांतिकुंज द्वारा तीर्थ नगरी हरिद्वार में विराट स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान में गंगा की सफाई की गई जिसमें गीता कुटीर से ज्वालापुर तक गंगाजी के दोनों कीनारों के स्त्रभ् घाटों की सफाई की गई। इस सफाई अभियान में शांतिकुंज एवं ब्रह्मवर्चस् के सभी कार्यकर्त्ता भाई- बहिनों, देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के सभी प्राचायों एवं विद्यार्थियों, गायत्री विद्यापीठ के सभी विद्यार्थियों एवं अध्यापकों, विभिन्न शिविरों में प्रशिक्षण हेतु आए शिविरार्थियों एवं दर्शनार्थियों सहित शहर की विभिन्न संस्थाओं के २० हजार से अधिक लोगों ने आज हरिद्वार के स्त्रभ् से अधिक घाटों की एक समय एक साथ सफाई की।

गायत्री परिवार प्रमुख श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या जी एवं शांतिकुंज के वरिष्ठ कार्यकर्त्ताओं ने सीसीआर के समीप बने पण्डाल पर पहुँचकर सबका उत्साह बढ़ाया। हरिद्वार के मेयर मनोज गर्ग भी सफाई स्थल पर पहुँचे। इस अवसर पर डॉ. प्रणव पण्ड्या जी ने विश्वास पूर्वक कहा कि कुंभ् तक निश्चय ही गंगा का जल आचमन लायक हो जाएगा। सरकारी और सहकार के प्रयास से हम गंगा को अविरल बन सकते हैं। उन्होंने गंगा में गिरने वाले गन्दे नालों को अविलम्ब रोकने पर बल दिया। साथ ही उन्होंने कड़े कानून बनाकर गंगा को प्रदूषित करने वाले को दोषी करार देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सफाई का यह अभियान हमारे अन्दर भी क्रान्ति का रूप लेकर उभरना चाहिए। यह क्रान्ति ऐसी हो जिसमें अन्दर की बुराईयों के प्रति विद्रोह उठ खड़ा हो। उन्होंने कहा कि बाहर की सफाई स्वास्थ्य से सम्बन्ध रखती है। पर भीतर की सफाई जीवन को महान बनाने की ओर अभिमुख करती है, इसलिए बाहर के साथ- साथ भीतर की सफाई भी होनी चाहिए।

इससे पूर्व सप्तसरोपवर क्षेत्र में गंगा कीनारे सफाई अभियान चलाया गया जिसमें घाट क्रमांक १ से १९ तक सभी घाटों की सफाई की गई। यहाँ देवसंस्कृति विवि के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी पहुँचे और प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा, स्वच्छता हमारे जीवन का पर्याय बन जानी चाहिए। हमारा चिन्तन चरित्र में भी स्वच्छता और पारदर्शिता आए, तो ही सफाई की सच्ची प्रेरणा ली गई।

तीर्थ नगरी हरिद्वार में हुई सफाई सेवा में गायत्री परिवार शान्तिकुंज, देव संस्कृति विश्वविद्यालय, गंगा सभा, हरिद्वार नागरिक मंच, उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय से जुड़े समस्त महाविद्यालय, अग्रवाल सभा, वरिष्ठ नागरिक मंच, होटल एसोसिएसन, ब्राह्मण महासभा, अखिल भारतीय युवा तीर्थ पुरोहित महासभा, हरिद्वार गुज्जु (गुजराती समाज), सेवा भारती, बडोला वेलफेयर फाउंडेशन, स्पर्श गंगा, व्यापार मण्डल, भारत विकास परिषद, पेन्शनर्स वेलफेयर ओर्गनाईजेशन सहित अनेक संस्थाओं नें मिलकर हरिद्वार के ७० घाटों पर स्वच्छता श्रमदान किया। कार्यक्रम में अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्याजी, देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्याजी, पं. गोपाल बडोला, श्री जे. एल. पाहवा, शांतिकुंज व्यवस्थापक श्री गौरीशंकर शर्माजी, मेयर श्री मनोज गर्ग, श्री अविनाश ओहरी, जगदीश विरमानी सहित नगर के गणमान्य जन उपस्थित रहे।

