शांतिकुंज आपदा प्रबंधन दल उत्तराखंड के केदारनाथ, गंगोत्री आदि क्षेत्र में बादल फटने से हुए पीड़ितों के सहायतार्थ रवाना हुआ। प्रशासन की अपील पर शांतिकुंज व्यवस्था की आपात बैठक हुई। जिसमें राहत सामग्री शीघ्र भेजने का निर्णय हुआ। भोजनलय प्रभारी जमुना विश्वकर्मा के नेतृत्व में भोजन निर्माण में दौ सौ साठ भाई-बहिनों ने भोजन तैयार किया।

शांतिकुंज आपदा प्रबंधन दल के प्रभारी व व्यवस्थापक श्री गौरीशंकर शर्मा ने बताया कि आज बाढ़ पीड़ितों के लिए भोजन के ५ हजार पैकेट  तथा ५०० कम्बल भेजे गये। उन्होंने बताया कि रास्ताhttp://news.awgp.org/var/news/251/PPD_2500N.jpg" align="right" height="116" width="157"> अवरुद्ध होने के कारण इसे प्रशासन हेलीकाप्टर के सहयोग से बाढ़ पीड़ितों तक पहुँचाएगा। उन्होंने बताया कि १९ जून को शांतिकुंज का आपदा प्रबंधन दल रवाना हुआ, जो कर्णप्रयाग व रुद्रप्रयाग में दस हजार क्षमता वाले नि:शुल्क भोजनालय चलायेगा। भोजन का कच्चा सामान चावल, आटा, दाल, चीनी, चायपत्ती आदि लेकर श्री विष्णु मित्तल के नेतृत्व में दल रवाना होगा।


    शांतिकुंज की अधिष्ठात्री शैल दीदी एवं अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख डॉ. प्रणव पण्ड्या ने बाढ़ पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने बताया कि पीड़ितों की सेवा करना सच्चे अर्थों में ईश्वर सेवा है। उन्होंने कहा कि बादल फटने की इस विकट परिस्थिति में गायत्री परिवार की स्थानीय शाखाओं के सैकड़ों लोगों के सहयोग से शांतिकुंज का आपदा प्रबंधन दल ने राहत कार्य आरंभ कर दिया है। गायत्री परिवार के परिजन आपदा की इस घड़ी में सदैव की भाँति बढ़चढ़ कर सहयोग प्रदान करेंगे। ज्ञातव्य है कि अगस्त्यमुनि में देसंविवि के १६ युवाओं का दल १२ जून से सेवा कार्य में सक्रिय है।


*यात्रियों एवं उनके परिजनों की मदद एवं सूचना हेतु शान्तिकुंज में संचार व्यवस्थायुक्त नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है जहाँ से निम्न दूरभाषों पर सूचना प्राप्त की जा सकती है-
. प्र.    - 09425079378
गुजरात  - 09258360930
उत्तराखण्ड- 09755444486
0135 28710334, 335
0135 6555523, 524


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