समर्पण पर्व गुरुपूर्णिमा ने युगसृजेताओं के आस्था-दीप जलाये

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साधकों को मिली शांतिकुंज प्रतिनिधि की प्रेरणा

सैंधवा, खरगोन (म.प्र.)
शक्तिपीठ सैंधवा गुरुपूर्णिमा पर्व शांतिकुंज प्रतिनिधि श्री शिवप्रसाद मिश्रा जी के सान्निध्य में मनाया गया। उन्होंने पर्व संदेश में गुरुपूर्णिमा को अपनी अकांक्षाओं को गुरु की आकांक्षाओं में विसर्जित करने और उन्हीं को अपना जीवन लक्ष्य बनाने की प्रेरणा दी। शक्तिपीठ द्वारा चलायी जा रही स्वास्थ्य संवर्धन, गौसंरक्षण और आस्था संवर्धन की गतिविधियों की उन्होंने सराहना की। गुरुदेव द्वारा निर्धारित अनुशासनों का निष्ठापूर्वक पालन  करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि धन्य है वह शिष्य जिसने अपने समर्पण के आधार पर परम पूज्य गुरुदेव-वंदनीया माताजी जैसी महान ईश चेतना के अनुदान पाये हैं। 


  • १२५ श्रवण कुमारों ने एक लाख लोगों तक पहुँचाये युगऋषि के विचार
अहमदाबाद (गुजरात)
आमतौर पर गुरुपूर्णिमा पर लोग स्तुति, वंदना, पूजा-पाठ के माध्यम से अपनी गुरुसत्ता तक अपनी भावनाओं की श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, लेकिन उनमें कुछ हनुमान भी होते हैं, जो कहते हैं, ‘‘रामकाज कीन्हें बिना, मोहि कहाँ विश्राम।’’

अहमदाबाद में ऐसे ही हनुमानों की एक टोली ज्ञानयज्ञ के लिए समर्पित है। सुप्रसिद्ध कांकरिया तालाब पर प्रतिदिन प्रातः ५ बजे से ८ बजे तक पुस्तक प्रदर्शनी लगाकर, चलता फिरता वाचनालय चलाकर वह वहाँ प्रतिदिन आने वाले १०००० लोगों को गुरुदेव का साहित्य निःशुल्क पढ़ने का अवसर देती है। 

ये हनुमान पिछले आठ वर्षों से प्रत्येक गुरुपूर्णिमा पर ज्ञानयज्ञ का महान कार्य कर रहे हैं। इस वर्ष भी ओढ़व, विवेकानंद नगर-हाथीजण, ईशनपुर, असारवा, मेमनगर, नारणपुरा, बोपल, सिंगरवा और रायपुर शाखा के १२५ युवाओं ने सद्ज्ञान विस्तार का क्रम दोहराते हुए एक लाख लोगों तक परम पूज्य गुरुदेव के विचार पहुँचाये। 

सभी कुल ५ टोलियों में विभाजित हुए। उन्होंने राज्य परिवहन बस स्टेंड-गीता मंदिर, कालुपुर रेलवे स्टेशन, एएमटीएस बस स्टेशन लाल दरवाजा, बापुनगर बस स्टेशन पर यात्रियों को निःशुल्क साहित्य प्रदान किया। हीरा बाजार की तरह प्रमुख सरकारी अस्पतालों (सिविल, शारदाबेन, एलजी, समजुबा, कांकरिया) में आने वाले मरीजों, परिचारकों एवं अन्यों को भी पुस्तकें दी। 

इस टोली ने गुजराती, अंग्रेजी और हिंदी की ४०००० पॉकेट बुक्स, १२००० अन्य पुस्तकें, २०००  गायत्री चालीसा, १००० मंत्र लेखन और ५००० युगशक्ति गायत्री के पुराने अंक निःशुल्क वितरित किये। इसके अलावा ३५००० स्टिकर भी इन क्षेत्रों में लगाये गये। 

अभियान के समापन के बाद सायंकाल ८ बजे गुरुपूर्णिमा पर्व पूजन का कार्यक्रम गायत्री ज्ञान मंदिर ओढव, गायत्री ऊर्जा एवं शिक्षा केन्द्र आदिनाथ नगर तथा गायत्री शक्तिपीठ हाथीजण पर आयोजित किये गये। सभी ने अथाह संतोष और आनंद की अनुभूति के साथ पावन गुरुसत्ता को याद किया और इसी प्रकार युग निर्माण आन्दोलन को अपने लक्ष्य तक पहुँचाने के लिए शक्ति, सामर्थ्य की याचना की। ज्ञानयज्ञ के पुनीत अभियान में सहयोग करते हुए शांतिकुंज और तपोभूमि मथुरा को एक लाख रुपये का अनुदान भी दिया। 


सेवा, संस्कार एवं विचार विस्तार
भुसावल (महाराष्ट्र)
गायत्री शक्तिपीठ भुसावल पर गुरुपूर्णिमा पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर एक्यूप्रेशर, मैग्रेटोथेरेपी और प्राकृतिक चिकित्सा शिविर लगाते हुए पीड़ित मानवता की सेवा भी की गयी। सक्रिय कार्यकर्त्ता सौ. अरोड़ा बहिन की ओर से नीम, अमरूद, आम, आँवला, इमली आदि के १०० पौधे वितरित किये गये। वरिष्ठ कार्यकर्त्ता श्री गंगाधर राव देशमुख ने साहित्य विस्तार पटल का शुभारंभ किया। नैष्ठिक परिजनों ने युग निर्माणी संकल्पों को साकार करने में अपने-अपने योगदान के संकल्प लिये।