१२ जनवरी- युवा चेतना दिवस २०१७

Published on 2016-12-22
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१२ जनवरी- युवा चेतना दिवस २०१७ के कार्यक्रम की रूपरेखा


मशाल यात्रा :: यह सृजनशील युवा सम्मेलन शुरू होने के लगभग एक घंटे पहले निर्धारित स्थलों से प्रारम्भ की जायेगी और सम्मेलन शुरू होने के लगभग १५ मि. पहले वहाँ पहुँच जायेगी ताकि यात्रा में साथ आये प्रतिभागी शान्ति के साथ अनुशासन पूर्वक अपना स्थान ग्रहण कर सकें। 
क्रम  निर्धारित स्थल पर तैयार मशाल लेकर निर्धारित टोली के सदस्य समय पर पहुँचें। 
  मि. सामूहिक जयघोष (युवा और राष्ट्रपरक
 मशाल प्रज्वलन (मंत्र- ॐ अग्ने नय सुपथा राये..
प्रज्वलित मशाल की ओर हाथ ऊँचा करके युग  निर्माण सत्संकल्प के सूत्र क्रमांक १५१६ एवं १८ दुहरवाये जायें। 
 मशाल के साथ नारे लगाते, बीच- बीच में जनता को युवा सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रण देते, सभा स्थल तक पहुँचें। 
 मशाल को मंच पर पहुँचा दें और सभी लोग अनुशासनपूर्ण सभा में शामिल हो जायें।

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सृजनशील युवा सम्मेलन

यह मुख्य कार्यक्रम २ घण्टे की अवधि का होगा। जनता को आकर्षित-व्यवस्थित करने के लिए कुछ समय पहले से संगीत आदि की व्यवस्था बनायी जा सकती है।
• मशाल के बड़े चित्र या कटाउट के सामने दीप प्रज्वलन एवं पुषाञ्जलि
• आमंत्रित वक्ताओं को माल्यार्पण
• युवा प्रेरणा गीत
• कार्यक्रम का उद्देश्य ३० मि.
• आमंत्रित २ या ३ वक्ता ४० मि.
• सृजन संकल्प दुहरवाना १५ मि.
(सृजन संकल्प का प्रारूप पैनल में अलग से दिया गया है)
• समापन गीत १० मि.
(गीत : हमारा है यह दृढ़ संकल्प ....)
• समापन-शांतिपाठ ५ मि.
रविवार दिनांक १५ जनवरी को प्रातः ८ से १२ बजे तक ‘स्वच्छता, सेवा, श्रमदान’

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सृजन संकल्प का प्रारूप

# परमात्मा की नवसृजन योजना की सफलता के लिए ‘संघशक्तियुगशक्ति’ की प्रतीक ‘लाल मशाल’ की साक्षी में मैं एक श्रेष्ठ युवा- नागरिक के कर्तव्यों का पालन करने के लिए हृदय की पूरी सदाशयता और बुद्धि की सजगता के साथ संकल्पित- तत्पर हूँ। 
# मुझे विश्वास है कि जीवन की सफलता के लिए जीवन का एक श्रेष्ठ लक्ष्य तय करना ज़रूरी है। लक्ष्य के निर्धारण और उसकी प्राप्ति के लिए निरंतर ज्ञान प्राप्त करते रहने की साधना करनी है। 
# इस राष्ट्र के एक जागरूक युवा के तौर पर मैं साहस के साथ कठोर श्रम करने को तैयार हूँ। अपनी सफलता के साथ ही दूसरों की सफलता का आनंद उठाने के लिए संकल्पित हूँ। 
# मुझे स्वयं अपने साथ अपने घर- परिवार और पड़ोस के स्थूल- सूक्ष्म वातावरण को स्वस्थ और स्वच्छ बनाये रखना है। 
# मुझे विश्वास है कि हृदय की निर्मलता, चरित्र की श्रेष्ठता में बदल जाती है। श्रेष्ठ चरित्र के द्वारा अपने परिवार, राष्ट्र और विश्व में शांति- सद्भाव का वातावरण बनता है। मुझे इस दिशा में सतत प्रयत्नशील रहना है। 
# मुझे अपने चिंतन, चरित्र और व्यवहार को ऐसा बनाना है कि मैं भ्रष्टाचार से मुक्त जीवन जी सकूं और दूसरों के लिए एक मिसाल बन सकूँ। 
# श्रेष्ठ संकल्पों के माध्यम से मुझे ज्ञान का दीपक जलाना और उसे सतत प्रज्वलित रखना है। ताकि राष्ट्र के नागरिक अंधकार में न भटकें और उज्ज्वल भविष्य के पथ पर आगे बढ़ते रहें।


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