बेस्ट जूडोका खिताब पुरुर्ष वर्ग में भूपेन्दर सिंह, महिला वर्ग में मणीपुर की सुशीला देवी को मिला, खिलाड़ी जीते पदक, तो कुंभनगरी ने जीता खिलाड़ियों का दिल

हरिद्वार के देवसंस्कृति विश्वविद्यालय में चल रहे सीनियर जूडो राष्ट्रीय चैम्पियनशिप २०१४-१५ का आज समापन हो गया। इस चैम्पियनशिप के पुरुष वर्ग में एसएससीबी ने सर्वोत्तम अंक १९ जुटाये, तो वहीं दूसरे स्थान पर एआईपीसीबी १३ अंक के साथ रहे। महिला वर्ग में मणीपुर व एआईपीसीबी ने संयुक्त रूप से १६ अंक मिला। इस चैैम्पियनशिप में भारतवर्ष के २८ राज्यों व ६ विभिन्न सर्विसेस की टीमों ने प्रतिभाग किया। महिला व पुरुष वर्ग के सात-सात वर्ग में खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया।

चैम्पियनशिप में पुरुष वर्ग में आल ओवर चैम्पियनशिप के विजेता एसएससीबी को दो गोल्ड, तीन रजत के साथ १९ अंक मिले, तो वहीं एआईपीसीबी उपविजेता रहे। महिला वर्ग में आल ओवर चैम्पियनशिप मणीपुर ने तीन गोल्ड, एक ब्राउंज के साथ १६ अंक जुटाकर विजेता बनी, तो वहीं एआईपीसीबी ने दो गोल्ड, दो रजत के साथ १६ अंक लेकर उपविजेता रही।

बेस्ट जूडोका सीनियर पुरुष वर्ग में पंजाब के भूपेन्दर सिंह को तथा महिला वर्ग में मणीपुर की सुशीला देवी को चुना गया। उन्हें उनके सर्वोत्तम खेल भावना व सबसे ज्यादा अंक प्राप्त होने पर ये खिताब से नवाजे। देवभूमि उत्तराखंड स्थित देवसंस्कृति विश्वविद्यालय में हुए सीनियर जूडो चैम्पियनशिप में ७ गोल्ड, ७ सिल्वर व १४ ब्राउंज महिला व पुरुष खिलाड़ियों ने जीता। पर कुंभनगरी के पारिवारिक माहौल ने सभी खिलाड़ियों का दिल जीत लिया।

पुरुष वर्ग में प्राप्त पदकों व अंकों की संख्या-

राज्य                गोल्ड         सिल्वर       ब्राउंच         कुल अंक

बीएसएफ-            ०१           ०१           ०१           ०९

सीआईएसएफ-        ००           ०१           ०१           ०४

सीआरपीएफ-         ००           ००           ०२           ०२

दिल्ली-              ००           ००           ०३           ०३

हरियाणा             ००           ०१           ००           ०३

आईटीबीपी           ००           ०१           ०१           ०४

एआईपीएससीबी      ०२           ००           ०३           १३ द्वितीय

पंजाब               ०२           ००           ०१           ११

एसएससीबी          ०२           ०३           ००           १९ प्रथम

उप्र                  ००           ००            ०२           ०२

 टोटल-            ०७            ०७           १४           ७०

 

महिला वर्ग में पदकों व अंकों की संख्या,

सीआईएसएफ        ००           ००           ०२           ०२

सीआरपीएफ         ००           ०२           ०१           ०७

चंडीगढ़              ००           ००           ०१           ०१          

दिल्ली               ००           ००           ०१           ०१

हिमाचल             ००           ००           ०१           ०१

हरियाणा             ००           ००           ०१           ०१

जम्मू कश्मीर        ०१           ००           ०१           ०६

कर्नाटक              ०१           ०२           ००           ११

मणीपुर                 ०३           ००           ०१           १६  प्रथम

मेघालय             ००           ०१           ००           ०३

मिजोरम             ००           ००           ०१           ०१

एआईपीएससीबी      ०२           ०२           ००           १६ द्वितीय

पंजाब               ००           ००           ०२           ०२

एसएसबी            ००           ००           ०१           ०१

उत्तराखंड            ००           ००           ०१           ०१

टोटल-                ०७            ०७           १४           ७०

उत्तराखंड को एकमात्र पदक स्नेहा ने दिलाया

उत्तराखंड पौड़ी की बेटी स्नेहा तडयाल ने एकमात्र पदक मेजबान राज्य को दिलाया। स्नेहा तडयाल अपनी छोटी बहिन से प्रेरणा लेकर जूडो करना सीखा। डिपेन्स में सेवारत राजेन्द्र सिंह व लाजवंती सिंह की चार बेटियों में सबसे बडी स्नेहा उत्तराखंड पुलिस में नौकरी करती हैं। उनकी तीनों बहिन सुचिका, शालिनी, तविता भी जूडो की अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी हैं। स्नेहा ने राष्ट्रीय स्तर पर अब तक ६ गोल्ड, ०२ सिल्वर व ४ ब्राउंच अपने नाम कर चुकी है। इसके अलावा उन्होंने यमन, जापान व दुबई में हुए जूडो प्रतियोगिता में भी जौहर दिखाया, पर उसमें मामूली अंतर से पदक प्राप्त करने में चूक गयी। उनकी तीनों बहिनों को भी जूडो की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अनुभव है। देवसंस्कृति विश्वविद्यालय में हुए चैम्पियनशिप में चारों बहिनों ने अलग-अलग वर्ग में प्रतिभाग किया।
खेल भावना है समस्त अध्यात्म का सार - स्वामी कैलाशानंद
 


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