img

एक गंदे नाले का रूप ले चुकी १६० किलोमीटर लम्बी पंजाब की एक नदी कालीबेई को निर्मल बनाने का चमत्कार कर दिखाने वाले बाबा बलवीर सिंह सींचेवाल इन दिनों एक पर्यावरणविद के रूप में विख्यात् हो चुके हैं। एक समय था जब वे कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने से पहले ही नानक की पढ़ाई पढ़ने चल पड़े थे। गुरुबानी का उनके जीवन पर एेसा प्रभाव पड़ा कि पंजाब खुशहाल हो गया। इस सच्चे संत की साहसी पहल और सच्ची भक्ति ने वह चमत्कार कर दिखाया जो आज ‘निर्मल भारत- स्वस्थ भारत’ और ‘नदियों की स्वच्छता’ जैसे कार्यों को दुष्कर मानने वालों को आइना दिखा रहा है।

गुरुबानी से संत सींचेवाल ने एक ही बात सीखी, वह थी समाज की सेवा करते हुए उनका जीवन स्तर ऊँचा उठाना। अपने गुरुआें का अनुसरण करते हुए उन्होंने इसी मार्ग से परमात्मा की पूजा की।

संत सींचेवाल ने गाँवों की टूटी सड़कों के निर्माण की पहल स्वयं से ही आरंभ कर दी। उनकी प्रेरणा से गाँव- गाँव कार सेवा का क्रम चल पड़ा। लोगों की उनके प्रति आस्था बढ़ती चली गयी।

सन २००७ में उनका ध्यान कालीबेई की आेर गया। कभी यह एक सदानीरा नदी थी जिसके किनारे नानक देव जी ने एक बेरी का पेड़ लगाकर 14 वर्ष 9महीने 13 दिन साधना की थी। जपुजी साहब की रचना उन्होंने इसी नदी के किनारे की थी। उस पवित्र नदी ने कचरा डंप करने के लिए उपयुक्त आज गंदे नाले का रूप ले लिया था। इसके किनारों पर खूब अतिक्रमण हुआ था। इसे साफ करना एक असंभव- सा चुनौतीपूर्ण कार्य था।

संत सींचेवाल ने लोगों को गुरुबानी बतायी। गुरुबानी कहती है- एक जीव की रक्षा करना ६८ तीर्थों में स्नान करने से ज्यादा पुण्यदायी है। उन्होंने लोगों को नदी के गंदे जल का प्रयोग खेतों की सिंचाई में कर उसे स्वच्छ बनाने के लिए प्रेरित किया। दैवी चेतना के प्रभाव से अतिक्रमण हटाने में भी सफलता पायी। स्वयं हजारों कार सेवकों के साथ कालीबेई की गंदगी साफ करने कीचड़ में ऐसे उतरे कि दो वर्षों में उसे निर्मल बनाकर ही छोड़ा।

आज वे और उनके हजारों अनुयायी प्रसन्न हैं। गंदे पानी से की गयी सिंचाई से कालीबेई ही साफ नहीं हुई, फसलों की पैदावार बढ़ गयी और क्षेत्र का जलस्तर ऊँचा उठ गया। नानक देव जी की साधना की साक्षी कालीबेई फिर से निर्मल जल से भर गयी, तट स्वच्छ हो गये। क्षेत्र में नदारद हो गये पशु, पक्षियों की संख्या बढ़ गयी। आज गुरुबानी की शिक्षा ग्रहण करने वाले कहते हैं- हम प्रसन्न हैं कि हम इंसानों के साथ चिड़िया, जानवर, जलजंतुआें की सेवा में अपने समय का सदुपयोग कर रहे हैं।


Write Your Comments Here:


img

anganwadi स्कूल मैं जाके गायत्री मंत्र और गायत्री माँ के चम्त्कार् के बारे मैं बताया

मैं यशवीन् मैंने आज राजस्थान के barmer के बालोतरा मैं anganwadi स्कूल मैं जाके गायत्री माँ के बारे मैं बच्चों को जागरूक किया और वेद माता के कुछ बातें बताई और महा मंत्र गायत्री का जाप कराया जिसे आने वाले.....

img

युग निर्माण हेतु भावी पीढ़ी में सुसंस्कारों की आवश्यकता जिसकी आधारशिला है भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा -शांतिकुंज प्रतिनिधि आ.रामयश तिवारी जी

वाराणसी व मऊ उपजोन की *संगोष्ठी गायत्री शक्तिपीठ,लंका,वाराणसी के पावन प्रांगण में संपन्न* हुई।जहां ज्ञान गंगा की गंगोत्री,*महाकाल का घोंसला,मानव गढ़ने की टकसाल एवं हम सभी के प्राण का केंद्र अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज,हरिद्वार* से पधारे युगऋषि के अग्रज.....

img

Yoga Day celebration

Yoga day celebration in Dharampur taluka district ValsadGaytri pariwar Dharampur.....