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ठिठुरते गरीबों की सेवा के विविध अभियानजाग्रत् संवेदनओं से उपजा अभियान मुंबई (महाराष्ट्र)मकर संक्रांति के पावन अवसर पर दिया, मुंबई के सदस्यों ने ट्रॉम्वे क्षेत्र के रास्तों और झुग्गी-झोंपड़ियों में ठंड से ठिठुरते लोगों को कम्बल और तन ढकने के लिए तरह-तरह के कपड़े बाँटे। दिया टीम ने यह कपड़े भाभा अणुशक्ति अनुसंधान केन्द्र की वसाहत में घर-घर जाकर एकत्रित किये थे। उन्होंने कंबल और गरम कपड़ों के अलावा चादर, साड़ी, ड्रेस, टॉप, पायजामा आदि हर प्रकार के पहनने के वस्त्र बाँटे। कुछ वर्षों पूर्व ठंड से काँपती एक लड़की को देखकर दिया, मुंबई के सदस्य भाभा अणुशक्ति अनुसंधान केन्द्र के युवा वैज्ञानिक श्री हितेश जोशी और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती भावना जाशी के मन में संवेदनाएँ जागी थीं। तब उन्होंने रास्तों पर जीवन गुजारने वाले गरीबों, झुग्गियों में रहने वाले लोगों की सहायता की पहल की थी। इस अभियान ने दिया के अन्य सदस्यों को भी प्रभावित कर सहयोगी बना लिया। क्रमशः सहयोगियों की संख्या बढ़ती गयी। आज युवा वैज्ञानिक हितेश लाखानी, सचिन, राहुल, ज्योति त्रिपाठी, डॉ. वरुण और कई अन्य लोगों के संगठित प्रयासों से सैकड़ों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। गरीब वनवासियों को वस्त्र बाँटने पहुँची ‘दिया’ मुंबई के सदस्यमुंबई (महाराष्ट्र)दिया, मुंबई हर वर्ष जरूरतमंद गरीबों को सर्दी से बचाने के लिए पुराने कपड़े इकट्ठे कर उनके बीच जाकर बाँटती रही है। इस वर्ष श्रीमती शशि सिन्हा और सुजाता सोपारकर की पहल पर वे गढ़चिरोली जिले के गरीब वनवासियों को यह सेवा प्रदान करने पहुँचे। जरूरतमंद वनवासियों को नये कम्बल, चादर, साड़ी, लुंगी आदि भी ले जाकर दिये। वे ‘जनसेवा ही जनार्दन सेवा है।’ की भावना हृदय में बसाये लोक बिरादरी प्रकल्प (महारोगी सेवा समिति, वर्धा से सम्बद्ध वनवासियों की संस्था) के वनवासियों के बीच जाकर उन्होंने यह वस्त्र और कम्बल प्रदान किये। मकर संक्रांति के दिन 150 कंबल, 50 सोलापुरी चादर, 50 साड़ी, 50 लुंगी उन वनवासियों में बाँटे गये। श्री गोयल जी, सुरभि रस्तोगी, श्रीमती अंजु केजरीवाल, श्रीमती कुसुम मित्तल, श्री नानक भाई, डॉ. वरुण मानेक और राजकीय दंत महाविद्यालय के उनके कई साथियों ने इस कार्य में सहयोग किया। जागरूकतापूर्ण योजनाबद्ध प्रयास किये गयेसिंदरी, धनबाद (झारखंड)इन्हें बाँटे कम्बल भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में शामिल प्रत्येक विद्यालय के दो-दो गरीब बच्चों के परिवारों को  आसपास के गाँवों के गरीबों को  पास के कुष्ठ रोगियों की बस्ती में गायत्री ज्ञान मंदिर सिंदरी ने अपने क्षेत्र का व्यवस्थित आकलन कर लगभग 150 जरूरतमंदों को कंबल बाँटे। श्री सुरेन्द्र प्र. साह के अनुसार कार्यकर्त्ताओं ने सर्दी के मौसम के आरंभ में कार्तिक पूर्णिमा को ही कम्बल वितरण का यह कार्य सम्पन्न कर लिया था। कम्बल वितरण से पूर्व जरूरतमंदों का सर्वे किया गया औैर फिर निर्धारित दिन पर गायत्री ज्ञान मंदिर आकर कंबल ले जाने के लिए उनसे कहा गया।धनबाद से आये प्रमुख कार्यकर्त्ता सर्वश्री केपी सिंह, विभूतिशरण सिंह, यूएल दास, जयंत केसरी, लॉयन्स पब्लिक स्कूल के प्राचार्य श्री रमेश शर्मा और एसबीआई के मैनेजर श्री शशि भूषण कुमार के हाथों यह कम्बल वितरित किये गये। मार्शलिंग यार्ड और कालीपुर में जाकर भी कंबल वितरण किये गये, जिनके माध्यम से कई गाँवों के लोग लाभान्वित हुए। कार्यकर्त्ता सम्मेलन में रचनात्मक आन्दोलनों को गति दीभोपाल (मध्य प्रदेश)गायत्री प्रज्ञापीठ, भेल से जुड़े युवाओं ने अपने क्षेत्र में सृजनात्मक सक्रियता का एक आदर्श प्रस्तुत  किया है। शांतिकुंज में जोन प्रभारी श्री कालीचरण शर्मा की मुख्य उपस्थिति में आयोजित कार्यकर्त्ता सम्मेलन में उन्होंने इस दिशा में साहसी कदम बढ़ाते हुए कई नये रचनात्मक कार्यों का शुभारंभ किया। श्री कालीचरण शर्मा जी ने गोसंवर्धन को विशेष प्रोत्साहन दिया। उन्होंने स्वस्थ, स्वावलम्बी समाज के निर्माण में गोमाता की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गोशाला के 20 से 30 मीटर के दायरे में ऐसी सकारात्मक उर्जा का प्रवाह रहता है, जिससे मनुप्य को कई सारे शारीरिक, मानसिक रोंगो से छुटकारा मिलता है। इस अवसर पर रचनात्मक आंदोलन के प्रमुख डा. शर्मा जी और श्री तिवारी जी ने भी कार्यकर्त्ताओं का मार्गदर्शन किया। प्रज्ञापीठ, भेल से जुड़े कार्यकत्ताओं को ‘एक कार्यकर्त्ता-एक बाल संस्कारशाल’ के संकल्प दिलाये गये। प्रज्ञापीठ ने 108 बाल संस्कार शाला चलाने का संकल्प लिया था, जिसके अंतर्गत 51 बाल संस्कार शालाएँ चलायी जा रही थीं। इस आन्दोलन को गति मिली, कुछ और नये रचनात्मक कार्य आरंभ करने की घोषणा की गयी, वे हैं- 11 नयी बाल संस्कार शालाएँ  पं.श्रीराम शर्मा आचार्य बहुभाषीय निशुल्क पुस्तकालय  गोवर्धन जागृति केन्द्र महिला स्वावलम्बन केन्द्र दिया के सदस्यों ने अलग-अलग क्षेत्रो में साप्ताहिक पुस्तक मेलो के माध्यम से वृक्षारोपण एवं नशा उन्मूलन पर विषेष कार्य करने का संकल्प लिया।


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