img


  •  शांतिकुंज का विशाल सेवा दल
१७ अगस्त को शांतिकुंज से ४५ सदस्यीय विशाल दल उत्तराखंड में आयोजित होने वाली प्रतिष्ठित नंदादेवी राजजात यात्रा में सेवाएँ प्रदान करने के लिए रवाना हो गया। शांतिकुंज व्यवस्थापक आदरणीय श्री गौरीशंकर शर्मा जी ने उसे हरी झंडी दिखाकर समारोह पूर्वक विदाई दी। यह यात्रा १८ अगस्त को नौटी से आरंभ होकर ९ सितम्बर को पुनः नौटी पहुँचकर ही समाप्त होगी। इस दृष्टि से शांतिकुंज दल १५ अगस्त को ही रवाना हो रहा था, लेकिन मौसम अचानक खराब होने से यह दो दिन बाद रवाना हो सका। 

आदरणीय डॉ. प्रणव पण्ड्या जी एवं आदरणीया शैल जीजी ने दल में शामिल कार्यकर्त्ताओं को रवाना होने से पहले अपनी मंगलकामनाएँ और आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि हम युग निर्माणी हैं, इस तथ्य का सदैव ध्यान रखना है। भोजन, चिकित्सा, आपदा प्रबंधन जैसी सेवाओं के साथ अपने उत्कृष्ट आचरण और गुरुदेव के विचारों से लोगों की आस्था को युग की माँग के अनुरूप सही दिशा दे सके तो यह हमारे लिए बड़ी सफलता होगी। देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान मानी जाने वाली इस यात्रा की गरिमा को सँवारने तथा निखारने के लिए हमें सदैव प्रयत्नशील रहना है। उल्लेखनीय है कि इसे देखने और इसमें शामिल होने के लिए देश-विदेश से लोग आते हैं। 

शांतिकुंज का यह सेवा दल वहाँ १०,००० लोगों को भोजन कराने के साथ उन्हें चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराने, आपदा की घड़ी में सेवा के लिए सदैव तत्पर रहने जैसी तैयारियों के साथ रवाना हुआ है। यह दल जेनरेटर वाहन और जल के टैंकर सहित ७ गाड़ियों में सारी व्यवस्थाएँ साथ लेकर गया है। भोजनालय प्रभारी श्री जमना प्रसाद विश्वकर्मा के अनुसार यात्रियों और मेले में आये लोगों के लिए भोजन पकाने तथा भोजन कराने की व्यवस्था को छोटे-बड़े सभी साधन अपने साथ लेकर दल रवाना हुआ है।  

शांतिकुंज दल यात्रा के प्रारंभिक स्थल नौटी, जहाँ विशाल मेला लगता है, में भोजन सहित विभिन्न सेवाएँ प्रदान करेगा। इसके बाद महत्वपूर्ण संपर्क मार्गों पर सेवाएँ प्रदान की जायेंगी। 



Write Your Comments Here:


img

गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में तीन दिवसीय युवा सम्मेलन का आज समापन

क्षमता का विकास करने का सर्वोत्तम समय युवावस्था - डॉ पण्ड्याराष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के युवाओं को तीन दिवसीय सम्मेलन का समापनहरिद्वार 17 अगस्त।गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में तीन दिवसीय युवा सम्मेलन का आज समापन हो गया। इस सम्मेलन में राष्ट्रीय राजधानी.....

img

दे.स.वि.वि. के ज्ञानदीक्षा समारोह में भारत के 22 राज्य एवं चीन सहित 6 देशों के 523 नवप्रवेशी विद्यार्थी हुए दीक्षित

जीवन खुशी देने के लिए होना चाहिए ः डॉ. निशंकचेतनापरक विद्या की सदैव उपासना करनी चाहिए ः डॉ पण्ड्याहरिद्वार 21 जुलाई।जीवन विद्या के आलोक केन्द्र देवसंस्कृति विश्वविद्यालय शांतिकुंज के 35वें ज्ञानदीक्षा समारोह में नवप्रवेशार्थी समाज और राष्ट्र सेवा की ओर.....

img

देसंविवि की नियंता एनईटी (योग) में 100 परसेंटाइल के साथ देश भर में आयी अव्वल

देसंविवि का एक और कीर्तिमानहरिद्वार 19 जुलाईदेव संस्कृति विश्वविद्यालय ने एनईटी (नेशनल एलीजीबिलिटी टेस्ट -योग) के क्षेत्र में एक और कीर्तिमान स्थापित किया है। देसंविवि के योग विज्ञान की छात्रा नियंता जोशी ने एनईटी (योग)- 2019 की परीक्षा में 100.....