गायत्री परिवार के निर्मल गंगा जन अभियान के अन्तर्गत गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या जी के आवाहन पर आज गंगा के दोनों तटों, यमुना, ताप्ती, नर्मदा, शिवना, डोही, इन्द्रेणी तथा बनास सहित २० से अधिक नदियों तथा अनेक जलाशयों एवं जलस्रोतों पर एक साथ एक समय पर २० लाख से अधिक स्वयंसेवकों ने स्वच्छता कार्य सम्पन्न किया।




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एक राष्ट्रीय महापर्व : समग्र स्वच्छता कार्यक्रम ‘हर-हर गंगे’, २ मई २०१७

अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा माँ गंगा की स्वच्छता एवं संरक्षण के निर्मल गंगा जन अभियान  चलाया जा रहा है । इसके अंतर्गत देश के विभिन्न स्थानों पर समग्र गंगा स्वच्छता का कार्यक्रम आगामी २ मई २०१७ को संपन्न होगा ।  इस वृहद अभियान में आप सभी आमंत्रित है । अपने समीप के जल स्त्रोत पर अपने समूह के साथ जाकर इस अभियान में सम्मिलित हो ।  
एक राष्ट्रीय महापर्व : समग्र स्वच्छता कार्यक्रम ‘हर-हर गंगे’गोमुख से गंगासागर तक के गंगातटों और पूरे देश के विभिन्न जलाशयों पर एक साथ दिनांक : २ मई २०१७, गंगा सप्तमी, समय प्रातः ८ बजे से दोपहर १२ बजे तक 
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1. निर्मल गंगा जन अभियान | विशेष सन्देश - श्रद्धेय डॉ प्रणव पंड्या जी2. निर्मल गंगा जन अभियान3. 2 May 2017 

आप भागीदार बन सकते है यदि आप निर्मल गंगा जन अभियान के कार्यकर्तागंगा प्रज्ञा / सेवा मण्डलों  के सदस्यप्रज्ञा/महिला/युवा/संस्कृति मंडलों के सदस्य हो ।स्थानीय तीर्थ पुरोहितशैक्षणिक, धार्मिक, सामाजिक संगठनगंगा सेवा समिति के सदस्यजन प्रतिनिधि किसी गैर सरकारी संगठन के संचालक या सदस्य है ।किसी सामाजिक संगठन के कार्यकर्ता है ।व्यवसायी है या नौकरी कर रहे है । 
संपर्क सूत्र - 9258360928,9258360962
ईमेल - youthcell@awgp.org

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गंगा व पर्यावरण संरक्षण में गायत्री परिवार के साथ है सरकार, मुख्यमंत्री श्री रावतजी

हरिद्वार ३० मार्च।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावतजी ने उत्तराखण्ड के विकास में गायत्री परिवार से सहयोग के लिए शांतिकुंज पहुँचकर गायत्री परिवार प्रमुखद्वय डॉ. प्रणव पण्ड्याजी एवं संस्था की अधिष्ठात्री श्रद्धेया शैलदीदी जी से भेंट की। करीब ४० मिनट चली इस भेंट में श्री रावतजी ने देवभूमि के विकास के साथ निर्मल गंगा जन अभियान पर बातचीत की।

गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. पण्ड्याजी ने उन्हें आश्वस्त किया कि राज्य में चलाये जाने वाले प्रत्येक रचनात्मक कार्यों में गायत्री परिवार सरकार के साथ खड़ा मिलेगा। डॉ. पण्ड्याजी ने निर्मल गंगा जन अभियान एवं राज्य में पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण करने पर बल दिया। संस्था की अधिष्ठात्री श्रद्धेया शैल दीदीजी ने मुख्यमंत्री एवं केबीनेट मंत्री श्री मदन कौशिक का मंगल तिलक किया। उन्होंने गायत्री मंत्र का उपवस्त्र ओढ़ाकर एवं युग साहित्य भेंटकर उन्हें सम्मानित किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि समाज आज सुख एवं शांति की खोज में जगह- जगह भटकता है, जबकि शांतिकुंज में यह सहज उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि निर्मल गंगा जन अभियान एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सरकार गायत्री परिवार के साथ मिलकर कार्य करेगी।

