img


  • ‘स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत’ अभियान चलाकर राष्ट्रीय योजना में भरपूर योगदान देने की शपथ ली
शांतिकुंज के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने कहा स्वच्छ  और सभ्य समाज का निर्माण स्वच्छ मन वाले नागरिकों से ही संभव है। परम पूज्य गुरुदेव ने जन-जन में आध्यात्मिक आस्था जगाकर लोगों के मन को स्वच्छ करने का महान क्रांतिकारी कार्य किया है। गायत्री परिवार ने देश से जाति, वर्ग, संप्रदाय, समुदाय का भेद मिटाया है। लोगों के मन में प्रेम, सहयोग, सेवा, स्वच्छता का भाव विकसित किया है। युग निर्माण आन्दोलन एक महान अभियान है, स्वच्छता उसका पहला चरण है। आगामी दिनों में हम गुरुदेव की योजनाओं का इसी प्रकार व्यापक विस्तार देखेंगे। 

बापू और शास्त्री जी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए २ अक्टूबर को शांतिकुंज में  श्रद्धांजलि समारोह आयोजित हुआ। इसमें वरिष्ठ कार्यकर्त्ताओं की उपस्थिति में आदरणीय डॉ. प्रणव पण्ड्या जी, आदरणीय श्री वीरेश्वर उपाध्याय जी एवं श्री केसरी कपिल जी ने दोनों महापुरुषों के जीवन की शिक्षाओं की व्याख्या की। इस अवसर पर राष्ट्र निर्माण में परम पूज्य गुरुदेव की भूमिका की चर्चा भी विस्तार से हुई। 

आदरणीय डॉ. साहब ने गाँधी जी के तीन गुण सत्य, संतत्व और सविनय अवज्ञा; शास्त्री जी के तीन गुण सादगी, संयम और सदाचार की विशेष रूप से चर्चा की। इन गुणों को अपनाते हुए राष्ट्र के उत्थान के लिए कृतसंकल्प प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रयासों की सराहना की। 

आदरणीय डॉ. प्रणव पण्ड्या जी ने सभा के अंत में उपस्थित कार्यकर्त्ताओं को शपथ दिलाने के साथ अखिल विश्व गायत्री परिवार से स्वच्छ समाज के निर्माण के लिए सप्ताह में दो घंटे श्रमदान करने का आह्वान किया। सभा संचालन करते हुए श्री कालीचरण शर्मा ने भी प्रेरित किया। 


Write Your Comments Here: