समाज और पर्यावरण का अद्भुत सम्बन्ध है। पर्यावरण संरक्षण के बिना समाज का रक्षण सम्भव नहीं। ग्लोबल वार्मिंग और असंतुलित पर्यावरण आज समाज के लिए चिन्ता का विषय बना हुआ है। ऐसे में सरकार से लेकर सामाजिक संगठन एवं कॉर्पोरेट जगत तक सभी इसके लिए चिन्तित हैं। देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के पर्यटन प्रबन्धन द्वारा पर्यावरण जागृति अभियान एवं माइ अर्थ- माइ ड्यूटी कार्यक्रम के अन्तर्गत आज विश्वविद्यालय परिसर में स्थित श्रीराम भवन में संगोष्ठी का आयोजन संपन्न हुआ। संगोष्ठी के शुभारम्भ के अवसर पर उत्तराखण्ड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो० महावीर अग्रवाल, देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति शरद पारधी एवं जी मीडिया ग्रुप के श्री रोहित ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपने विचार व्यक्त किए।

देसंविवि के कुलपति शरद पारधी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण में युवा वर्ग को जुड़ना एक अच्छी पहल है। जिस देश के युवा समाज की समस्याओं से रूबरू होकर जागरूक हो जाएँ, वह देश अवश्य प्रगति करता है। उन्होंने देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के संरक्षक संस्था शांतिकुंज द्वारा चलाये जा रहे वृक्षगंगा अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि पूरे देश में एक करोड़ वृक्षों के रोपण एवं संरक्षण की अभिनव योजना चलायी जा रही है। उन्होंने कहा कि देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के एनएसएस, स्काउट एण्ड गाइड के छात्रों द्वारा प्रत्येक सप्ताह एवं विशेष पर्वों पर वृक्ष लगाने आस पास के गाँवों में जाते हैं।

 


Write Your Comments Here:


img

गुरु पूर्णिमा पर्व प्रयाज

गुरु पूर्णिमा पर्व पर online वेब स्वाध्याय के  कार्यक्रम इस प्रकार रहेंगे समस्त कार्यक्रम freeconferencecall  मोबाइल app से होंगे ID : webwsadhyay रहेगा 1 गुरुवार  ७ जुलाई २०२२ : कर्मकांड भास्कर से गुरु पूर्णिमा.....

img

ऑनलाइन योग सप्ताह आयोजन द्वादश योग :गायत्री योग

परम पूज्य गुरुदेव द्वारा लिखित पुस्तक  गायत्री योग, जिसके अंतर्गत द्वादश योग की चर्चा की गई है, का ऑनलाइन वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से पांच दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया| इस कार्यक्रम में विशेष आकर्षण वीडियो कांफ्रेंस.....

img

गृह मंत्री अमित शाह बोले- वर्तमान एजुकेशन सिस्टम हमें बौद्धिक विकास दे सकता है, पर आध्यात्मिक शांति नहीं दे सकता

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हम उन गतिविधियों का समर्थन करते हैं जो हमारे देश की संस्कृति और सनातन धर्म को प्रोत्साहित करती हैं। पिछले 50 वर्षों की अवधि में, हम हम सुधारेंगे तो युग बदलेगा वाक्य.....