रॉबिन आयलैण्ड में, जहाँ काल कोठरी में नेल्सन मंडेला रहे २७ वर्ष


केपटाउन के निकट ही है रोबिन आयलैण्ड, जहाँ की जेल में दक्षिण अफ्रीका के इतिहास पुुरुष, राष्ट्रपिता नेल्सन मंडेला कठिन यातनाओं के बीच २७ वर्षों तक जेल में रहे। दक्षिण अफ्रीका के प्रवास पर पहुँचे आदरणीय डॉ. प्रणव पण्ड्या जी, श्री राजकुमार वैष्णव और श्री ओंकार पाटीदार वहाँ पहुँचे और जेल का निरीक्षण किया। 

नेल्सन मंडेला का जीवन सत्य-अहिंसा के पुजारी राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी से प्रेरित था। उन्होंने गोरों और कालों के बीच भेदभाव के विरुद्ध आन्दोलन छेड़ा। दक्षिण अफ्रीकी सरकार ने इसे एक जघन्य अपराध मानते हुए जून १९६४ में नेल्सन मंडेला को राजनयिक बंदी के रूप में रॉबिन आईलैण्ड की जेल में भेज दिया। 

नेल्सन मंडेला यहीं एक छोटी-सी कोठरी में रहे। भीषण गर्मी में चूने के पत्थरों को तोड़ने का सश्रम कारावास उन्होंने झेला। २७ वर्ष तक कुली और मजूदरों जैसी परिस्थितियों में रहे पर अपने लक्ष्य से डिगे नहीं। 

  •  डॉ. प्रणव जी नेल्सन मंडेला के तप का स्मरण कर भावुक हो गये। उन्होंने कहा कि महान क्रांति की शुरुआत कैसे होती है, इसका जीता-जागता उदाहरण है नेल्सन मंडेला का जीवन।  उनके यह स्मारक  दर्शकों को त्याग और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देती है। इन्हें सँजोकर रखने की आवश्यकता है।
  •  आदरणीय डॉ. साहब ने परम पूज्य गुरुदेव के जीवनादर्शों की चर्चा की। उनकी स्मृतियों को सँजोने के लिए पूज्य गुरुदेव की जन्मभूमि आँवलखेड़ा में चल रहे निर्माण कार्यों की जानकारी दी। 
  •  रॉबिन आईलैण्ड जेल का निरीक्षण कराने वाले (गाइड) सज्जन नेल्सन मंडेला के साथ ८ वर्षों तक जेल में रहे थे। रिहाई के बाद राजनैतिक जीवन को स्वीकार करने की बजाय भक्तिभाववश इस धरोहर की रक्षा करने का दायित्व उन्होंने स्वीकार। परिसर और तत्कालीन परिस्थितियों की जानकारी देते समय उनकी आँखों की चमक और वाणी की खनक देखते ही बनती थी। 


Write Your Comments Here:


img

पर्यावरण संरक्षण के लिए हुई प्रशंसनीय पहल

एक डॉक्यूमेण्ट्री ने बदल दी लोगों की आदतयूनाइटेड किंगडमवर्षों बाद लंदन की कई कॉलोनियों में पहले की तरह सुबह- सुबह दूध की डिलीवरी करने वाले दिखने लगे हैं। अब लोग प्लास्टिक की बोतलों में नहीं, काँच की बोतलों में दूध.....

img

डलास, अमेरिका में हुआ १०८ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ

वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए संघबद्ध आध्यात्मिक पुरुषार्थ का आह्वान १५ अप्रैल को हिन्दू मंदिर सोसाइटी, डलास में १०८ कुण्डीय महायज्ञ सम्पन्न हुआ। गायत्री परिवार के सदस्यों सहित डलास और आसपास के नगरों से आये सैकड़ों श्रद्धालुओं ने.....

img

पूर्वी अफ्रीका में शांतिकुंज की टोली का प्रवास

यूगांडा, तंजानिया और केन्या में १०८ कुण्डीय यज्ञ हुएशांतिकुंज प्रतिनिधि श्री शांतिलाल पटेल, श्री ओंकार पाटीदार एवं श्री बसंत यादव की टोली ८ मार्च से १६ अप्रैल तक यूगांडा, तंजानिया और केन्या के प्रवास पर थी। इस प्रवास में तीनों.....