सेवा धर्म का सम्मान, सेविकाओं का अभिनंदन

  • फ्लोरेन्स नाइटेंगल जयन्ती 

खरगोन (मध्य प्रदेश)
 मनुष्य जीवन का मूल लक्ष्य सेवा ही है। फ्लोरेन्स नाइटेंगल ने जीवनभर युद्ध में घायल लोगों की तन, मन, धन  से जो सेवा की वह सारे विश्व के लिए सेवा साधना की मिसाल है। 

जिला चिकित्सालय की वरिष्ठ परिचारिका सिस्टर शान्ता हिरवे ने यह विचार गायत्री शक्तिपीठ में नर्सेस दिवस पर गायत्री परिवार द्वारा आयोजित सेवा साधना सम्मान कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि फ्लोरेन्स नाइटेंगल की जयन्ती मनाते हुए हम सबको उनका अनुसरण करने और सेवा को जीवन का सर्वोपरि उद्देश्य बनाने की प्रेरणा लेनी चाहिए।
 
सम्मेलन को कई गणमान्य बहिनों ने संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए समाज सेविका श्रीमती प्रभा राठौड़ ने कहा कि धन्य हैं वे सभी नर्स बहिनें जो सेवा को अपना धर्म कर्तव्य मानकर निरन्तर प्रसन्नतापूर्वक मरीजों की परिचर्या करती हैं। सिस्टर आशा डेविड ने कहा कि सेवा एक दैवी गुण है। सेवा से उपजी सद्भावना मन में अपार आत्म संतोष की अनुभूति कराती है। 

सिस्टर विद्या पाटीदार ने फ्लोरेन्स नाइटेंगल के महत्वपूर्ण कार्यों का उल्लेख किया। गायत्री परिवार की श्रीमती प्रभा पाटीदार और श्री गोपालकृष्ण अमझरे ने प्रत्यक्ष सेवा के साथ सबके हित की कामना से सामूहिक साधना-प्रार्थना के कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान किया। 

गायत्री परिवार के भाई-बहिनों ने सभी नर्स बहिनों का पुष्पवर्षा कर अभिनन्दन किया। सुनीता पाटीदार ने सिस्टर्स के सम्मान में भावभरा गीत प्रस्तुत किया। 


सृजनात्मक सक्रियता अपनायें देवियाँ 

  • नारी जागरण संगोष्ठी
जसीडीह, देवघर (झारखण्ड)
जसीडीह डाबर ग्राम स्थित गायत्री शक्तिपीठ में जिला महिला जागरण सम्मेलन आयोजित हुआ। मुख्य वक्ता जसवीर कौर ने दीप प्रज्वलन के साथ विधिवत कार्यक्रम का उद्घाटन किया। महिला जागरूकता के संदर्भ में मार्गदर्शन देते हुए उन्होंने बहिनों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सेवा, स्वच्छता, संस्कारों को अपनाने के लिए सारगर्भित मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि सकारात्मक चिंतन और सृजनात्मक योजनाओं से जुड़कर ही नारी अपनी गौरव-गरिमा के अनुरूप समाज में स्थान प्राप्त कर सकती है। 

उपस्थित बहिनों के सहयोग से नारी सक्रियता को गति देने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में महिला मंडल व युवा मंडलों गठन किया गया। नशा उन्मूलन रैली और पर्यावरण पर गोष्ठियाँ आयोजित करने की योजनाएँ बनायी गयीं। नियमित गायत्री उपासना करते हुए आत्म विकास के लिए आवश्यक आत्मबल अर्जित करने के लिए उपस्थित बहिनों को प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन कुलदीप महतो ने किया। आयोजन की सफलता में उपजोन समन्वयक श्री देवकी नन्दन सिंह की विशेष भूमिका थी।


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