भारत एवं रूस में बहुत कुछ सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक साम्यताएँ हैं, इसी वजह से वहाँ भारतीय योग, ध्यान प्राणायाम, पंचकर्म एवं भारतीय अध्यात्म के प्रति रूसियों का रूझान बढ़ रहा है। इसी लगाव ने शांतिकुंज एवं देवसंस्कृति विवि के साथ जुड़कर पहला सेंट पीटर्सबर्ग के जिविलिखको में एवं दूसरा केन्द्र उत्तरी ध्रुव के निकट सेंट पीटर्सबर्ग से करीब एक सौ बीस किमी दूर पास्कोलक क्लीमवा में शाखा खोलने के लिए प्रेरित किया। इन दोनों सेंटरों के उद्घाटन समारोह में रूसी मूल के लोग बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए एवं उनने यहाँ ध्यान-योग के साथ आध्यात्मिक समाधान पाये।
    अखिल विश्व गायत्री परिवार प्रमुख एवं देसंविवि के कुलाधिपति डॉ. प्रणव पण्ड्या अपने दस दिवसीय रूस प्रवास से लौटने के बाद चर्चा कर रहे थे। उन्होंने आगे बताया पास्कोलक क्लीमवा का केन्द्र ग्यारह हेक्टेयर क्षेत्र में बुलालोवा नदी के तट पर पाइन ट्री के ऊँचे-ऊँचे पेड़ के मध्य बनाया गया है। यहाँ लकड़ी के चौबीस कुटीर, पंचकर्म, प्राणिक हीलिंग, यज्ञौपैथी, आयुर्वेदिक सॉना बॉथ, ध्यान चिकित्सा, नैचरोपैथी के प्रयोजन शुद्ध शाकाहारी भोजन के साथ सिद्ध करेंगे। यहाँ एक अष्टकोणीय हॉल बनाया गया है, जहां डेढ़ सौ से अधिक लोग एक साथ बैठकर ध्यान साधना, योगासन कर सकेंगे।
    कुलाधिपति ने बताया कि बुलालोवा नदी से केनाल निकाल कर ध्यान केन्द्र तक लाया जाएगा जहाँ कमल जैसे सुरभित पुष्प, बतखों के बीच आध्यात्मिक साधना करेंगे। यह टूरिस्ट स्पॉट न होकर अध्यात्मिक सेनिटोरियम की भूमिका निभायेगा। इसे शांतिकुंज व देसंविवि के महत्वाकांक्षी योजनाओं से प्रभावित होकर सरगई इवानविच ने अपने जन्मदिन पर गायत्री परिवार को समर्पित किया। इस अवसर पर मास्को, सेंट पीटर्सबर्ग, बेलाhttp://news.awgp.org/var/news/100/group%20pedagogical%20universityN.jpg">रूस एवं फिनलैण्ड के रूसीमूल के एवं स्थानीय विशेष सहयोगियों में लरीसा तीखानोवा (गायत्री), रूसी-अंग्रेजी अनुवादक बिक्टर-आदित्य, दिमित्री-सूर्यकांत, अलेक्स प्रोखर आदि सहित शांतिकुंज से डॉ. ज्ञानेश्वर मिश्रा, राजकुमार वैष्णव एवं जमुना साहू उपस्थित थे। इस समय वहाँ का तापमान माइनस 5 डिग्री था तथा पेड़ के सारे पत्ते झड़ चुके थे।
    इससे पूर्व कुलाधिपति ने मास्को में सायकियेट्री फैकल्टी एवं रसिया एवं यूरोप लीड के प्रमुख डॉ. माकारोव द्वारा आयोजित कार्यशाला में उपस्थित चिकित्सकों को तनाव प्रबंधन विषय पर संबोधित किया। हिन्दुस्तानी समाज के अध्यक्ष आनंद शेखर सिंह के कार्यक्रम में भारतीय समुदाय को संबोधित किया। रूस की ‘पीस एक यूनिटी’ पार्टी के प्रमुख साजी उमालातोवा के पार्टी प्रमुखों को भारतीय अध्यात्म एवं विज्ञान का पाठ पढ़ाया। वहीं भारतीय दूतावास में राजदूत योगेन्द्र नागपाल की उपस्थिति में गांधी एवं अहिंसा विषय में संगोष्ठी हुई। इसमें इंडीजियस इंस्टीट्यूट के प्रमुख प्रो० आद० रीवाकोव एवं प्रो० यूरीलोन, डॉ. मदनलाल मधु (साहित्यकार) उपस्थित थे।
    सेंट पीटर्स बर्ग में स्टेट पैडागोगिकल यूनिवर्सिटी में 500 रिसर्च स्कॉलर को आधुनिक युग में आध्यात्मिक विकास विषय पर संबोधित किया। सेंट पीटर्सबर्ग स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियर एवं एकोनामिक्स प्रिलुस्काया में डिपार्टमेंट हेड एवं छात्र-छात्राओं को अलग-अलग सभा में संबोधित किया। यह कार्यक्रम डिपार्टमेंट हेड प्रो० अलेक्जेण्डर द्वारा आयोजित था। मंत्र विज्ञान के विशेषज्ञ प्रो० वर्फोलोव दिमित्री भी उपस्थित थे। इन दोनों ही विवि से छात्र-छात्राओं के देवसंस्कृति विवि में शैक्षणिक भ्रमण के एमओयू पर भी चर्चा हुई।


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