देवसंस्कृति विश्वविद्यालय एवं इटली के सेंट्रो भक्ति वेदान्त के बीच हुआ एमओयू

देवभूमि हरिद्वार स्थित देवसंस्कृति विश्वविद्यालय अपने नित नये प्रयोग के चलते अल्पकाल में ही विश्व स्तरीय पहचान बना चुका है। योग विभाग की विशेषताओं के कारण विश्व के कई देशों से प्रशिक्षणार्थी योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा आदि विषय का प्रशिक्षण लेने देसंविवि आते हैं। पिछले दो वर्षों से इटली के सेंट्रों स्टडी भक्ति वेदांत के अध्यक्ष डॉ बोनी के नेतृत्व में एक दल योग, अध्यात्म एवं प्राकृतिक चिकित्सा को जानने एवं समझने के लिए हरिद्वार आता रहा है। इसी कड़ी में २४ सदस्यीय दल देसंविवि पहुँचा। यह दल ३० अगस्त तक यहाँ रहकर ध्यान, हवन, योग, प्राणायाम, प्राकृतिक चिकित्सा आदि विषयों पर अध्ययन करेगा। यह दल पं० श्रीराम शर्मा आचार्य जी की विचारधारा पर देसंविवि में किये जा रहे यज्ञोपैथी उपचार पर जानकारियाँ प्राप्त करेगा।

इटली से आये दल के नायक डॉ बोनी ने कहा कि आधुनिक शिक्षा के साथ वैदिक और वैज्ञानिक अध्यात्मवाद का अद्भुत समन्वय देवसंस्कृति विश्वविद्यालय की मौलिक विशेषता है। यहां शिक्षा के साथ विद्या भी सिखाई जाती है। 

विश्वविद्यालय का उद्देश्य छात्रों को भारतीय संस्कृति का संवाहक राष्ट्रनिर्माता बनाना है। प्रतिकुलपति डॉ चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि आज पूरी दुनिया की नजर भारत की ओर है, देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपिता युगऋषि पं० श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा दिये गये विचार आज समग्र विश्व में समाधान के रूप में देखे जा रहे हैं। दल सदस्यों ने भारतीय संस्कृति के गुणों पर आधारित मानवीय उत्कर्ष एवं शारीरिक स्वस्थता आदि पर देसंविवि के प्रतिकुलपति डॉ चिन्मय पण्ड्या के निर्देशन में विभिन्न विषय विशेषज्ञों से बारिकियों को समझ रहे हैं। विश्व की कई सुप्रसिद्ध शैक्षणिक संस्थानों से एमओयू साइन हो चुके हैं। इसी क्रम में देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. प्रणव पण्ड्या जी व सेण्ट्रो स्टडी भक्ति वेदान्त के डॉ. बोनी के बीच आज एमओयू साइन हुए। 



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