• पहले दिन बाँटे 
  • ५००० भोजन पैकेट

गत वर्ष की तरह इसवर्ष भी १५-१६ अगस्त की तेज बारिश में लक्सर क्षेत्र के कई गाँव जलमग्न हो गये। तत्काल शांतिकुंज के आपदा प्रबंधन दल ने प्रभावित क्षेत्रों के लिए भोजन पहुँचाने की तैयारी कर ली। सैकड़ों कार्यकर्त्ताओं के सहयोग से भोजन के पैकेट बनना आरंभ हो गये। 

शांतिकुंज का आपदा प्रबंधन दल जलमग्न गाँवों में इन्हें लेकर पहुँचा। सबसे पहले कलासिया, शेरपुर बेला, माडाबेला और आसपास के गाँवों में भोजन पहुँचाया गया। पुलिस की मोटर बोट और स्थानीय कार्यकर्त्ताओं का सहयोग लेते हुए शांतिकुंज के कार्यकर्त्ता पहुँचे। समाचार लिखे जाने तक १७ अगस्त को पहले ही दिन ५००० भोजन पैकेट बाँटे। सेवाकार्य जारी रहेंगे। 



Write Your Comments Here:


img

प्राणियों, वनस्पतियों व पारिस्थितिक तंत्र के अधिकारों की रक्षा हेतु गायत्री परिवार से विनम्र आव्हान/अनुरोध

हम विश्वास दिलाते हैं की जीव, जगत, वनस्पति व पारिस्थितिकी तंत्र के व्यापक हित में उसके अधिकार को वापस दिलवाना ही हमारा एकमात्र उद्देश्य और मिशन है| जलवायु संकट की वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए तथा जीव-जगत को.....

img

गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में तीन दिवसीय युवा सम्मेलन का आज समापन

क्षमता का विकास करने का सर्वोत्तम समय युवावस्था - डॉ पण्ड्याराष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के युवाओं को तीन दिवसीय सम्मेलन का समापनहरिद्वार 17 अगस्त।गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में तीन दिवसीय युवा सम्मेलन का आज समापन हो गया। इस सम्मेलन में राष्ट्रीय राजधानी.....

img

देसंविवि के नये शैक्षिक सत्र का शुभारंभ करते हुए डॉ. पण्ड्या ने कहा - कर्मों के प्रति समर्पण श्रेष्ठतम साधना

हरिद्वार 26 जुलाई।देसंविवि के कुलाधिपति श्रद्धेय डॉ. प्रणव पण्ड्या ने विश्वविद्यालय के नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के नये शैक्षिक सत्र का शुभारंभ के अवसर पर गीता का मर्म सिखाया। इसके साथ ही विद्यार्थियों के विधिवत् पाठ्यक्रम का पठन-पाठन का क्रम की शुरुआत.....