प्रांतीय युवा चेतना शिविर के बाद डॉ. चिन्मय पण्ड्या निमाड़-मालवा क्षेत्र की कई शक्तिपीठों पर पहुँचे, वहाँ के कार्यकर्त्ताओं से चर्चा और गोष्ठियों में हजारों भाई-बहिनों का उत्साहवर्धन किया। ये गोष्ठियाँ सनावद, ओंकारेश्वर, हाटपीपल्या, बरोठा, सिरोलिया, देवास और इंदौर में आयोजित हुईं। 

हरीभरी पहाड़ी 
हथियाबाबा से चलकर वे सबसे पहले बोगावाँ निपानी पहुँचे, परिजनों ने श्री मनोज तिवारी के मार्गदर्शन और प्रत्यक्ष नेतृत्व में बंजर पहाड़ी को हराभरा बनाने का असाधारण कार्य कर दिखाया है। 

देव संस्कृति महाविद्यालय
  हाटपीपल्या के शक्तिपीठ परिसर में निर्माणाधीन देव संस्कृति महाविद्यालय का निरीक्षण किया। वहाँ उन्होंने परम पूज्य गुरुदेव के सपनों को साकार करने के लिए देव मानवों की पौध तैयार करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। परिजनों में इसके लिए उत्साह बढ़ाया, मार्गदर्शन दिया। 

वनवासी उत्थान आन्दोलन
आदिवासियों के उत्थान के लिए चलाये जा रहे यशस्वी अभियान के नायक श्री महेश चौधरी से उनके गाँव मेरखेड़ी में जाकर भेंटवार्ता की। 

स्नेहसिंचन से अभिभूत हुए
देवास में उन दुर्गा जीजी ने डॉ. चिन्मय का भावभरा स्वागत किया, शांतिकुंज में जिनकी गोदी में वे बचपन में खेले थे। परस्पर स्नेहाभिसिंचन का यह दृश्य भावविभोर कर देने वाला था। सभी परिजनों से चर्चा हुई। 


Write Your Comments Here:


img

गुण, कर्म, स्वभाव का परिष्कार करने वाली विद्या को प्रोत्साहन मिले। श्रद्धेय डॉ. प्रणव जी

देव संस्कृति विश्वविद्यालय का 35वाँ ज्ञानदीक्षा समारोह 21 जुलाई 2019 को कुलाधिपति श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या जी की अध्यक्षता में.....

img

शिक्षण संस्थानों में परिचय के नाम पर उत्पीड़न नहीं, विद्यारंभ संस्कार होना चाहिए

देव संस्कृति विश्वविद्यालय के 35वें ज्ञानदीक्षा समारोह में केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री का संदेश   यह ज्ञानदीक्षा समारोह जीवन के.....