img

चार धाम यात्रियों को चिकित्सकीय सेवा प्रदान करने देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का एक दल आज रवाना हुआ। इन विद्यार्थियों को राजकीय जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ चिकित्सकीय टीम द्वारा बेसिक लाइफ सपोर्ट का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त है। 

दल के रवाना होने से पूर्व कुलाधिपति डॉ. प्रणव पण्ड्या ने कहा कि देसंविवि नित नये प्रयोग के तहत सेवा कार्य के लिए अपने विद्यार्थियों को प्रेरित, उत्साहित करते रहे हैं।   देवसंस्कृति का मूल आधार सेवा है और इसे देसंविवि में अध्ययनरत विद्यार्थियों में पिरोया जाता है। उन्होंने कहा कि चारधाम के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा- सुश्रुषा के दौरान और आवश्यकता पड़ने पर आपदा प्रबंधन से प्रशिक्षित टीम भी भेजी जायेगी। डॉ. पण्ड्या ने अपने तीन दशक से अधिक के चिकित्सकीय अनुभवों को भी  विद्यार्थियों से साझा किया। देसंविवि की संरक्षिका शैल दीदी ने मरीजों की सेवा को उपासना की भाँति करने की बात कही। यहाँ उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष केदारनाथ में हुई त्रासदी के समय में भी देवसंस्कृति विवि की चिकित्सकीय टीम अगत्स्यमुनि में सेवारत थी। जहाँ उन्होंने अपने पीठों में लादकर राहत सामग्री जरूतरमंदों तक पहुँचाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

यह दल समन्वयक डॉ. चन्द्रप्रकाश त्रिपाठी (जिला अस्पताल, हरिद्वार), उपसमन्वयक डॉ. अजित तिवारी (राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय, अल्मोड़ा) के नेतृत्व में  कार्य करेगा। दल का बेस कैम्प सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अगस्त्यमुनि जनपद रुद्रप्रयाग रहेगा। जहाँ ये विद्यार्थी यात्रा में आने वाले जरूरतमंद श्रद्धालुओं की वैकल्पिक  चिकित्सा- एक्यूप्रेशर, मर्म चिकित्सा, योग, आहार, प्राकृतिक व पंचकर्म चिकित्सा से उपचार करेंगे। योग एवं मनोविज्ञान से परास्नातक देसंविवि के विद्यार्थी एक माह तक अपनी सेवाएँ देंगे। साथ ही यह दल हिमालय क्षेत्र में वृक्षारोपण का कार्य भी करेगा।



Write Your Comments Here:


img

प्राणियों, वनस्पतियों व पारिस्थितिक तंत्र के अधिकारों की रक्षा हेतु गायत्री परिवार से विनम्र आव्हान/अनुरोध

हम विश्वास दिलाते हैं की जीव, जगत, वनस्पति व पारिस्थितिकी तंत्र के व्यापक हित में उसके अधिकार को वापस दिलवाना ही हमारा एकमात्र उद्देश्य और मिशन है| जलवायु संकट की वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए तथा जीव-जगत को.....

img

प्राणियों, वनस्पतियों व पारिस्थितिक तंत्र के अधिकारों की रक्षा हेतु गायत्री परिवार से विनम्र आव्हान/अनुरोध

हम विश्वास दिलाते हैं की जीव, जगत, वनस्पति व पारिस्थितिकी तंत्र के व्यापक हित में उसके अधिकार को वापस दिलवाना ही हमारा एकमात्र उद्देश्य और मिशन है| जलवायु संकट की वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए तथा जीव-जगत को.....

img

गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में तीन दिवसीय युवा सम्मेलन का आज समापन

क्षमता का विकास करने का सर्वोत्तम समय युवावस्था - डॉ पण्ड्याराष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के युवाओं को तीन दिवसीय सम्मेलन का समापनहरिद्वार 17 अगस्त।गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में तीन दिवसीय युवा सम्मेलन का आज समापन हो गया। इस सम्मेलन में राष्ट्रीय राजधानी.....