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देव संस्कृति विश्वविद्यालय के शिक्षकों का पोलैण्ड प्रवास

[Polland], Jul 09, 2017
इरेस्मस मुंडस स्कॉलरशिप प्रोग्राम के अंतर्गत हुआ प्रवास

देव संस्कृति विश्वविद्यालय के तीन शिक्षक श्री ज्वलंत भवसार (प्रतिकुलपति कार्यालय), श्री चंद्रशेखर (कम्प्यूटर विभाग) एवं डॉ. ईप्सित प्रताप सिंह (भारतीय संस्कृति एवं पर्यटन विभाग) १८ मई से २८ मई की तारीखों में पोलैण्ड में शैक्षिक प्रवास पर पहुँचे। उनका यह कार्यक्रम यूरोप के सबसे प्रतिष्ठित स्कॉलरशिप कार्यक्रमों में से एक 'इरेस्मस मुन्डस स्कालरशिप' के अंतर्गत 'स्टॉफ मोविलिटी फॉर ट्रेनिंग एवं टीचिंग' के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। तीनों ही शिक्षकों ने अवसर का पूरा- पूरा लाभ उठाते हुए भारतीय संस्कृति के मूल्यों एवं योग से समग्र स्वास्थ्य के सिद्धांतों को पोलैण्ड वासियों तक पहुँचाने के भरपूर प्रयास किये।
 
११ दिवसीय कार्यक्रम अत्यंत उपलब्धिपूर्ण रहा। कंजिमेडर्ज वेन्की विश्वविद्यालय, बिडगोस्डल में हुए कार्यक्रम में शिक्षकों और विद्यार्थियों के साथ बेहतर तालमेल, संवाद क्षमता, प्रस्तुतीकरण, एकाग्रता वृद्धि की कला आदि विषयों पर रचनात्मक कक्षाएँ ली गयीं। प्रो. मारेक मैको एवं सुश्री अनीला जेसिंस्का इन सभी कार्यक्रमों के समन्वयक थे।

तीनों सदस्यों ने अपने- अपने विभागों के अनुरूप बहुत से प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा की। उन्हें अपने विवि. और उसके कुलपिता परम पूज्य गुरुदेव के विश्व प्रवर्तक विचारों से अवगत कराया। परस्पर कई विलक्षण पुस्तकों का आदान- प्रदान हुआ। शारीरिक शिक्षण, सांस्कृतिक अध्ययन, आध्यात्मिक- मनोवैज्ञानिक आयाम, छात्रवृत्ति, शोध व प्रकाशन इत्यादि पर चर्चा हुई।

रूस की स्टेट यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों के दल को योग एवं भारतीय संस्कृति से परिचित कराया गया। वहाँ एक विशाल योग शिविर का आयोजन भी किया गया।

देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों ने कंजिमेडर्ज वेन्की विश्वविद्यालय के अन्य ग्रंथालय में परमपूज्य गुुरूदेव पं.श्रीराम शर्मा आचार्य जी के वांङ्मय की स्थापना भी करवाई। कार्यक्रम समापन के क्षणों में विज्ञान महोत्सव में भागीदारी और अन्य विद्यार्थियों की अगली यात्रा जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

शिक्षक दल की वापसी पर देसंविवि डॉ. चिन्मय पण्ड्याजी ने अपने सहयोगी शिक्षकों की उपलब्धियों की खूब- खूब सराहना की। उन्होंने योग और संस्कृति के विस्तार के एक नये अध्याय का शुभारंभ बताया।






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