गायत्री विद्यापीठ, केशर नगर, राजनांदगांव (छ.ग.) में वार्षिकोत्सव हर्षोल्लासपूर्ण सम्पन्न स्थानीय केशरनगर स्थित गायत्री विद्यापीठ अंग्रेजी माध्यम स्कूल में सत्र 2012-13 का वार्षिकोत्सव हर्षोल्लासपूर्ण सम्पन्न हुआ जो दो चरणों में आयोजित था जिसमें कक्षा बालमंदिर से 12वीं के विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए. दूसरे चरण में गायत्री विद्यापीठ एवं गायत्री शिशु मंदिर के विद्यार्थियों की सांस्कृतिक गतिविधियों पर आधारित आकर्षक प्रस्तुती रही जिसे नाम दिया गया था ‘प्रखर प्रज्ञा’ जिसमें नर्सरी से कक्षा पाँचवीं तक की बच्चों की अत्यंत ही सराहनीय सहभागिता रही.
‘प्रखर प्रज्ञा’ के आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में जिलाधीश श्री अशोक अग्रवाल एवं सहायक कलेक्टर श्री क्षीरसागर जी उपस्थित थे. दीप प्रज्जवलन के का
र्यक्रम के पश्चात समस्त सर्वप्रथम इस कार्यक्रम में जिलाधीश द्वारा विद्यालयीन गतिविधियों की एवं यहाँ की सांस्कृतिक परिवेश की भूरि-भूरि प्रशंसा की गई. सहायक कलेक्टर श्री क्षीरसागर जी ने आईएएस बनने के लिए बच्चों को प्रेरित किया और इस विद्यापीठ स्वयं आकर बच्चों को पढ़ाने की इच्छा व्यक्ति की. दूसरे चरण में गायत्री विद्यापीठ के कक्षा-6वीं से 12वीं तक के बच्चों द्वारा शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जिसमें कार्यक्रम की शुरूआत गणेश वंदना से की गई. बच्चों द्वारा भारत की सांस्कृतिक एकता, गौरव गरिमा का वर्णन नृत्य एवं शिक्षाप्रद नाटकों द्वारा प्रस्तुत किया गया. इसी क्रम में परम्परा के अनुरूप विविध पौराणिक मान्यताओं को नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया गयाhttp://news.awgp.org/var/news/125/Gayatri_Vidya_Peeth_3.JPG" height="202" width="532"> जिसमें ईश्वर के दस अवतारों को दर्शाकर उनके पृथ्वी पर जन्म लेने के उद्देश्य को दर्शाया गया, इसी प्रकार हर एक प्रस्तुति शिक्षाप्रद एवं ज्ञानवर्धक रही. इस आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में श्री अभिषेक सिंग एवं रूंगटा ग्रुप ऑफ कॉलेज के श्री संजय रूंगटा उपस्थित थे. श्री सिंग द्वारा विद्यालयीन गतिविधियों की भूरि-भूरि प्रशंसा की गई उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि इस विद्यालय प्रांगण में आकर मुझे अपार खुशी एवं गर्व का अनुभव हो रहा है मैं ऐसी शिक्षा और संस्कार से परिपूर्ण शाला में चाहूंगा कि हर एक भावी विद्यार्थी यहाँ शिक्षाग्रहण कर एक होनहार नागरिक बनकर देश के विकास में अपना योगदान देवें. अपने उद्बोधन में श्री अभिषेक सिंह ने सभी अभिभावकों से निवेदन किया कि बच्चे हैं तो गलती करेंगे ही उन्हें सुधारने का प्रयास करना चाहिए ताकि गलती की पुनरावृत्ति न हो न कि उसे सबके सामने अपमानित करना चाहिए. श्री संजय रूंगटा ने अपने वक्तव्य में कहा कि इस विद्यालय का विशाल रूप यहाँ अध्ययनरत बच्चों की संख्या अपने आप में हम सब के लिए प्रेरणास्पद है. यहाँ की शिक्षा संस्कार की पद्धति की व्यवस्था हर एक शाला में होनी चाहिए, जहाँ पढक़र विद्यार्थी एक आदर्श नागरिक बन सके.
इस संपूर्ण आयोजन में गायत्री शिक्षण समिति के अध्यक्ष श्री नंदकिशोर सुरजन, श्रीमती सुषमा सुरजन, उपाध्यक्ष श्री प्रेमप्रकाश सिंघल, सचिव श्री हरीश गांधी, मुख्य प्रबंध ट्रस्टी जुगल किशोर लड्ढा, ट्रस्टी श्री  जयंती भाई पटेल, उमेश अग्रवाल, श्री सुनील ठक्कर, श्री राजेश सोनी, प्रशासक श्री एस. नायर, प्राचार्य श्रीमती वत्सला अय्यर, श्रीमती रश्मि ठाकुर, सुश्री सीमा श्रीवास्तव, व्याख्याता श्रीमती वंदना डुम्भरे, श्रीमती अंजुम जहान एवं समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएँ उपस्थित थे. गायत्री शिक्षण समिति के अध्यक्ष श्री नंदकिशोर सुरजन ने अपने स्वागत भाषण में आमंत्रित अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि आज यह विद्यालय प्रांगण ऐसे व्यक्तित्व का साथ पाकर स्वयं को धन्य महसूस करता है. यह विद्यालय 15 अगस्त 1982 को एक छोटे से बीज के रूप में अंकुरित हुआ था जो आज विशाल बरगद का रूप ले चुका है. इसकी शीतल छाया तले आज विद्यार्थी संस्कारों से परिपूर्ण हो रहे हैं. मुझे आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि हम पूज्य गुरूदेव के जिस उद्देश्य को लेकर चले हैं उसे आप सभी के सहयोग से पूर्ण करने में सफल होंगे. इस अवसर पर शाला की प्राचार्य श्रीमती अय्यर ने अपने उद्बोधन में कहा कि यहाँ आरंभ से ही बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ विद्या ग्रहण करवाया जाता है जिससे यहाँ अध्ययनरत हर बच्चा केवल व्यवहारिक न होकर कार्य कुशल भी होता है और जीवन के हर बाधाओं का साहस के साथ मुकाबला करने में सक्षम है यह संस्था विगत 30 वर्षों से सफलता के नये मुकाम गढ़ रहा है जो यहाँ के सेवाभावी शिक्षक-शिक्षिकाओं के कठोर परिश्रम एवं लगन का परिणाम है. इस आयोजन में कार्यक्रम का सफल संचालन श्री यू. मनोज मेनन, श्रीमती उषा झा, श्री अखिलेश मिश्रा एवं श्रीमती सीमा गायधने द्वारा किया गया.


Write Your Comments Here:



Warning: Unknown: write failed: No space left on device (28) in Unknown on line 0

Warning: Unknown: Failed to write session data (files). Please verify that the current setting of session.save_path is correct (/var/lib/php/sessions) in Unknown on line 0