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गायत्री परिवार का योगदान अतुलनीय जसवंत सिंह

[harid, shantikunj], Jan 25, 2018
हरिद्वार 25 जनवरी।
केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री सिंह ने शांतिकुंज व देसंविवि के कई विभागों का किया अवलोकन
शैलदीदी ने युगसाहित्य भेंटकर किया सम्मानित


भारत सरकार के आदिम जाति कल्याण राज्य मंत्री जसवंत सिंह भाभोर गुरुवार को शांतिकुंज पहुँचे। वे यहाँ शांतिकुंज अधिष्ठात्री श्रद्धेया शैलदीदी से भेंट कर आदिम जाति कल्याण के क्षेत्र में किये जा रहे कार्यक्रमों पर मार्गदर्शन लिया। देवसंस्कृति विवि के हथकरघा, रिसाइक्लिंग सेल, स्वावलंबन सहित विभिन्न विभागों का अवलोकन कर प्रसन्नता व्यक्त की।
इस अवसर पर केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री भाभोर ने कहा कि गायत्री परिवार आदिम जाति के पुनरुत्थान के लिए जो कार्य किये जा रहे हंै, वह सराहनीय है। मैंने गुजरात, छत्तीसगढ़, मप्र सहित कई राज्यों के आदिवासियों भाई- बहिनों से मिलकर उनके उत्थान में गायत्री परिवार द्वारा किये जा रहे कार्यक्रमों को जाना, समझा है। उन्होंने कहा कि शांतिकुंज द्वारा चलाई जा रही समाज विकास की योजनाओं से प्रत्येक वर्ग का उत्थान हो रहा है। गरीबों सहित आदिम जाति के नर- नारियों के लिए गायत्री परिवार ने जो किया व कर रहा है, वह प्रशंसनीय है।

उन्होंने कुलाधिपति डॉ. प्रणव पण्ड्या के निर्देशन में चल रहे देसंविवि के विकास क्रम को जानकर विवि प्रशासन को सराहा। उन्होंने कहा कि देसंविवि की तरह युवाओं को आगे बढ़ाने में अन्य संस्थान भी आगे आयें। केन्द्रीय राज्य मंत्री ने अपनी इच्छा प्रकट करते हुए कहा कि ग्रामीण अंचल के आदिम जाति से ताल्लुक रखने वाले छात्र- छात्राएँ देसंविवि के ग्राम प्रबंधन पाठ्यक्रम में भागीदारी कर रोजगारपरक शिक्षण लें। इसके लिए मैं खुद प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मिलकर चर्चा करूँगा। यहाँ बताते चलें कि श्री भाभोर देसंविवि के हथकरघा विभाग में निर्मित शाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को भेंट करने के लिए लेकर गये।

संस्था की अधिष्ठात्री शैलदीदी ने कहा कि पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्यश्री ने गायत्री परिवार की स्थापना काल से ही सर्वधर्म समभाव के साथ कार्य किया। उन्होंने 1971 में प्रथम कन्या शिविर में कई आदिवासी बहिनों को स्थान देकर अपनी योजनाओं को जता दिया था। तब से लेकर अब तक शांतिकुंज द्वारा संचालित हो रहे युवा जागरण शिविर, कन्या शिविर, स्वावलंबन शिविर, ग्रामोत्थान सहित विभिन्न कार्यक्रमों में सभी को बराबर की सहभागिता दी है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग का विकास से ही भारत पुनः विश्व का सिरमौर बन सकता है। इससे पूर्व शैलदीदी ने केन्द्रीय राज्य मंत्री का मंगल तिलक कर व युग साहित्य भेंटकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर शांतिकुंज व्यवस्थापक श्री शिवप्रसाद मिश्र, श्री हरीश भाई ठक्कर, श्री रामसहाय शुक्ल, नदीम अहमद, शिवम अवस्थी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।






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