गायत्रीमय हो गया नगर

गायत्री चेतना केन्द्र औरंगाबाद पर नवरात्रि की पूर्णाहुति में इतने लोगों ने भाग लिया, जितने पहले कभी नहीं आये थे। नौ कुण्डीय यज्ञ की सात पारियों के माध्यम से लोगों ने अपने अनुष्ठान की पूर्णाहुति की। विशाल पार्किंग स्थल अत्यंत छोटा पड़ गया। 

जन आस्था के इस सैलाब का आधार थी, पिछले ढ़ाई माह से घर-घर में चलायी जा रही समूह साधना। मकर संक्रांति से लेकर नवरात्रि तक शक्तिपीठ द्वारा नगर के ५०० घरों में ४५ मिनट के समूह साधना आयोजन कराने का संकल्प लिया गया था। प्रतिदिन गायत्री चेतना केन्द्र से कई टोलियाँ अलग-अलग घरों में भेजकर यह साधना करायी गयी। आयोजकगण श्री राजेश टाँक एवं साथियों के नैष्ठिक प्रयासों का प्रयास ही था कि कई-कई दिनों पहले लोगों ने अपने घर साधना आयोजन की तारीखें निश्चित कर ली थीं। इस समूह साधना प्रयोग से जो उत्साह उभरा वह नवरात्रि साधना की पूर्णाहुति में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। 

औरंगाबाद शाखा द्वारा पूर्णाहुति यज्ञ में लोकमंगल के विविध प्रयोजनों को पूरा करने के लिए विशेष आहुतियाँ भी समर्पित की गयीं। आसुरी शक्तियों के बढ़ते प्रभाव के शमन के लिए ‘क्लीं’ बीजमंत्रयुक्त विशेष आहुतियाँ दी गयीं। 

पिछले ढाई माह के समूह साधना प्रयोग के सत्परिणामों ने चेतना केन्द्र के आयोजकों को खूब उत्साहित किया है। वे अब इस साधना प्रयोग को नये स्वरूप में साल के अंत तक चलाने का मन बना रहे हैं। स्थानीय मीडिया ने भी नवरात्रि में साधना के लोकमंगलकारी अभिनव स्वरूप और समूह साधना से उमड़ी आस्था को भरपूर कवरेज दिया। सभी समाचार पत्र में चेतना केन्द्र पर आस्था के उमड़े सैलाब के समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किये गये। 


गायी भारतीय संस्कृति की गौरवगाथा

  • ५ स्थानों पर नियमित समूह साधना का शुभारंभ
सेंधवा, बड़वानी (म.प्रदेश)
गायत्री आश्रम, सेंधवा ने नवरात्रि पर्व मनाते हुए भारतीय संस्कृति के आदर्शों को समाज में स्थापित करने के प्रशंसनीय प्रयास किये। प्रतिदिन सत्संग के क्रम में स्वास्थ्य, परिवार, समाज से संबंधित प्रेरणाएँ दी गयी। यह सत्संग समाधान परक था, जिसमें लोगों ने अपनी समस्याएँ प्रस्तुत कीं, श्री मेवालाल पाटीदार ने उनका समाधान प्रस्तुत किया। 

रामनवमी के दिन पूर्णाहुति हुई, विश्व कल्याण और समाज के उत्थान की प्रार्थना के साथ विशेष आहुतियाँ समर्पित की गयीं। कन्या पूजन के क्रम में नारी की गौरव-गरिमा को बढ़ाने वाली प्रेरणाएँ दी गयीं, संकल्प दिलाये गये। 

नवरात्रि साधना के समय सेंधवा में पाँच स्थानों पर सामूहिक साधना आरंभ करने के संकल्प लिये गये हैं। ये कार्यक्रम अलग-अलग कॉलोनियों में प्रति रविवार सायं ७.३० से ८ बजे तक आयोजित होंगे। 

‘सृष्टि दिवस’ के उल्लास के साथ मना नवसंवत्सर

सेंधवा शाखा ने नवविक्रम संवत् २०७१ का प्रथम दिन-गुड़ी पाड़वा सृष्टि दिवस के रूप में मनाया। इस अवसर पर हर्बल गार्डन में तरु मिलन और तरु सिंचन के कार्यक्रम आयोजित किये गये। लोगों को स्वास्थ्य रक्षक नीम के औषधीय गुणों से युक्त रस का सेवन कराया गया। 

समारोह में नवरात्रि साधना के संकल्प भी कराये गये। १५० भाई-बहिनों ने गायत्री लघु अनुष्ठान करने के संकल्प लिये। गायत्री माता के दर्शन के साथ नववर्ष का शुभारंभ करने के लिए शक्तिपीठ पर दर्शकों की भीड़ उमड़ी थी। 


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