जरा हटकर
  • वृक्षारोपण से पहले दो वर्ष तक विशाल नर्सरी में ही विकसित किये जाते हैं पौधे
संकल्प
  • ८० वर्षीय युवा श्री गुलशन दत्ता को मिले युवा रक्त के सहयोग से आरंभ हुए सेवा के कई आयाम

हर पौधा रहेगा सुरक्षित

वडोदरा (गुजरात)
आमतौर पर अनेक संस्थाएँ बृहद् स्तर पर वृक्षारोपण करती हैं, लेकिन उनमें से सुरक्षित कितने रह पाते हैं? इसी विडंबना को देखते हुए श्री गायत्री शक्तिपीठ आमोदर (खटंबा) द्वारा लगभग १०००० वर्ग फीट की विशाल नर्सरी में ही पौधे लगाकर उन्हें विकसित किया जा रहा है। ६ से ८ फीट के हो जाने पर उपयुक्त स्थानों पर इन्हें रोपने की योजना है। 

गतवर्ष १८०० पौधे गये। श्री अविनाश दामले द्वारा उन्हें गोबर की खाद, कीटनाशक आदि के प्रयोग से संरक्षित किया जा रहा है। इस वर्ष १६०० पौधे रोपे गये हैं। शक्तिपीठ द्वारा पपीता, सीताफल जैसे पौधे और गमलों में लगाये जाने वाले पौधे भी नगरवासियों को मुफ्त या लागत मूल्य पर उपलब्ध कराये जा रहे हैं। 


दुर्ग (छत्तीसगढ़)
रचनात्मक युवा प्रकोष्ठ पीसेगाँव इस वर्ष पीसेगाँव में २०० वृक्ष रोप रहा है। कटहल, काजू, बादाम, जामुन, नीम आदि फलदार एवं स्वास्थ्यवर्धक वृक्षों का रोपण वहाँ श्मशान, कुथरैल आदि क्षेत्रों में किया जा रहा है। युवा रमाकांत, रोशन देशमुख, प्रफुल्ल पटेल आदि इस कार्य में बड़े उत्साह के साथ रुचि ले रहे हैं।

इन युवकों का वृक्षारोपण अभियान कुछ लीक से हटकर है। वे अपनी पीसेगाँव और भटगाँव की नर्सरी में ही पौधों को रोपकर वहीं दो वर्षों तक उनकी सेवा-सुरक्षा करते हैं। जब वे ८-१० फीट ऊँचे हो जाते हैं, तब इन्हें निर्धारित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाता है। इससे इनके जीवंत रहने की सुनिश्चितता बढ़ जाती है। इससे पूर्व वे ३०० वृक्षों का रोपण कर चुके हैं, जो सभी स्वस्थ हैं, विकसित हो रहे हैं। 


 श्रीराम तुलसी वाटिका

नोएडा (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र)
  • दूषित भूमि का हुआ कायाकल्प
दिया, नोएडा ने सेक्टर-६२ में श्रीराम तुलसी वाटिका की स्थापना की। इस अवसर पर सुमित गुप्ता, राजेश, प्रणव, अजय, रामशाह, मोह, रवि, नवीन आदि युवाओं ने निश्चय किया कि वे तुलसी की पौध को सेक्टर-६२ के घर-घर तक पहुँचाने का प्रयत्न करेंगे। कार्यक्रम का संचालन गायत्री चेतना केन्द्र नोएडा ने किया। वहीं पर एक बाल संस्कार शाला का शुभारंभ भी किया गया है। 

यह वाटिका ८० वर्षीय श्री गुलशन दत्ता जी द्वारा पिछले १० वर्षों से विकसित की जा रही उस भूमि पर बनायी जा रही है, जहाँ पहले कभी दिल्ली का कूड़ा-कचरा भरा जाता था। उन्होंने अपने अथक परिश्रम से उस स्थान को अत्यंत सुंदर बना दिया है। वहाँ अल्यूवेरा, गिलोय, तुलसी वट आदि औषधीय उपयोग के पौधे बड़ी संख्या में शोभायमान हैं। 

दिया, नोएडा ने लगभग १ वर्ष पूर्व से इस स्थान को अनेक गतिविधियों का केन्द्र बना दिया। वहाँ योग, साधना, स्वाध्याय और व्यक्तित्व विकास संबंधी कार्यक्रम युवाओं द्वारा नियमित रूप से चलाये जा रहे हैं। ५० युवक इसमें नियमित रूप से भाग ले रहे हैं। उन्हें शैक्षिक विषय भी पढ़ाये जा रहे हैं। भविष्य में इस स्थान पर अगरबत्ती उद्योग, नक्षत्र वाटिका, एक्यूप्रेशर मार्ग बनाने जैसे योजनाएँ दिया ने बनायी हैं। 



स्मृति उपवन स्वास्थ्य पार्क

टीकमगढ़ (मध्य प्रदेश)
टीकमगढ़ शाखा ने नगरपालिका के सहयोग से अपने नगर में श्रीराम स्मृति उपवन एवं स्वास्थ्य पार्क की स्थापना कर ली है। दिनांक २० जुलाई को श्री राजेश गिरि, नगरपालिकाध्यक्ष द्वारा इसका लोकार्पण किया गया। आज प्रतिदिन ५००-६०० लोग इस स्वास्थ्य पार्क का लाभ ले रहे हैं। अग्रणी कार्यकर्त्ता श्री राजेश पाठक, श्री दिलीप कटारे आदि ने स्मृति उपवन के निर्माण में अग्रणी योगदान दिया है। 


जन्म दिवस पर वृक्षारोपण

राघौगढ़, गुना (मध्य प्रदेश)
राघौगढ़ और गुना के परिजनों की प्रेरणा से २४ लोगों ने अपने-अपने जन्म दिवस पर एक-एक वृक्ष लगाने और एक दर्जन से अधिक लोगों ने नशामुक्त जीवन जीने के संकल्प लिये। यह संकल्प जामनेर में श्री राजेन्द्र धाकड़ के सुपुत्र चि. सतीश के १४ वें जन्म दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित दीपयज्ञ के अवसर पर लिये गये।  श्री शिवचरण नामदेव ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा कि लोग पुण्य कमाने के लिए व्रत, देवदर्शन, तीर्थयात्राएँ, दान, भण्डारे आदि करते हैं, लेकिन वृक्ष लगाना सबसे बड़ा पुण्य है।



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