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  • माँ गायत्री चेतना केन्द्र वाघोली द्वारा ईको फ्रैण्डली होली मनायी गयी। परिजनों ने इस अवसर पर लकड़ी जलाने नहीं, वृक्ष लगाने की प्रेरणा लोगों को दी। ईको फ्रैण्डली होली की विशेषताएँ इस प्रकार थीं। 
  •  लकड़ी की जगह नारियल की जटा और घास-फूस दहन कर होलिका दहन का प्रतीक पूजन किया गया। 
  •  लोगों ने अपने दोष-दुर्गुण कागजों पर लिखकर उनकी आहुतियाँ देते हुए उन्हें छोड़ने के संकल्प लिये। 
  •  त्रिधा समता देवी का पूजन करते हुए लोगों को लड़का-लड़की में भेद न करने और कन्याभ्रूण हत्या न करने, न होने देने के संकल्प दिलाये। 
  •  लोगों को फूल, हल्दी, चंदन, मुल्तानी मिट्टी जैसे प्राकृतिक पदार्थों से बने रंगों से होली खेलने और जहरीले रासायनिक रंगों से बचने की प्रेरणा दी गयी। 
  •  जल संरक्षण की जरूरत बतायी।
  •  पंछियों के लिए घर की छतों पर पानी रखने का आग्रह किया। 


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11 जनवरी, देहरादून। उत्तराखंड ।

दिनांक 11 जनवरी 2020 की तारीख में देव संस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज हरिद्वार के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉक्टर चिन्मय पंड्या जी देहरादून स्थित ओएनजीसी ऑडिटोरियम में उत्तराखंड यंग लीडर्स कॉन्क्लेव 2020 कार्यक्रम में देहरादून पहुंचे जहां पर उन्होंने उत्तराखंड राज्य के विभिन्न.....

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ज्ञानदीक्षा समारोह में लिथुआनिया सहित देश के 12 राज्यों के नवप्रवेशी विद्यार्थी हुए दीक्षित

देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ प्रणव पण्ड्या ने कहा कि जो आचरण से शिक्षा दें वही आचार्य है और ऐसे आचार्यगण ही विद्यार्थियों को चरित्रवान बना सकते हैं। डॉ. पण्ड्या ने कहा कि जिस तरह चाणक्य ने अपने ज्ञान व.....

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