इस अवसर पर देवसंस्कृति विवि के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्याजी ने जीवन विद्या के आलोक केन्द्र के रूप में स्थापित देसंविवि के विभिन्न पाठ्यक्रमों के साथ युवाओं के चहुँमुखी विकास की दिशा में चलाये जा रहे अनेक रचनात्मक कार्यक्रमों से अवगत कराया।

इस दौरान मुख्यमंत्री श्री रावतजी ने १९२६ से सतत प्रज्वलित सिद्ध अखण्ड दीपक के दर्शन किये तथा ऋषियुग्म की पावन समाधि में पुष्पांजलि अर्पित कर देवभूमि के विकास हेतु प्रार्थना की। इस मौके पर केबीनेट मंत्री श्री मदन कौशिक, जिलाधिकारी श्री मुरुगेशन सहित जिला प्रशासन के अधिकारियों, जिला सूचनाधिकारी श्री मनोज श्रीवास्तव, पत्रकार व शांतिकुंज व्यवस्थापक श्री गौरीशंकर शर्मा सहित अनेक वरिष्ठ कार्यकर्त्ता उपस्थित रहे।


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गांधी जयंती के पावन अवसर पर वाराणसी से गंगा ग्राम सायकल यात्रा का शुभारंभ, 02 अक्टूबर 2016

निर्मल गंगा जन अभियान के चतुर्थ चरण में गांव-गांव तक गंगा की सफाई का विचार पहुँचाने के उद्देश्य से गंगा ग्राम सायकल यात्राओं के आयोजन किये जा रहें हैं। इस चरण में कानपुर से बलिया तक के भारद्वाज अंचल में इन यात्राओं का शुभारम्भ होना है। 
दिनाँक 02 अक्टूबर 2016 को इसके लिए वाराणसी से 50 साइकलें रवाना की जाएंगी। आरम्भ में एक रैली के रूप में यात्रा चलेगी एवं नगर के मुख्य मार्गों से निकलेगी। इसके बाद इन्हें हर जिले में भेजा जायेगा जहाँ समयदानी कार्यकर्ता इन के माध्यम से गंगा स्वच्छता का आंदोलन तटवर्ती गांवों के घर- घर तक पहनायेंगे। ये कार्यकर्ता साधना , वृक्षारोपण, आदर्श गांव , व्यसन मुक्ति जैसे आंदोलन भी साथ साथ चलाएँगे।...

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निर्मल गंगा जन अभियान का पाँचवाँ चरण का शुभारंभ - गंगोत्री से गंगासागर तक के घाटों में चला समग्र स्वच्छता अभियान

हरिद्वार २० सितंबर। 
गायत्री परिवार के लाखों सेवाव्रती नर- नारियों ने राष्ट्रीय नदी पतित पावनी माँ गंगा के उद्गम क्षेत्र से लेकर गंगासागर तक के घाटों का वृहद स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया। इसका शुभारंभ गायत्री परिवार के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय शांतिकुंज में अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या ने हरी झंडी दिखाकर दल को रवाना किया।

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दल ने प्रेरणाप्रद नारे लगाते हुए गंगा घाट पहुँचा जहाँ ११ सेक्टर में बाँटे गये ठोकर १ से लेकर २० तक में सफाई अभियान चलाया गया। इस बीच दो एम्बुलेंस  के साथ मेडिकल टीम स्वयंसेवकों के साथ रही। तो वहीं शांतिकुंज के जलकल विभाग पानी का टेंकर लेकर लोगों की प्यास बुझाने में सक्रिय रहा। देवभूमि उत्तराखण्ड से लेकर पश्चिम बंगाल तक के गंगा घाटों में सेवाव्रती नर- नारियों ने प्रातः ८ से जमकर पसीना बहाया। 

अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्याजी ने ट्वीट कर हरिद्वार सहित देश भर में जलस्रोतों एवं नदियों, तालाबों की सफाई अभियान में जुटे सेवाव्रती साधकों को बधाई दी और कहा कि गायत्री परिवार की संस्थापिका वन्दनीया माता भगवती देवी शर्मा के अवतरण दिवस से प्रारंभ हुआ निर्मल गंगा जन अभियान का पांचवाँ चरण अगले कई सालों तक चलेगा। इसके अंतर्गत देश भर में जलस्रोतों के संरक्षण एवं सफाई के लिए गायत्री परिवार के लाखों कार्यकर्त्ता जुटे हैं। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार के साथ विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी संगठन भी शामिल हो रहे हैं जो कि यह इस अभियान के लिए शुभ संकेत है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार देश भर में १५ हजार से अधिक जलस्रोत- नदियों व तालाबों आदि स्थानों पर वृहद स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। 

अभियान की जानकारी देते हुए केन्द्रीय समन्वयक श्री केदार प्रसाद दुबे ने बताया कि हरिद्वार में ठोकर नं १ से २० तक के गंगा घाटों में शांतिकुंज के अंतेवासी कार्यकर्त्ता भाई- बहिन, देवसंस्कृति विश्वविद्यालय परिवार, विभिन्न प्रशिक्षण शिविरों में आये साधक सहित पाँच हजार से अधिक लोगों ने जमकर पसीना बहाया। तटबंधों के झाड़- झंखाड को फावड़े, दराती, कुल्हाड़ी आदि औजारों से काटकर साफ सुथरा किया गया। काटे गये कचरों के निस्तारण के लिए ७ ट्रेक्टर लगाये गये थे जिसे कम्पोज्ड खाद  बनाने के लिए एक जगह एकत्रित किये गये। इस कार्य में देसंविवि के विदेशी छात्राओं का उत्साह देखने लायक था। तो वहीं पाँच साल की भव्याश्री भी अपने दोस्तों के साथ  दौड़- दौड़कर कचरे इकट्ठे करने में लगी रही। शांतिकुंज के स्वयंसेवकों के साथ देसंविवि के स्काउट- गाइड, एनएसएस की सभी इकाई सहित गायत्री विद्यापीठ, भूपतवाला क्षेत्र के कई संगठनों ने भी सेवाकार्य में हाथ बँटाया। शहर के श्रीराम घाट, मालवीय, मार्कण्डेय, लवकुश, विश्वकर्मा सहित ८ घाटों में बीएचईएल, कनखल व रुड़की के गायत्री परिजनों ने स्वच्छता अभियान चलाया। 

उन्होंने बताया कि तीर्थ नगरी हरिद्वार में शांतिकुंज कार्यकर्त्ता, देवसंस्कृति विश्वविद्यालय परिवार, ब्रह्मवर्चस शोध संस्थान, विभिन्न शिविरों में आये साधक तथा निकटवर्ती जिलों से आये सेवाभावी कार्यकर्त्ताओं ने भाग लिया। हरिद्वार से बिजनौर, कानपुर, वाराणसी से लेकर गंगासागर तक के घाटों के लिए कुछ पूर्व से तैयार की गयी टीमों ने घाटों को स्वच्छ करने में जुटी रही। अभियान के केन्द्रीय समन्वयक श्री दुबे ने कहा कि पश्चिम बंगाल की आदिगंगा, मप्र में ताप्ती व नर्मदा, वाराणसी के अस्सी सहित कई घाटों, छत्तीसगढ में शिवनाथ व महानदी, महाराष्ट्र के पुणे में देहु सहित देश भर में सफाई अभियान चलाया गया। उन्होंने बताया कि देसंविवि की टीम का कुलपति श्री शरद पारधी, प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या तथा अन्य दलों का सदानंद अम्बेकर, परमानंद द्विवेदी, गंगाधर चौधरी, पुनीत गुरुवंश आदि ने नेतृत्व किया।

