The News (All World Gayatri Pariwar)
Home Editor's Desk World News Regional News Shantikunj E-Paper Upcoming Activities Articles Contact US

पाकिस्तानी शिवभक्तों ने वृक्ष लगाये, काँवड़ से जल लाकर किया सिंचन

[Haridwar], Aug 05, 2017
श्रावण मास में शिवभक्त काँवड़ में गंगाजल भरकर सैकड़ों किलोमीटर तक की पदयात्रा करते हुए बड़ी श्रद्धा के साथ उसे अपने नगर- गाँव में भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करने ले जाते हैं। व्यक्ति की आस्था का तो कोई पर्याय नहीं है, लेकिन यदि विवेक अपनाया जाये और अपने पुरुषार्थ का सुनियोजन करने का संकल्प लिया जाये तो अपनी श्रद्धा का बेहतर पोषण और मानवता का कल्याण हो सकता है। 

हरिद्वार। उत्तराखंड 
२० जुलाई को पाकिस्तान के शदाणी दरबार सिंध प्रान्त से ९४ अनुयायी शदाणी दरबार, रायपुर, छत्तीसगढ़ के पीठाधीश संत श्री युधिष्ठिर लाल जी के नेतृत्व में अपने हरिद्वार स्थित आश्रम में आये। उनकी इस यात्रा को चिर स्मरणीय बनाने के लिए शांतिकुंज और शदाणी दरबार के तत्त्वावधान में आश्रम के समक्ष गंगातट पर स्थित संत शदाणी घाट पर सामूहिक वृक्षारोपण किया गया। कार्यक्रम में शदाणी दरबार, रायपुर (छत्तीसगढ़) के ३० भक्तगण, हरिद्वार स्थित आश्रम के व्यवस्थापक श्री अमर शदाणी, युवा प्रकोष्ठ शांतिकुंज के प्रतिनिधि श्री सदानंद आंबेकर, श्री जयराम मोटलानी, श्री योगेश पाटिल, पं. अंबादत्त पंत और श्री एन.एस. कुन्द्रा, राजस्व अधिकारी, सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश भी  शामिल हुए। शांतिकुंज द्वारा शदाणी दरबार को नि:शुल्क उपलब्ध कराये गये १०० पौधे गंगातट के समीप रोपे गये। 

शदाणी दरबार के अनुयायी शिवभक्त होते हैं। उन दिनों हरिद्वार में लाखों शिवभक्त काँवड़िये उपस्थित थे। पाकिस्तानी अतिथियों के माध्यम से उन सबको सच्ची भक्ति का मर्म सिखाने के प्रयास शांतिकुंज द्वारा किये गये। उन्हें बताया गया कि वृक्ष भी शिव स्वरूप होते हैं, जो पर्यावरण का विष पीते और मानव को अपने अनंत अनुदान देते रहते हैं। काँवड़िये जितनी श्रद्धा और श्रम अपने इष्ट देव शिव पर गंगाजल चढ़ाने में लगाते हैं, उतनी श्रद्धा और श्रम से गर्मी के दिनों में वृक्षों को सीचें और वृक्ष लगायें तो पर्यावरण प्रदूषण की समस्या का सहज समाधान हो सकता है। तब निश्चित ही भगवान आशुतोष उनकी श्रद्धा- भावना का फल पहले से कहीं अधिक प्रदान करेंगे। 

इस प्रेरणा से शदाणी दरबार के संत श्री युधिष्ठिर लाल जी एवं श्री अमर शदाणी जी बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने स्वयं कंधे पर काँवड़ ली और वृक्षों को सींचा। शांतिकुंज प्रतिनिधि भी काँवड़ यात्रा में शामिल हुए। 

शांतिकुंज आया पाकिस्तानी दल शदाणी दरबार के समस्त अनुयायी शांतिकुंज की प्रेरणाओं से बहुत प्रभावित हुए। वे सभी सायंकाल शांतिकुंज आये। गुरुस्मारकों पर आदरणीय श्री वीरेश्वर उपाध्याय जी, सुश्री दीना त्रिवेदी ने उन्हें संबोधित किया। उन्होंने विश्व की वर्तमान समस्याओं का सहज समाधान करने वाले परम पूज्य गुरुदेव के जीवन आदर्श और विचारों से परिचित कराया। श्री जयराम मोटलानी एवं श्रीमती नीलम मोटलानी ने उन्हें शांतिकुंज का दिग्दर्शन कराया, यहाँ की विशेषताएँ बतायीं। 

दो श्रवण कुमारों के पुरुषार्थ से उपजा बृहद् अभियान प्रज्ञा अभियान के १ अगस्त २०१७ के अंक में पृष्ठ ३ पर 'भिष्ण गर्मी में काँवड़ से सींचे अपने गाँव के वृक्ष' शीर्षक से एक समाचार प्रकाशित हुआ। श्री गोपाल साहू एवं श्री मेकूराम निषाद के इस पुरुषार्थ से दैनिक अमर उजाला, मुरादाबाद के उप समाचार संपादक श्री कुमार अतुल बहुत प्रभावित हुए। 
उन्होंने ऐसे ही कार्यों से काँवड़ यात्रा की वर्तमान परम्परा को परम पूज्य गुरुदेव के विचारों के अनुरूप परिष्कृत करने का प्रयास करने का अनुरोध शांतिकुंज प्रतिनिधि से किया। वॉट्सएप के माध्यम से संदेश पूरे देश में पहुँचाया गया। इसी क्रम में शांतिकुंज द्वारा यह प्रेरक कार्यक्रम आयोजित गया। 

काँवड़ संघ और जिला प्रशासन ने सराहा प्रस्ताव गायत्री चेतना केन्द्र मुरादाबाद के सदस्य श्री एल.के. त्यागी, डॉ. लवलेश और श्री हरीश वर्मा द्वारा नगर के समस्त काँवड़ संघों के साथ हुई जिलाधिकारी एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की गोष्ठी में यह प्रस्ताव रखा गया, जिसे सभी ने सराहा। इस आशय के समाचार स्थानीय समाचार पत्रों में भी प्रकाशित हुए। सभी काँवड़ संघों ने श्रावण मास के चौथे सोमवार को काँवड़ियों द्वारा अपनी लायी काँवड़ से पहले भगवान  आशुतोष का अभिषेक करने और फिर बचे जल से वृक्षों को सींचने का सांकेतिक कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया। 
गर्मियों में हों वृक्षों को बचाने के प्रेरणादायी कार्यक्रम 
गर्मी के दिनों में शिवभक्त काँवड़यात्रा के प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित करें, अपने क्षेत्र के ही नदी, तालाब आदि जलाशयों से सामूहिक रूप से जल लाकर अपने क्षेत्र में लगे पेड़- पौधों का अभिसिंचन करें तो वृक्षारोपण की तरह वृक्षों को सूखने से बचाने का बहुत बड़ा अभियान चल पड़ेगा।






Click for hindi Typing


Related Stories
Recent News
Most Viewed
Total Viewed 164

Comments

Post your comment