शांतिकुंज में गुरुपूर्णिमा महोत्सव का शुभारंभ

गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में तीन दिवसीय गुुरुपूर्णिमा महोत्सव का भव्यता के साथ शुरुआत हुआ। तीन दिन तक चलने वाले कार्यक्रम की शुरुआत सत्संग से हुआ। इस दौरान सद्गुरु की महिमा पर प्रकाश डालते हुए डॉ ओ.पी. शर्मा ने कहा कि सद्गुरु ही भवसागर से पार लगाते हैं।

कविता पाठ में जहाँ गुरुओं की महानता को याद किया गया, वहीं शिष्य के समर्पण भाव को भी रेखांकित किया गया। सद्गुरु के बिन जीवन बेकार, मूर्ख को महान बना दो सद्गुुरु..., गुरु ही जीवन का आधार..., सारे तीरथ धाम गुरु- आपके चरणों में ... आदि कविताओं से छात्र- छात्राओं ने अपनी कविता, सद्गुरु को समर्पित किया। वहीं भव्या कौशिक, अमरिता, निशा, मनीता आदि छात्राओं ने कबीर व रामायण के दोहे के साथ गुरु- शिष्य के संबंध को चित्रित किया। गायत्री विद्यापीठ की श्रेया मिश्रा व दिव्या यादव ने अपनी कविता के माध्यम से गुरु के प्रति अपनी श्रद्धाभाव प्रकट किया। इस अवसर पर रा.इं.कालेज सुल्तानपुर, आर्य कन्या इंटर कालेज, बाल मं.सी.से.स्कूल सेक्टर दो, जवाहर नवोदय विद्यालय सहित जनपद के पन्द्रह विद्यालयों के कक्षा 10 से 12 के विद्यार्थियों ने भाग लिया। कविता पाठ में डीपीएस की छात्रा अनुष्का स्वरा को पहला, बाल सदन बहादराबाद की छात्रा उर्वशी व अरबाव को द्वितीय व तीसरा स्थान मिला। इन विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। निर्णायक की भूमिका में शांतिकुंज के वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं प्रज्ञा अभियान के संपादक श्री वीरेश्वर उपाध्याय, शचीन्द्र भटनागर, विमला अग्रवाल, पी.डी. गुप्ता एवं कैलाश महाजन थे। कविता पाठ का संचालन कवि श्री अशरण शरण श्रीवास्तव ने किया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम में शांतिकुंज के कार्यकर्ता, गायत्री विद्यापीठ एवं देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने शिष्यों के निर्माण में गुरु के योगदान को याद किया। विश्वामित्र- राम, रामकृष्ण- विवेकानंद, चाणक्य- चन्द्रगुप्त, रामदास- शिवाजी आदि गुरु- शिष्य के संवादों ने उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम का संचालन गोपाल कृष्ण शर्मा ने किया।





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