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निर्मल गंगा जन अभियान का पाँचवाँ चरण २० सितंबर से

गायत्री परिवार की संस्थापिका की स्मृति में चलाया जाएगा स्वच्छता अभियान

हरिद्वार १९ सितंबर।
अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज द्वारा संचालित निर्मल गंगा जन अभियान का पाँचवां चरण २० सितंबर को प्रारंभ होगा। इस दिन २५२५ किमी की दूरी तय करने वाली पतित पावनी गंगा के सैकड़ों घाटों में एक साथ सफाई अभियान चलाया जायेगा। इस अभियान में गायत्री परिवार के साथ विभिन्न संगठनों के लाखों सेवाव्रती कार्यकर्त्ता नर-नारी भाग लेंगे। इस अभियान में हरिद्वार में ठोकर नं० १ से २० तक शांतिकुंज, देसंविवि व विभिन्न साधना सत्रों में आये हुए साधक गण भाग लेंगे, वहीं बीएचईएल, कनखल, हरिद्वार के कार्यकर्त्ता मालवीय घाट, श्रीराम घाट आदि में स्वच्छता अभियान चलायेंगे।

अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्याजी ने बताया कि निर्मल गंगा जन अभियान के इस चरण में उत्तर प्रदेश के १५२, बिहार के ५२ और उत्तराखंड के उत्तरकाशी, नई टिहरी, ऋषिकेश और हरिद्वार के कई घाट शामिल रहेंगे। उन्होंने बताया कि गंगा नदी को साफ रखने तथा उनके तटों एवं घाटों को शुद्ध बनाये रखने के लिए भागीरथी के निकटवर्ती गांवों में गंगा प्रज्ञा मण्डलों का गठन किया जाएगा। साथ ही प्रत्येक घर में देवस्थापना एवं गंगाजल प्रतिष्ठित करने की योजना है जिसमें हर आयु-वर्ग के लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जायेगी तथा स्कूल, कॉलेजों के विद्यार्थियों को भी इस अभियान में जोड़ा जायेगा। गायत्री परिवार प्रमुख ने बताया कि गंगा में सिवर लाइन, घाटों में साबुन व अन्य कूड़ा-करकट डालने से रोकने के लिए व्यापक जनजागरण किया जाएगा और इसके लिए दस हजार से अधिक साइकिल यात्रा निकाली जायेंगी। गंगा के दोनों तटों में बड़ी संख्या में वृक्षारोपण भी किये जायेंगे।

अभियान की जानकारी देते हुए निर्मल गंगा जन अभियान के समन्वयक श्री केदार प्रसाद दुबे ने बताया कि २० सितंबर को अखिल विश्व गायत्री परिवार की संस्थापिका स्नेह सलिला माता भगवती देवी शर्मा का अवतरण दिवस है। इस अवसर पर गायत्री परिवार के लाखों परिजन  पूजनीया माताजी की स्मृति में माँ गंगे की गोद व अन्य जलस्रोतों में उतर कर उन्हें साफ-सुथरा करेंगे। इसके साथ ही निर्मल गंगा जन अभियान का पांचवें चरण का शुभारंभ हो जायेगा, जो अगले कई महीनों तक चलेगा। इसमें देश भर के लाखों गायत्री साधक नर-नारी, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों, विद्यार्थी, राजनेताओं सहित अनेक वर्ग के लोग भागीदारी करेंगे। उन्होंने बताया कि गायत्री परिवार के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय शांतिकुंज ने इन कार्यक्रमों के लिए एक अलग टीम बनाई है, जो गंगोत्री से गंगासागर तक चलने वाले इस महाभियान की रूपरेखा बनाने से लेकर इसे क्रियान्वित करने तक के लिए मनोयोग से जुटी है।