Published on 2017-10-26

चलाला में एक भव्य गायत्री शक्तिपीठ का निर्माण हुआ है। आदरणीय डॉ. प्रणव पण्ड्या जी ने गुजरात प्रांतीय युवा सम्मेलन के बीच इस शक्तिपीठ की प्राण प्रतिष्ठा की। इस अवसर पर अपनी रचनात्मक गतिविधियों के लिए लोकप्रिय गायत्री परिवार की चलाला शाखा की सराहना की। उन्होंने कन्या महाविद्यालय का भूमिपूजन करते हुए कहा कि यह महाविद्यालय देव संस्कृति विश्वविद्यालय से जुड़कर विद्या विस्तार का महत्त्वपूर्ण कार्य करेगा।

प्राण प्रतिष्ठा के समय शक्तिपीठ के कार्यवाहक श्री रतीलाल मेहता, महेश मेहता आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे। पश्चिम जोन प्रभारी शांतिकुंज प्रतिनिधि श्री दिनेश पटेल ने सर्वश्री सूरज प्रसाद शुक्ला, योगेश पटेल, दयानंद शिववंशी, ओंकार पाटीदार, बसंत यादव, सोमेश्वर तांडी, अमर नाग, घनश्याम भाई, संतोष सिंह के सहयोग से प्राण प्रतिष्ठा का कर्मकाण्ड पूरे विधि-विधान के साथ सम्पन्न कराया।

अपने रचनात्मक कार्यों के लिए विख्यात है चलाला शाखा
गायत्री परिवार चलाला अपनी शिक्षा, चिकित्सा सेवाएँ, वृक्षारोपण, सेवा योजनाओं के लिए पूरे क्षेत्र में विख्यात है।
• गायत्री संस्कार विद्यालय में १ से १२वीं तक के ७०० विद्यार्थी पढ़ते हैं।
• अनाथाश्रम ह,१७ अनाथ बच्चों का पालन-पोषण होता है। वृद्धाश्रम भी है।
• अब तक १९५ नेत्र चिकित्सा शिविर लगाये गये हैं, जिनमें प्रतिमाह औसतन मोतियाबिंद के ४० मरीजों का नि:शुल्क आॅपरेशन कराया जाता है।
• गायत्री परिवार द्वारा एक अस्पताल चलाया जा रहा है, जिसमें दाँत, आँख और सामान्य रोगों की चिकित्सा नि:शुल्क की जाती है।
• हर वर्ष सर्वजाति के सामूहिक विवाह कराये जाते हैं।
• गौशाला चलायी जा रही है।
• प्रतिवर्ष २५०० पौधे नि:शुल्क वितरित किये जाते हैं।


Write Your Comments Here:


img

आओ गढ़े संस्कारवान पीढ़ी- जन-जागरूकता कार्यक्रम

दिनांक 17 नवंबर को बिधूना, उत्तर प्रदेश, में 24 कुंडीय गायत्री यज्ञ के चौथे दिन आयोजित भव्य दीपयज्ञ में आओ गढ़े संस्कारवान पीढ़ी पर व्याख्यान हुआ । शशिप्रभा दीदी और भाईयो ने कार्यक्रम को सफल बनाने में.....

img

आओ गढ़े संस्कारवान पीढ़ी-प्रशिक्षण एवं जन-जागरूकता

16 नवंबर 19  अमरावती ,महाराष्ट्र में कार्यकर्ता प्रशिक्षण हुआ। जिसमे गर्भ विज्ञान को समझाया गया। आकोला की dr मधु अग्रवाल ने आहार, उनकी सहकारी बहन ने संवाद ,नागपुर की अंजली लालवानी ने दिनचर्या विषय पर मार्गदर्शन किया।कार्यक्रम में आंगनवाड़ी की.....